जयेंद्र सरस्वती जयंती: गडकरी, रेखा गुप्ता और भजनलाल सहित नेताओं ने कांची पीठाधीश्वर को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 जुलाई — कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की जयंती पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अनेक नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में स्वामीजी के अमिट योगदान को स्मरण किया।
गडकरी और रेखा गुप्ता का नमन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य गुरु और पीठाधिपति परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य स्वामीगल की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, 'अध्यात्म को जनसेवा से जोड़ते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उन्होंने अमिट योगदान दिया। लोककल्याण के प्रति उनकी सेवा, समर्पण और साधना सदैव स्मरणीय रहेंगे।'
राजस्थान और बिहार के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वामीजी को 'सनातन संस्कृति के संवाहक' बताते हुए लिखा कि उनकी 'आध्यात्मिक मार्गदर्शन, लोककल्याण के प्रति समर्पण और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन-दृष्टि से समाज निरंतर प्रेरणा प्राप्त करता रहेगा।' बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 'सनातन धर्म के प्रखर ध्वजवाहक और आध्यात्मिक चेतना के प्रेरणास्रोत' कहते हुए नमन किया।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्वामीजी को 'सनातन धर्म के संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण, शिक्षा, सेवा व समाज कल्याण के अग्रदूत' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया। बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि स्वामीजी का 'सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा' और उनका 'तप, ज्ञान और सेवा भाव सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।'
जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती का योगदान
जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें पीठाधीश्वर थे। उन्होंने दशकों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी जयंती प्रतिवर्ष देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब सनातन परंपराओं और धार्मिक विरासत को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा जारी है।
नेताओं के इस सामूहिक नमन से स्पष्ट है कि जगद्गुरु जयेंद्र सरस्वती की आध्यात्मिक विरासत आज भी राजनीतिक और सामाजिक जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।