क्या भारत-कतर के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 28 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है?
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत और कतर अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर वर्तमान 14 अरब डॉलर से 2030 तक 28 अरब डॉलर करने की दिशा में कार्य कर सकते हैं। यह जानकारी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दी।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी के साथ आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग पर कतर-भारत ज्वाइंट कमीशन की सह-अध्यक्षता की।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना, मौजूदा व्यापार बाधाओं का समाधान करना और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के नए अवसरों की पहचान करना था।
दोनों पक्षों ने एक महत्वाकांक्षी भारत-कतर समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कतर के ऊर्जा निर्यात की सराहना की, जिसमें 2028 से प्रति वर्ष 7.5 मिलियन टन एलएनजी आपूर्ति का दीर्घकालिक समझौता भी शामिल है। गोयल ने भारत के निर्यात को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "दोहा में भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमें अपने आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग कर मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों का लाभ उठाकर साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में प्रेरित किया।"
दोनों पक्षों के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें व्यापार और आर्थिक संबंधों की समीक्षा की गई।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने पर्ल आइलैंड स्थित लुलु मॉल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के लॉन्च इवेंट में भाग लिया, जो कतर के साथ भारत की डिजिटल साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह प्रवासी भारतीयों एवं स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध डिजिटल लेनदेन को सक्षम बनाएगा।