18 जुलाई 2026
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जयेंद्र सरस्वती जयंती: गडकरी, रेखा गुप्ता और भजनलाल सहित नेताओं ने कांची पीठाधीश्वर को किया नमन

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जयेंद्र सरस्वती जयंती: गडकरी, रेखा गुप्ता और भजनलाल सहित नेताओं ने कांची पीठाधीश्वर को किया नमन

सारांश

कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की जयंती पर 18 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक समरसता में उनके योगदान को याद किया।

मुख्य बातें

कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की जयंती 18 जुलाई को मनाई गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्वामीजी को नमन किया।
दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और बिहार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी श्रद्धांजलि दी।
नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता में स्वामीजी के अमिट योगदान को रेखांकित किया।

नई दिल्ली, 18 जुलाईकांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की जयंती पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अनेक नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में स्वामीजी के अमिट योगदान को स्मरण किया।

गडकरी और रेखा गुप्ता का नमन

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य गुरु और पीठाधिपति परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीगल की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, 'अध्यात्म को जनसेवा से जोड़ते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उन्होंने अमिट योगदान दिया। लोककल्याण के प्रति उनकी सेवा, समर्पण और साधना सदैव स्मरणीय रहेंगे।'

राजस्थान और बिहार के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वामीजी को 'सनातन संस्कृति के संवाहक' बताते हुए लिखा कि उनकी 'आध्यात्मिक मार्गदर्शन, लोककल्याण के प्रति समर्पण और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन-दृष्टि से समाज निरंतर प्रेरणा प्राप्त करता रहेगा।' बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 'सनातन धर्म के प्रखर ध्वजवाहक और आध्यात्मिक चेतना के प्रेरणास्रोत' कहते हुए नमन किया।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्वामीजी को 'सनातन धर्म के संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण, शिक्षा, सेवा व समाज कल्याण के अग्रदूत' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया। बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि स्वामीजी का 'सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा' और उनका 'तप, ज्ञान और सेवा भाव सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।'

जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती का योगदान

जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें पीठाधीश्वर थे। उन्होंने दशकों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी जयंती प्रतिवर्ष देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब सनातन परंपराओं और धार्मिक विरासत को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा जारी है।

नेताओं के इस सामूहिक नमन से स्पष्ट है कि जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की आध्यात्मिक विरासत आज भी राजनीतिक और सामाजिक जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सनातन परंपरा और धार्मिक संस्थाओं के साथ राजनीतिक जुड़ाव की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। गौरतलब है कि कांची पीठ का प्रभाव दक्षिण भारत से कहीं आगे जाकर राष्ट्रीय राजनीति तक फैला है। यह ऐसे समय में है जब सनातन धर्म की राजनीतिक प्रासंगिकता पर देशभर में बहस तेज है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे धार्मिक अवसरों पर नेताओं की सक्रियता जनाधार और सांस्कृतिक पहचान की राजनीति दोनों को एक साथ साधती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती कौन थे?
जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें पीठाधीश्वर थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में दशकों तक उल्लेखनीय कार्य किए और सनातन धर्म के प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं में गिने जाते हैं।
18 जुलाई को किन नेताओं ने जयेंद्र सरस्वती को श्रद्धांजलि दी?
18 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और बिहार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांची कामकोटि पीठ का क्या महत्व है?
कांची कामकोटि पीठ भारत के प्रमुख शंकराचार्य पीठों में से एक है, जो तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। यह पीठ सनातन धर्म, वेदांत दर्शन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सदियों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आई है।
जयेंद्र सरस्वती का शिक्षा और स्वास्थ्य में क्या योगदान था?
जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती ने अपने कार्यकाल में शिक्षा संस्थानों की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेताओं ने उनके इसी योगदान को जयंती के अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित किया।
नेताओं ने जयंती पर श्रद्धांजलि किस माध्यम से दी?
सभी प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी-अपनी पोस्ट के माध्यम से जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र प्रेस
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