पीयूष गोयल: भारत के FTA से $85 ट्रिलियन GDP वाले बाज़ारों तक प्राथमिकता पहुँच अगले डेढ़ साल में
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'दिल्ली डायलॉग: भविष्य के लिए तैयार भारत की नीतियाँ' सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत द्वारा हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से देश को अगले डेढ़ वर्ष के भीतर उन विकसित देशों के बाज़ारों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुँच मिलेगी, जिनकी संयुक्त GDP $85 ट्रिलियन है। गोयल ने इसे भारत के लिए नौकरियों, स्टार्टअप्स और युवाओं हेतु ऐतिहासिक अवसर बताया।
भारत की वैश्विक व्यापार महत्वाकांक्षा
गोयल ने सम्मेलन में कहा, 'हम ग्लोबल मार्केट का हिस्सा बनना चाहते हैं और लोगों, नौकरियों, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए मौके बनाना चाहते हैं।' उन्होंने इसके लिए दोहरी रणनीति का उल्लेख किया — दुनिया की बेहतरीन तकनीक को अपनाना और उन क्षेत्रों की पहचान करना जिनमें रोज़गार व व्यापार विस्तार की सबसे अधिक संभावना है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार वार्ता के विभिन्न चरणों में है।
भारत की आर्थिक ताकत — FTA वार्ता का आधार
व्यापार वार्ता में भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए गोयल ने कहा, 'ट्रेड डील पर बातचीत में मेरा पक्ष बहुत सीधा है। आज हम $4 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था हैं और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार हमारी क्रय शक्ति पहले से ही $16 ट्रिलियन है।' उन्होंने 1.4 अरब की जनसंख्या, जनसांख्यिकीय लाभ और तेज़ विकास दर को भारत की विशेष ताकत बताया।
गोयल के अनुसार यही कारण है कि कई विकसित अर्थव्यवस्थाएँ — जो बुजुर्ग आबादी और धीमी वृद्धि दर की चुनौतियों से जूझ रही हैं — भारत के साथ व्यापार संबंध मज़बूत करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा — किसान, मछुआरे और MSME
गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि FTA वार्ता से पहले सरकार संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार करती है। इसमें विशेष रूप से किसान, मछुआरे और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) शामिल होते हैं। मंत्री ने कहा कि यह तय करने से पहले कि किन क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोला जाए, सरकार उनके आर्थिक प्रभाव का सावधानीपूर्वक आकलन करती है।
गौरतलब है कि अतीत में भारत के FTA वार्ताओं में कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्रों को लेकर घरेलू विरोध सबसे बड़ी बाधा रहा है — सरकार की यह नीतिगत प्रतिबद्धता उसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
पर्यटन — AI-प्रूफ विकास का अवसर
उन्होंने विकास क्षेत्र के उदाहरण के तौर पर पर्यटन का उल्लेख किया और कहा, 'जरा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में सोचिए। यह AI-प्रूफ है। AI सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देने की क्षमता को बेहतर बना सकता है।' उनका आशय था कि यात्रा और आतिथ्य जैसे मानव-केंद्रित उद्योगों में स्वचालन रोज़गार को प्रतिस्थापित करने के बजाय उसे बढ़ाएगा।
वार्ता का सिद्धांत — परस्पर सम्मान
गोयल ने FTA वार्ता के अपने मूल दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा, 'ज़्यादातर बातचीत मैं एक बुनियादी नियम के साथ शुरू करता हूँ: आप मेरी संवेदनशीलता का सम्मान करें, मैं आपकी संवेदनशीलता का सम्मान करूँगा।' उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण जटिल द्विपक्षीय वार्ताओं को सहज बनाने में सहायक रहा है।
आने वाले महीनों में भारत के FTA वार्ताओं की गति और उनके ठोस परिणाम ही यह निर्धारित करेंगे कि $85 ट्रिलियन के बाज़ार तक पहुँच का यह वादा कितना व्यावहारिक साबित होता है।