भारत के FTA से वैश्विक GDP के 76% बाजार तक पहुंच, पीयूष गोयल बोले — 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य संभव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इनवेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में घोषणा की कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के चलते देश को अब लगभग 115 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक अर्थव्यवस्था के 76 प्रतिशत हिस्से तक वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय आठ अतिरिक्त द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जिनसे लगभग 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त वैश्विक बाजार पहुंच और जुड़ सकती है।
FTA से कितनी मिली बाजार पहुंच
गोयल ने विस्तार से बताया कि भारत के मौजूदा व्यापार समझौतों ने देश को 70 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक जीडीपी वाले बाजारों तक वरीयता प्राप्त पहुंच दिलाई है। इनमें से 10 ट्रिलियन डॉलर की पहुंच पुराने समझौतों से मिली, जबकि हाल के वर्षों में संपन्न नौ नए व्यापार समझौतों के माध्यम से 60 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त बाजार पहुंच हासिल हुई है।
गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वैश्विक व्यापार वृद्धि दर केवल 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसके बावजूद गोयल ने कहा कि भारत ने चालू वर्ष में 15 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
भारत की आर्थिक यात्रा: 'फ्रेगाइल फाइव' से पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक
मंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि एक दशक पहले जो देश 'फ्रेगाइल फाइव' देशों में शामिल था, वह आज दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से विस्तार करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष देश की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही, जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत दर्ज हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि 7 प्रतिशत से ऊपर रहेगी।
तेलंगाना का 3 ट्रिलियन डॉलर का सपना और ऐतिहासिक संदर्भ
गोयल ने तेलंगाना की लगभग 200 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को 'पूरी तरह संभव' बताया। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उद्योग जगत, निवेशकों और नागरिकों की साझी भागीदारी से यह लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए उन्होंने 1244 ई. में काकतीय शासक गणपति देव द्वारा जारी समुद्री व्यापार चार्टर मोटुपल्ली अभय शासना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युग में भी व्यापार के लिए स्थिरता और नीतिगत स्पष्टता को प्राथमिकता दी जाती थी — और आज के निवेशक भी इसी नीति निरंतरता और भरोसे की अपेक्षा रखते हैं।
तेलंगाना की संभावनाएँ: दवा से AI तक
गोयल ने तेलंगाना को दवा उद्योग, एयरोस्पेस एवं रक्षा, मूल्यवर्धित कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विकास, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में अपार संभावनाओं वाला राज्य बताया। साथ ही उन्होंने राज्य के जीआई-टैग उत्पादों — तंदूर अरहर दाल, चटपटा मिर्च और निजामाबाद हल्दी — को ट्रेसेबिलिटी, बेहतर पैकेजिंग और मजबूत ब्रांडिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का प्रीमियम मूल्य मिल सके।
यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारत के FTA विस्तार की रफ्तार वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच एक रणनीतिक बढ़त के रूप में उभर रही है। आने वाले महीनों में नए समझौतों का निष्कर्ष भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाओं की कसौटी होगा।