निर्मला सीतारमण एशविल पहुंचीं, जी20 बैठक में ग्लोबल ग्रोथ, सरकारी कर्ज और ईरान संघर्ष पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को अमेरिका के साउथ कैरोलिना पहुंचीं, जहाँ वे नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की दो दिवसीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। इस बैठक में ग्लोबल ग्रोथ, आर्थिक असंतुलन, सरकारी ऋण और ईरान संघर्ष के आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित चर्चा होने की उम्मीद है।
आगमन और स्वागत
ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सीतारमण का स्वागत किया। भारत के वित्त मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा कि केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री का साउथ कैरोलिना में राजदूत क्वात्रा ने स्वागत किया।
उसी दिन अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श भी जॉइंट बेस एंड्रयूज से एशविल पहुंचे। बेसेंट जी20 के 19 सदस्य देशों, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों की मेजबानी करेंगे।
बैठक के प्रमुख एजेंडा
बैठक में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, दीर्घकालिक वैश्विक आर्थिक असंतुलन दूर करने, सरकारी ऋण की चुनौतियों से निपटने और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। ईरान संघर्ष के आर्थिक नतीजे — विशेष रूप से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और होर्मुज स्ट्रेट से व्यापार में व्यवधान — भी प्रमुख विषयों में शामिल हैं।
कथित तौर पर अमेरिका इस बैठक और द्विपक्षीय वार्ताओं के ज़रिए ईरान के आर्थिक संबंधों को सीमित करने के अभियान के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकता है। हालाँकि, प्रतिबंधों, व्यापार शुल्कों (टैरिफ) और चीन की औद्योगिक नीतियों पर मतभेदों के कारण किसी व्यापक सहमति वाले दस्तावेज़ पर सहमति बनना आसान नहीं माना जा रहा।
अमेरिकी प्राथमिकताएँ
अमेरिका ने अपनी जी20 वित्तीय अध्यक्षता के दौरान आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। एशविल पहुंचने के बाद बेसेंट ने एक्स पर लिखा, 'जैसे राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नई गति देने पर काम कर रहे हैं, वैसे ही हम भी इस वर्ष जी20 वित्तीय ट्रैक के मेजबान के रूप में आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के नेताओं के साथ मिलकर यह संदेश देना उनका लक्ष्य है कि मजबूत आर्थिक विकास न केवल संभव है, बल्कि आवश्यक भी है।
शिकागो में निवेश संवाद
जी20 बैठक से पहले सीतारमण ने शिकागो में निवेश, नवाचार और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर केंद्रित कई कार्यक्रमों में भाग लिया। एक कारोबारी गोलमेज बैठक में उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाइयाँ, प्रौद्योगिकी केंद्र और नवाचार केंद्र स्थापित करने का निमंत्रण दिया।
सीतारमण ने कहा, 'नीतिगत माहौल लगातार ऐसा बनाया जा रहा है जिससे व्यवसायों को निवेश, विनिर्माण, नवाचार और विस्तार करने में सुविधा मिले। जब वैश्विक कंपनियाँ अपनी सप्लाई चेन और पूंजी निवेश की रणनीति पर दोबारा विचार कर रही हैं, तब भारत केवल एक बड़ा बाज़ार ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश और संचालन के लिए एक मजबूत मंच भी प्रदान करता है।'
इन बैठकों में ADM के मुख्य वित्त अधिकारी मोनीश पटोलावाला, Shield AI के सह-संस्थापक ब्रैंडन सेंग और Hyatt के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क एस. होपलामाज़ियन शामिल थे।
आगे का कार्यक्रम
एशविल की बैठकों के बाद सीतारमण निवेशकों और कंपनियों से मुलाकात के लिए न्यूयॉर्क जाएंगी। यह उनकी छह दिवसीय अमेरिका यात्रा का हिस्सा है। गौरतलब है कि एशविल की यह मंत्रीस्तरीय बैठक दिसंबर में मियामी में होने वाले जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा है, जिसकी मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे।