यमन: हूती का दावा — 24 घंटों में सऊदी अरब के 106 हवाई व मिसाइल हमले, कुल संख्या 1,516 पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने 5 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में हूती-नियंत्रित इलाकों पर 106 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए एक नए व्यापक सैन्य अभियान का ऐलान किया है।
मुख्य घटनाक्रम
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि सऊदी हमलों में राजधानी सना, अल-जौफ और ताइज प्रांतों को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, ताजा हमलों के बाद मौजूदा तनाव के दौरान सऊदी हमलों की कुल संख्या 1,516 हो गई है। हालाँकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सऊदी अरब ने इन हमलों की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
ताइज में हूती की बढ़त
दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज में जमीनी स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। नाम न बताने की शर्त पर एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सरकारी सेनाओं के पीछे हटने के बाद हूती लड़ाके बिना किसी बड़े प्रतिरोध के अत-तुर्बाह — दक्षिणी ताइज प्रांत का एक अहम सरकारी केंद्र — में दाखिल हो गए। सरकारी सैनिकों का एक हिस्सा शहर के बाहर पहाड़ी इलाकों में और दूसरा हिस्सा पड़ोसी लाहज प्रांत की ओर पीछे हट गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हूती लड़ाके अत-तुर्बाह की मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात हो गए। कई दुकानदारों ने उनके आगमन से पहले ही दुकानें बंद कर लीं। हूतियों ने मस्जिद के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और विरोध न करने की अपील की।
सरकार की प्रतिक्रिया और सैन्य अभियान
हूती के इस बयान से कुछ घंटे पहले ही यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने एक नए सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए इसे 'आज़ादी की लड़ाई' करार दिया था। सरकार ने संकेत दिया कि यह अभियान हूती के कब्जे वाले शेष इलाकों को वापस लेने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। हालाँकि, ताइज के ताजा घटनाक्रम बताते हैं कि ज़मीन पर स्थिति सरकारी बलों के अनुकूल नहीं है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब यमन का संघर्ष कई सालों में अपने सबसे तीव्र दौर में पहुँच गया है। गौरतलब है कि यह युद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ था जब हूती ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष किसी निर्णायक अंत तक नहीं पहुँचा है।
आगे क्या होगा
दक्षिण-पश्चिमी यमन में मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों का यह नया दौर संघर्षविराम की उम्मीदों को और धुंधला करता है। अत-तुर्बाह पर हूती का नियंत्रण सरकारी बलों के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या घोषित सरकारी सैन्य अभियान ज़मीन पर कोई वास्तविक बदलाव ला सकता है।