बनासकांठा में PM मोदी की 'खाटला बैठक': किसानों-पशुपालकों संग संवाद, भिलडी में ABRC का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने भिलडी स्थित एनिमल ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (ABRC) का उद्घाटन किया और किसानों व पशुपालकों के साथ विशेष 'खाटला बैठक' की। इस दौरे ने स्थानीय समुदाय में असाधारण उत्साह भर दिया — कई निवासियों ने इस मौके की तुलना दीपावली के उत्सव से की।
खाटला बैठक: परंपरा से जुड़ा अनूठा संवाद
इस कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि वीआईपी जोन में सोफे और कुर्सियों की जगह पारंपरिक चारपाइयाँ (खाटले) लगाई गईं। आमंत्रित किसान और पशुपालक इन्हीं खाटलों पर बैठकर सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कर सके। यह पहल ग्रामीण संस्कृति और सादगी को सम्मान देने के प्रतीक के रूप में देखी गई, और इसने राजनीतिक आयोजनों की औपचारिक परंपरा से अलग एक जनसंपर्क का नया तरीका पेश किया।
स्थानीय महिलाओं और पशुपालकों का उत्साह
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद चहुबेन ने कहा, 'आजकल हर कार्यक्रम में कुर्सियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन यहाँ प्रधानमंत्री खाटला बैठक करने वाले हैं। यह हमारी संस्कृति से जुड़ी बात है। यहाँ की तैयारियों और व्यवस्था को देखकर हमें बहुत खुशी हो रही है।'
गीताबेन ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा, 'आज प्रधानमंत्री बनासकांठा के लोगों से मिलने आ रहे हैं। हमारे लिए यह दीपावली के उत्सव जैसा है। ऐसा लग रहा है जैसे दीपावली पहले ही आ गई हो।' गीताबेन ने ABRC के उद्घाटन को भी क्षेत्र के पशुपालकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
एक अन्य महिला पशुपालक ने कहा कि उनके गाँव में मेहमानों के लिए खाटला लगाने की पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। उनकी योजनाओं के कारण आज हमारे हर घर में जल पहुँचा है और पशुपालकों की आय में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।'
ABRC उद्घाटन का महत्त्व
भिलडी में स्थापित एनिमल ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (ABRC) का उद्घाटन इस दौरे का केंद्रबिंदु रहा। बनासकांठा पशुपालन और डेयरी उद्योग के लिए जाना जाता है, और यह केंद्र क्षेत्र के किसानों को उन्नत पशु नस्ल सुधार तकनीक और शोध-आधारित सहायता उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि बनासकांठा बनास डेयरी का गढ़ है, जो एशिया की सबसे बड़ी दुग्ध सहकारी संस्थाओं में से एक मानी जाती है।
आम जनता पर असर
इस दौरे का सीधा प्रभाव जिले के हजारों पशुपालक परिवारों पर पड़ेगा। ABRC जैसे केंद्र न केवल पशु नस्ल सुधार में मदद करते हैं, बल्कि दूध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'श्वेत क्रांति 2.0' और पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक अपनाने पर ज़ोर दे रही है।
आगे क्या
बनासकांठा दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात में आगे के कार्यक्रमों में शामिल होना बताया जा रहा है। ABRC के संचालन से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश और लाभार्थी चयन की प्रक्रिया आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। क्षेत्र के पशुपालक इस केंद्र से मिलने वाली तकनीकी सहायता को लेकर आशान्वित हैं।