8 अक्टूबर 2026
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पीयूष गोयल का ऐलान: भारत इस वित्त वर्ष हासिल करेगा 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य, 16% वृद्धि का अनुमान

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पीयूष गोयल का ऐलान: भारत इस वित्त वर्ष हासिल करेगा 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य, 16% वृद्धि का अनुमान

सारांश

वैश्विक व्यापार सुस्त है, पर भारत की महत्वाकांक्षा नहीं। पीयूष गोयल ने सीआईआई समिट में दावा किया कि 863 अरब डॉलर से सीधे 1 ट्रिलियन डॉलर — यानी 16% छलांग — यह सिर्फ सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि 6.3 करोड़ MSME और 2.5 लाख स्टार्टअप का संकल्प है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 8 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि भारत चालू वित्त वर्ष में 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य रखता है।
पिछले वित्त वर्ष में निर्यात 863 अरब डॉलर रहा था; नया लक्ष्य सालाना 16 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।
वैश्विक व्यापार वृद्धि दर केवल 2.5–3% और वैश्विक GDP वृद्धि 3% से कम रहने का अनुमान।
लक्ष्य में 6.3 करोड़ MSME और लगभग 2,50,000 स्टार्टअप की भागीदारी शामिल।
RBI ने भारत की 7% से अधिक विकास दर का अनुमान बरकरार रखा है।
डिजिटल इंडिया से पिछले 12 वर्षों में देश को ₹5 लाख करोड़ की बचत का दावा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि भारत चालू वित्त वर्ष में 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की राह पर है। पिछले वित्त वर्ष में देश ने 863 अरब डॉलर का निर्यात किया था, और इस बार का लक्ष्य सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

मुख्य घोषणा और संदर्भ

गोयल ने 31वें सीआईआई (CII) पार्टनरशिप समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, 'जब दुनिया दीवारें (टैरिफ) बना रही थी, तब भारत पुल (एफटीए) बना रहा था।' यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक व्यापार में सुस्ती का दौर जारी है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के इस वर्ष केवल 2.5 से 3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर भी 3 प्रतिशत से कम रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में भारत का 16 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य वैश्विक औसत से कई गुना महत्वाकांक्षी है।

व्यापक भागीदारी का दावा

मंत्री गोयल ने जोर देकर कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे भारत का है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 6.3 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), बड़े और छोटे उद्योग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और लगभग 2,50,000 स्टार्टअप भागीदार हैं। यह तथ्य दर्शाता है कि निर्यात वृद्धि का आधार केवल कुछ बड़े कॉर्पोरेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें जमीनी स्तर तक फैली हैं।

आरबीआई का समर्थन और आर्थिक परिदृश्य

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भी चालू वर्ष के लिए अपने विकास अनुमान बढ़ा दिए हैं। केंद्रीय बैंक का भरोसा है कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर बनाए रखेगा और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा कायम रखेगा। यह समर्थन निर्यात लक्ष्य की विश्वसनीयता को और मज़बूती देता है।

मोदी सरकार की नीतिगत उपलब्धियाँ

गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण करने का उल्लेख करते हुए इसे निरंतर जन-सेवा और सुशासन का रिकॉर्ड बताया, जिसका अंतिम उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण का भी संदर्भ दिया और कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान की बदौलत पिछले 12 वर्षों में देश को ₹5 लाख करोड़ की बचत हुई है।

नीतिगत सुधारों के उदाहरण के रूप में गोयल ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लागू होने — जिसने देशभर की अलग-अलग कर प्रणालियों को एक ढाँचे में समेटा — और क्षेत्रीय विद्युत ग्रिड को राष्ट्रीय ग्रिड में एकीकृत करने का विशेष उल्लेख किया।

आगे की राह

भारत का 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य उस व्यापक आर्थिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में देश की हिस्सेदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। यह देखना होगा कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की रणनीति और घरेलू उत्पादन को मिलने वाला बढ़ावा इस लक्ष्य को वास्तविकता में बदल पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है कि भारत ने इस आँकड़े का उल्लेख किया हो — पिछले कई वर्षों में यह मील का पत्थर बार-बार 'अगले साल' की श्रेणी में खिसकता रहा है। असली सवाल यह है कि क्या माल और सेवाओं के निर्यात का संयुक्त आधार वाकई इस रफ्तार से बढ़ रहा है, या यह आँकड़ा सेवा निर्यात की चौड़ी परिभाषाओं पर टिका है। वैश्विक व्यापार में सुस्ती और टैरिफ-युद्ध के बीच FTA की रणनीति सही दिशा में है, परंतु क्रियान्वयन की गति और MSME की वास्तविक निर्यात-तैयारी पर स्वतंत्र सत्यापन के बिना यह लक्ष्य अभी एक आत्मविश्वासी भाषण से आगे नहीं बढ़ा है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य क्या है?
यह चालू वित्त वर्ष के लिए भारत का निर्यात लक्ष्य है, जो पिछले वित्त वर्ष के 863 अरब डॉलर से 16 प्रतिशत अधिक है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 8 अक्टूबर 2026 को सीआईआई पार्टनरशिप समिट में इसकी पुष्टि की।
पीयूष गोयल ने निर्यात लक्ष्य को लेकर क्या कहा?
गोयल ने कहा कि यह लक्ष्य सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि 6.3 करोड़ MSME, बड़े-छोटे उद्योगों और लगभग 2,50,000 स्टार्टअप का साझा संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि जब दुनिया टैरिफ की दीवारें खड़ी कर रही थी, भारत मुक्त व्यापार समझौतों के पुल बना रहा था।
वैश्विक परिस्थितियाँ भारत के निर्यात लक्ष्य को कैसे प्रभावित करती हैं?
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार केवल 2.5 से 3 प्रतिशत और वैश्विक अर्थव्यवस्था 3 प्रतिशत से कम बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में भारत का 16 प्रतिशत निर्यात वृद्धि का लक्ष्य वैश्विक औसत से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
RBI ने भारत की विकास दर को लेकर क्या कहा है?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने चालू वर्ष के लिए अपने विकास अनुमान बढ़ाए हैं और भरोसा जताया है कि भारत 7 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ता रहेगा। RBI के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
डिजिटल इंडिया से कितनी बचत हुई है?
वाणिज्य मंत्री गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार डिजिटल इंडिया अभियान की वजह से पिछले 12 वर्षों में देश को ₹5 लाख करोड़ की बचत हुई है। यह आँकड़ा इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के दौरान सामने आया।
राष्ट्र प्रेस
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