10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीयूष गोयल: भारत दुनिया को दे रहा अद्वितीय आर्थिक अवसर, वैश्विक आपूर्ति शृंखला में बढ़ेगी भूमिका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल: भारत दुनिया को दे रहा अद्वितीय आर्थिक अवसर, वैश्विक आपूर्ति शृंखला में बढ़ेगी भूमिका

सारांश

रिपब्लिक समिट 2026 में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला का अगला बड़ा केंद्र बनने की राह पर है। 'राष्ट्र सर्वोपरि' की नीति, स्थिर नीतिगत माहौल और विकासोन्मुख सुधारों को उन्होंने भारत की वैश्विक आकर्षण शक्ति की बुनियाद बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 22 जून 2026 को 'रिपब्लिक समिट 2026' में कहा कि भारत दुनिया को अद्वितीय आर्थिक अवसर दे रहा है।
भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला में प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है; विनिर्माण विविधीकरण से बड़े लाभ की संभावना।
सभी व्यापार समझौते 'राष्ट्र सर्वोपरि' की नीति के तहत तैयार किए गए हैं।
गोयल ने किसानों के हितों की सुरक्षा को व्यापार वार्ताओं में सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
मजबूत आर्थिक आधार और स्थिर नीतिगत माहौल को वैश्विक कंपनियों के भारत-रुझान का कारण बताया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 22 जून 2026 को कहा कि भारत आज विश्व को अद्वितीय और बेजोड़ आर्थिक अवसर प्रदान कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित 'रिपब्लिक समिट 2026' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक भरोसेमंद वैश्विक आर्थिक साझेदार के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की उभरती भूमिका

गोयल ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत की बढ़ती भागीदारी और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली व्यापार नीतियों ने देश को दुनिया भर के कारोबारों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बना दिया है। उन्होंने कहा, "भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में लगातार अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि दुनिया भर की कंपनियां भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदारों की तलाश कर रही हैं।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार, स्थिर नीतिगत माहौल और सरकार द्वारा लागू किए गए विकासोन्मुख सुधारों के कारण वैश्विक कंपनियां तेजी से भारत की ओर रुख कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विश्व भर में विनिर्माण और सोर्सिंग गतिविधियों के विविधीकरण की प्रवृत्ति तेज हो रही है।

व्यापार समझौतों में 'राष्ट्र सर्वोपरि' की नीति

गोयल ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा 'नेशन फर्स्ट' यानी राष्ट्र सर्वोपरि की नीति को केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में किए गए सभी व्यापार समझौते राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, और इन्होंने भारत तथा उसके वैश्विक साझेदारों के बीच व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ किया है।

उन्होंने कहा कि इन समझौतों का मूल उद्देश्य भारतीय व्यापारियों, निर्यातकों, उद्योगों और नागरिकों के लिए नए अवसर सृजित करना है, जबकि देश के हितों की पूर्ण सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं या वार्ताएं आगे बढ़ाई हैं।

किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर

गोयल ने किसानों के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, "मोदी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि संबंधी चिंताएं भारत की व्यापार नीतियों और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में एक प्रमुख विचारणीय विषय बनी रहेंगी।

निवेशकों और उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति ने निवेशकों, व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगों के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक व्यापार और निवेश के क्षेत्र में और अधिक निर्णायक भूमिका निभाएगा, तथा वैश्विक आपूर्ति शृंखला का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि चीन 14% से अधिक पर है। 'राष्ट्र सर्वोपरि' की नीति का उल्लेख तो बार-बार होता है, किंतु कौन-से FTA ने कितना व्यापार घाटा घटाया या कितनी नौकरियां बढ़ाईं — इसका सत्यापन-योग्य लेखा-जोखा सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित रहता है। किसानों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन महत्वपूर्ण है, परंतु आलोचकों का कहना है कि डेयरी और कृषि क्षेत्र पर संवेदनशीलता के कारण कई बड़े FTA वार्ताएं वर्षों से अटकी हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने 'रिपब्लिक समिट 2026' में क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 22 जून 2026 को कहा कि भारत दुनिया को अद्वितीय और बेजोड़ आर्थिक अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका, 'राष्ट्र सर्वोपरि' व्यापार नीति और किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया।
भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला का केंद्र कैसे बन रहा है?
गोयल के अनुसार, मजबूत आर्थिक आधार, स्थिर नीतिगत माहौल और विकासोन्मुख सुधारों के कारण वैश्विक कंपनियां भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं। विनिर्माण और सोर्सिंग गतिविधियों के वैश्विक विविधीकरण से भारत को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
भारत की व्यापार नीति में 'राष्ट्र सर्वोपरि' का क्या अर्थ है?
गोयल ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को राष्ट्रीय हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य भारतीय व्यापारियों, निर्यातकों और नागरिकों के लिए अवसर बढ़ाना है, जबकि देश के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
व्यापार समझौतों में किसानों के हितों की सुरक्षा कैसे होती है?
गोयल ने कहा कि कृषि संबंधी चिंताएं भारत की व्यापार नीतियों और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में एक प्रमुख विचारणीय विषय बनी हुई हैं। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई भी व्यापार समझौता इस प्रतिबद्धता से समझौता नहीं करेगा।
भारत के वैश्विक व्यापार में आगे क्या संभावनाएं हैं?
गोयल के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक व्यापार और निवेश के क्षेत्र में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत की आर्थिक प्रगति ने निवेशकों, निर्यातकों और उद्योगों के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले