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पीयूष गोयल का दावा: भारत अगले 20 25 वर्षों तक सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था रहेगा

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पीयूष गोयल का दावा: भारत अगले 20 25 वर्षों तक सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था रहेगा

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन में दावा किया कि भारत अगले 20 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। युवा जनसंख्या, विशाल बाज़ार और उद्यमशील ऊर्जा को इसका आधार बताया। 2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य पर सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर 2026 को एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन , नई दिल्ली में यह वक्तव्य दिया।
गोयल के अनुसार भारत अगले 20 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त , युवा आबादी और बड़े उपभोक्ता बाज़ार को दीर्घकालिक विकास का आधार बताया।
2047 तक भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लक्ष्य के लिए नागरिकों के सामूहिक योगदान पर ज़ोर दिया।
मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक प्रौद्योगिकी और व्यापार में 'प्रमुख इंजन' बनने की स्थिति में है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अगले 20 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दशकों में वैश्विक विकास और प्रौद्योगिकी उन्नति की दिशा तय करने में भारत की भूमिका निर्णायक होगी।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में गोयल ने कहा कि आज विश्व के देश भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं, क्योंकि वे यहाँ की युवा और महत्वाकांक्षी आबादी की असीमित क्षमता को पहचानते हैं। उन्होंने कहा, "आज दुनिया भारत के साथ जुड़ना चाहती है, क्योंकि वह समझती है कि आकांक्षाओं से भरा युवा भारत वैश्विक विकास का नेतृत्व करने जा रहा है। भारत प्रौद्योगिकी और वैश्विक व्यापार में प्रगति का प्रमुख इंजन बनने वाला है।"

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है और अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित कर रही हैं।

जनसांख्यिकीय लाभ और विकास की संभावनाएँ

मंत्री ने भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश को अपनी जनसांख्यिकीय बढ़त, विशाल उपभोक्ता बाज़ार और उद्यमशील ऊर्जा का भरपूर लाभ मिलेगा। गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम अगले 20 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे। हमारी जनसांख्यिकीय क्षमता, युवा आबादी और बड़े बाज़ार को देखते हुए हम यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि भविष्य की दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।"

गौरतलब है कि भारत अभी दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने अनुमान जताया है कि यह इस दशक के अंत तक तीसरे स्थान पर पहुँच सकता है।

विकसित भारत 2047 का संकल्प

गोयल ने 2047 तक भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में प्रगति नागरिकों के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। उन्होंने समाज के उस वर्ग की आलोचना की जो चुनौतियों से बचने की मानसिकता रखता है।

उन्होंने कहा, "समाज का एक बड़ा वर्ग समस्याओं से बचने की कोशिश करता है। वे यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि हमारा भविष्य हमारे अपने हाथों में है। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हम सभी को योगदान देना होगा।"

वैश्विक प्रतिष्ठा और महत्वाकांक्षा

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा आधुनिक भारत की पहचान बन चुकी है। उनके अनुसार यही वह प्रमुख कारण है जिसके चलते वैश्विक मंचों पर भारत की साख और प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका इस बात पर भी निर्भर करेगी कि नई पीढ़ी किस दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संख्याओं की कसौटी पर परखना ज़रूरी है — भारत की GDP वृद्धि दर हाल के वर्षों में मज़बूत रही है, पर रोज़गार की गुणवत्ता और असमानता की खाई जैसी संरचनात्मक चुनौतियाँ अभी भी बड़ी हैं। जनसांख्यिकीय लाभांश तभी वास्तविक संपत्ति बनता है जब शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य में समानांतर निवेश हो — जिन मोर्चों पर भारत अभी भी वैश्विक औसत से पीछे है। 'सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था' का तमग़ा तब तक अधूरा है जब तक यह वृद्धि आम नागरिक की जेब तक नहीं पहुँचती। मुख्यधारा की कवरेज इस वक्तव्य को उत्साहजनक समाचार के रूप में प्रस्तुत करती है, पर असली सवाल यह है कि विकास का यह मार्ग समावेशी होगा या केवल संख्याओं का खेल।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर क्या दावा किया?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत अगले 20 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने इसका आधार भारत की युवा आबादी, विशाल उपभोक्ता बाज़ार और उद्यमशील ऊर्जा को बताया।
एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन क्या है और यह कहाँ हुआ?
एसआरसीसी (श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स) शताब्दी सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक आयोजन है। 15 अक्टूबर 2026 को इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे।
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की योजना क्या है?
गोयल के अनुसार 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य देशवासियों के सामूहिक प्रयासों पर टिका है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को चुनौतियों से भागने की मानसिकता छोड़कर राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।
भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में क्या स्थिति है?
भारत वर्तमान में दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुमान के अनुसार यह इस दशक के अंत तक तीसरे स्थान पर पहुँच सकता है, जो इसे जापान और जर्मनी से आगे ले जाएगा।
गोयल ने भारत के युवाओं को क्या संदेश दिया?
गोयल ने युवाओं से आग्रह किया कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा रखें, क्योंकि यही आधुनिक भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य नागरिकों के अपने हाथों में है।
राष्ट्र प्रेस
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