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यमन: हूती का दावा — 24 घंटों में सऊदी अरब के 106 हवाई व मिसाइल हमले, कुल संख्या 1,516 पहुँची

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यमन: हूती का दावा — 24 घंटों में सऊदी अरब के 106 हवाई व मिसाइल हमले, कुल संख्या 1,516 पहुँची

सारांश

यमन में तनाव अपने नए चरम पर है — हूती का दावा है कि 24 घंटों में 106 सऊदी हमले हुए और कुल संख्या 1,516 पर पहुँच गई। इसी बीच सरकारी सेनाएँ ताइज के अहम केंद्र अत-तुर्बाह से पीछे हट गईं और हूती लड़ाके शहर में दाखिल हो गए।

मुख्य बातें

हूती समूह के अनुसार, सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में हूती-नियंत्रित इलाकों पर 106 हवाई और मिसाइल हमले किए।
ताजा हमलों के बाद मौजूदा तनाव के दौरान सऊदी हमलों की कुल संख्या 1,516 हो गई है — यह आँकड़ा हूती के दावे पर आधारित है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ।
हूती प्रवक्ता याह्या सारेआ ने बताया कि निशाने पर सना, अल-जौफ और ताइज प्रांत रहे।
हूती लड़ाके दक्षिणी ताइज प्रांत के प्रमुख केंद्र अत-तुर्बाह में सरकारी सेनाओं के पीछे हटने के बाद दाखिल हुए।
यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने 'आज़ादी की लड़ाई' नाम से नए सैन्य अभियान का ऐलान किया है।
यमन संघर्ष 2014 के अंत से जारी है; सऊदी गठबंधन ने मार्च 2015 में दखल दिया था।

यमन के हूती समूह ने 5 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में हूती-नियंत्रित इलाकों पर 106 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए एक नए व्यापक सैन्य अभियान का ऐलान किया है।

मुख्य घटनाक्रम

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि सऊदी हमलों में राजधानी सना, अल-जौफ और ताइज प्रांतों को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, ताजा हमलों के बाद मौजूदा तनाव के दौरान सऊदी हमलों की कुल संख्या 1,516 हो गई है। हालाँकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सऊदी अरब ने इन हमलों की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।

ताइज में हूती की बढ़त

दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज में जमीनी स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। नाम न बताने की शर्त पर एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सरकारी सेनाओं के पीछे हटने के बाद हूती लड़ाके बिना किसी बड़े प्रतिरोध के अत-तुर्बाह — दक्षिणी ताइज प्रांत का एक अहम सरकारी केंद्र — में दाखिल हो गए। सरकारी सैनिकों का एक हिस्सा शहर के बाहर पहाड़ी इलाकों में और दूसरा हिस्सा पड़ोसी लाहज प्रांत की ओर पीछे हट गया।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, हूती लड़ाके अत-तुर्बाह की मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात हो गए। कई दुकानदारों ने उनके आगमन से पहले ही दुकानें बंद कर लीं। हूतियों ने मस्जिद के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और विरोध न करने की अपील की।

सरकार की प्रतिक्रिया और सैन्य अभियान

हूती के इस बयान से कुछ घंटे पहले ही यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने एक नए सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए इसे 'आज़ादी की लड़ाई' करार दिया था। सरकार ने संकेत दिया कि यह अभियान हूती के कब्जे वाले शेष इलाकों को वापस लेने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। हालाँकि, ताइज के ताजा घटनाक्रम बताते हैं कि ज़मीन पर स्थिति सरकारी बलों के अनुकूल नहीं है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब यमन का संघर्ष कई सालों में अपने सबसे तीव्र दौर में पहुँच गया है। गौरतलब है कि यह युद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ था जब हूती ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष किसी निर्णायक अंत तक नहीं पहुँचा है।

आगे क्या होगा

दक्षिण-पश्चिमी यमन में मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों का यह नया दौर संघर्षविराम की उम्मीदों को और धुंधला करता है। अत-तुर्बाह पर हूती का नियंत्रण सरकारी बलों के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या घोषित सरकारी सैन्य अभियान ज़मीन पर कोई वास्तविक बदलाव ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकारी सेनाओं के मनोबल और एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक दशक से अधिक और अरबों डॉलर के सऊदी सैन्य खर्च के बाद भी जब सरकारी सैनिक लड़ाई छोड़कर पीछे हटते हैं, तो 'आज़ादी की लड़ाई' जैसी घोषणाएँ खोखली लगती हैं। यमन की त्रासदी यह है कि हर नया सैन्य अभियान आम नागरिकों की पीड़ा बढ़ाता है, जबकि कोई स्थायी राजनीतिक समाधान दिखाई नहीं देता।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती ने सऊदी अरब पर कितने हमलों का आरोप लगाया है?
हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ के अनुसार, सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में हूती-नियंत्रित इलाकों पर 106 हवाई और मिसाइल हमले किए, जिससे मौजूदा तनाव के दौरान कुल हमलों की संख्या 1,516 हो गई है। इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सऊदी अरब ने इनकी पुष्टि नहीं की है।
अत-तुर्बाह में क्या हुआ और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
दक्षिणी ताइज प्रांत का प्रमुख केंद्र अत-तुर्बाह सरकारी बलों के पीछे हटने के बाद हूती लड़ाकों के नियंत्रण में चला गया। यह इसलिए अहम है क्योंकि यह हूती की जमीनी बढ़त को दर्शाता है और सरकारी सेनाओं के उस दावे को कमजोर करता है जिसमें वे बड़े पलटवार की बात कर रही हैं।
यमन सरकार का नया सैन्य अभियान क्या है?
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने 'आज़ादी की लड़ाई' नाम से एक नए सैन्य अभियान का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य हूती के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना है। यह घोषणा हूती के ताजा हमलों के दावे से कुछ घंटे पहले ही की गई थी।
यमन संघर्ष की शुरुआत कब और कैसे हुई?
यमन संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ जब हूती ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया। मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया, जो एक दशक बाद भी जारी है।
क्या सऊदी अरब ने हूती के हमलों के दावों की पुष्टि की है?
नहीं, सऊदी अरब ने हूती द्वारा बताए गए हमलों को करने की पुष्टि नहीं की है। हूती के आँकड़ों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है, इसलिए इन्हें हूती के अपने दावे के रूप में ही समझा जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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