20 सितंबर 2026
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लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह: सीएम सम्राट चौधरी बोले — समाज की एकता से खुलेगा समृद्ध बिहार का द्वार

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लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह: सीएम सम्राट चौधरी बोले — समाज की एकता से खुलेगा समृद्ध बिहार का द्वार

सारांश

पटना के बापू सभागार में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समाज की एकता को बिहार की समृद्धि का मूलमंत्र बताया — ₹60 करोड़ के लव-कुश पार्क, 700 मॉडल स्कूलों और विद्यार्थी साथी ऐप जैसी घोषणाओं के साथ।

मुख्य बातें

सीएम सम्राट चौधरी ने 20 सितंबर 2026 को पटना के बापू सभागार में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का उद्घाटन किया।
लव-कुश समाज का राजनीतिक सफर 1992-1994 की कुर्मी चेतना रैलियों से शुरू होकर जनता दल (यूनाइटेड) तक पहुँचा।
वाल्मीकिनगर में ₹60 करोड़ की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण आरंभ।
बिहार में 700 मॉडल स्कूल बनाए गए और 'विद्यार्थी साथी ऐप' में 75 हजार शिक्षक जोड़े गए।
बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की योजना की घोषणा।
चौधरी ने कहा कि आज बिहार का बजट झारखंड के बजट से लगभग दोगुना हो चुका है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 सितंबर 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया और बिहार की विरासत, शिक्षा, संस्कृति एवं विकास पर अपने विचार साझा किए।

लव-कुश समाज का ऐतिहासिक सफर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लव-कुश समाज के सामाजिक एवं राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1992, 1993 और 1994 में पहले कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन आयोजित हुए, और बाद में दोनों समाजों ने मिलकर संयुक्त लव-कुश सम्मेलन का आयोजन किया। उन्होंने इस पहल के अगुवाओं को बधाई देते हुए कहा कि 1994 के बाद इस आंदोलन ने राजनीतिक स्वरूप ग्रहण किया और समता पार्टी तथा जनता दल (यूनाइटेड) के माध्यम से आगे बढ़ता रहा।

विकसित भारत और समृद्ध बिहार का संकल्प

चौधरी ने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार की परिकल्पना को साकार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का संकल्प लिया है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की राह दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लव-कुश समाज किसी के विरोध में नहीं, बल्कि न्याय एवं सद्भाव के साथ बिहार की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करना चाहता है।

बिहार की गौरवशाली विरासत

मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक महत्ता को रेखांकित करते हुए चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक और नालंदा विश्वविद्यालय की प्राचीन ज्ञान परंपरा का स्मरण कराया। उन्होंने दावा किया कि नालंदा के प्राचीन क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अभी उत्खनन के लिए शेष है, जो बिहार की सभ्यतागत गहराई को और उजागर करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी नालंदा के पुनर्निर्माण में गहरी रुचि दिखा रही है।

अर्थव्यवस्था और शिक्षा में बदलाव

चौधरी ने कहा कि झारखंड के अलग होने के बाद बिहार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन 2005 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार आया है। उन्होंने बताया कि आज बिहार का बजट झारखंड के बजट से लगभग दोगुना हो चुका है। शिक्षा के मोर्चे पर उन्होंने राज्य में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना और 700 मॉडल स्कूलों के निर्माण का उल्लेख किया।

उन्होंने 'विद्यार्थी साथी ऐप' का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है, जिससे रात में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी शिक्षक की सुविधा उपलब्ध हो रही है। यह पहल बिहार की डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।

पर्यटन और लव-कुश पार्क की योजना

मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में कार्य आरंभ होगा। इसके साथ ही वाल्मीकिनगर में करीब ₹60 करोड़ की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण शुरू किया जा चुका है। चौधरी ने एकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जैसे पाँचों उंगलियाँ अलग-अलग असमान होती हैं, लेकिन मुट्ठी बनने पर एकता की अजेय शक्ति का प्रतीक बन जाती हैं — उसी प्रकार लव-कुश समाज की एकजुटता बिहार की समृद्धि का आधार बनेगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घोषित योजनाएँ ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी से क्रियान्वित होती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कुर्मी और कुशवाहा जातियों का संयुक्त मंच है, बिहार में एक निर्णायक वोट बैंक माना जाता है। समारोह का मंच इस समुदाय को जनता दल (यूनाइटेड) की छत्रछाया में और मज़बूती से बाँधे रखने की कोशिश दिखता है। हालाँकि 700 मॉडल स्कूल और विद्यार्थी साथी ऐप जैसी पहलें सराहनीय हैं, लेकिन इनकी ज़मीनी प्रगति और गुणवत्ता की स्वतंत्र समीक्षा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। नालंदा और बोधगया के सांस्कृतिक गौरव का आह्वान प्रेरक है, पर असली कसौटी यह है कि ₹60 करोड़ का लव-कुश पार्क और कॉरिडोर परियोजनाएँ रोज़गार और पर्यटन राजस्व में कितना मूर्त परिणाम लाती हैं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह क्या है?
यह लव-कुश समाज द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाता है। 20 सितंबर 2026 को यह आयोजन पटना के बापू सभागार में हुआ, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया।
लव-कुश समाज का राजनीतिक इतिहास क्या है?
सीएम सम्राट चौधरी के अनुसार, 1992, 1993 और 1994 में कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन हुए, जिसके बाद दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन का आयोजन किया। 1994 के बाद यह आंदोलन राजनीतिक रूप ले चुका और समता पार्टी तथा जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़ा।
वाल्मीकिनगर में लव-कुश पार्क कितनी लागत से बनेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार वाल्मीकिनगर में लगभग ₹60 करोड़ की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण शुरू किया गया है। यह बिहार की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
विद्यार्थी साथी ऐप क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
विद्यार्थी साथी ऐप बिहार सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल है, जिसमें 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इसके ज़रिये रात में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन शिक्षक की सुविधा मिल रही है।
2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था में क्या बदलाव आया?
सीएम चौधरी के अनुसार, झारखंड के अलग होने के बाद बिहार को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2005 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में व्यापक सुधार आया। आज बिहार का बजट झारखंड के बजट से लगभग दोगुना हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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