10 अक्टूबर 2026
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यमन में सऊदी हवाई हमले तेज: हज्जाह में 6 स्ट्राइक, ताइज के पास जबल साबिर पर भीषण लड़ाई

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यमन में सऊदी हवाई हमले तेज: हज्जाह में 6 स्ट्राइक, ताइज के पास जबल साबिर पर भीषण लड़ाई

सारांश

यमन में सऊदी हवाई हमले और ताइज के पास भीषण ज़मीनी लड़ाई — एक दशक से जारी गृहयुद्ध में रणनीतिक जबल साबिर पहाड़ नया फ्लैशपॉइंट बन गया है। हूती विद्रोही इस ऊँचाई पर काबिज होकर शहर पर सैन्य बढ़त हासिल करने की कोशिश में हैं, जबकि सऊदी गठबंधन हवाई दबाव बनाए हुए है।

मुख्य बातें

सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने 10 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पश्चिमी यमन के हूती इलाकों पर हवाई हमले किए।
हज्जाह प्रांत के अब्स जिले में 6 हवाई हमले ; 3 लोग घायल , कई गाँवों में बमबारी।
हूती मीडिया के अनुसार कुछ हमलों में क्लस्टर बम के इस्तेमाल का आरोप — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
होदेदाह प्रांत में यमन पेट्रोलियम कंपनी के स्टेशन को भी निशाना बनाया गया।
ताइज के दक्षिण में जबल साबिर पर कब्जे के लिए रणनीतिक लड़ाई जारी; सरकारी बल हूती बढ़त रोकने में लगे।
यमन गृहयुद्ध 2014 से जारी है; सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन 2015 से सक्रिय है।

सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पश्चिमी यमन के हूती नियंत्रित इलाकों पर नए हवाई हमले किए, जबकि दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज के आसपास हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच ज़मीनी लड़ाई और तेज हो गई है। हूती समर्थित मीडिया और सरकारी सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का ताज़ा संकेत है।

हज्जाह प्रांत में हवाई हमले

हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हज्जाह प्रांत के अब्स जिले में छह हवाई हमले किए गए, जिनमें तीन लोग घायल हो गए। बनी हातब क्षेत्र के कई गाँवों में भारी बमबारी की सूचना मिली है। चैनल ने आरोप लगाया कि कुछ हमलों में क्लस्टर बम का भी इस्तेमाल किया गया — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इसके अलावा, लाल सागर तटीय होदेदाह प्रांत में सऊदी विमानों ने बाजिल जिले स्थित यमन पेट्रोलियम कंपनी के एक स्टेशन को निशाना बनाया। अल-मसीराह के अनुसार, इस हमले में तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सऊदी अरब की ओर से इन हमलों पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

जबल साबिर पर रणनीतिक लड़ाई

एक सरकारी सैन्य सूत्र ने — नाम न बताने की शर्त पर — बताया कि ताइज के दक्षिण में स्थित साबिर अल-मवादिम जिले के अल-शाकब क्षेत्र में भीषण लड़ाई जारी है। हूती लड़ाके शहर के ऊपर स्थित रणनीतिक जबल साबिर पहाड़ की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

सूत्र ने कहा, 'जबल साबिर की लड़ाई बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस पहाड़ की ऊँचाइयों से ताइज शहर और आसपास के क्षेत्रों पर नज़र रखी जा सकती है। सरकारी बल हूतियों को ऐसी रणनीतिक स्थिति हासिल करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें शहर पर बड़ा सैन्य लाभ मिल सकता है।'

ताइज का सामरिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब ताइज के आसपास हूती लड़ाकों की बढ़त से सरकारी सेनाओं पर दबाव बढ़ा है। ताइज को दक्षिणी यमन के सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के रणनीतिक इलाके भी दाँव पर हैं, जिनका वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बड़ा महत्व है।

सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन के समर्थन से सरकारी सेनाएँ हाल के दिनों में हूतियों द्वारा हासिल बढ़त को वापस लेने की कोशिश कर रही हैं। यह यमन के दक्षिण-पश्चिम में बढ़ते सैन्य तनाव की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।

यमन संघर्ष: पृष्ठभूमि

यमन में गृहयुद्ध 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। वर्तमान में यमन सरकार दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है। एक दशक से अधिक समय से जारी इस युद्ध में लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और यमन दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक बना हुआ है।

विश्लेषकों के अनुसार, जबल साबिर जैसे रणनीतिक ठिकानों पर हूती दबाव और सऊदी जवाबी हवाई हमले यह दर्शाते हैं कि किसी भी पक्ष के लिए निर्णायक सैन्य जीत दूर है — और शांति वार्ता का रास्ता और भी कठिन हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगर सिद्ध हों, तो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत गंभीर सवाल खड़े करते हैं — लेकिन सऊदी गठबंधन पर जवाबदेही का दबाव अब तक सीमित रहा है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के नज़दीक होने के कारण इस संघर्ष का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी पड़ता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। एक दशक से अधिक लंबे इस युद्ध में शांति वार्ता का रास्ता हर नई झड़प के साथ और संकरा होता जा रहा है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में सऊदी हवाई हमले कहाँ हुए और कितने लोग प्रभावित हुए?
10 अक्टूबर 2026 को हज्जाह प्रांत के अब्स जिले में 6 हवाई हमले हुए, जिनमें 3 लोग घायल हुए। होदेदाह प्रांत में यमन पेट्रोलियम कंपनी के एक स्टेशन को भी निशाना बनाया गया, हालाँकि वहाँ तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
जबल साबिर की लड़ाई क्यों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है?
जबल साबिर एक ऊँचा पहाड़ है जिससे ताइज शहर और आसपास के इलाकों पर पूरी नज़र रखी जा सकती है। एक सरकारी सैन्य सूत्र के अनुसार, इस पहाड़ पर कब्जा होने से हूतियों को ताइज पर बड़ा सैन्य लाभ मिल सकता है, इसलिए सरकारी बल इसे हर कीमत पर बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यमन का गृहयुद्ध कब और कैसे शुरू हुआ?
यमन में गृहयुद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
क्लस्टर बम के आरोप पर सऊदी अरब का क्या रुख है?
हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी ने कुछ हमलों में क्लस्टर बम इस्तेमाल का आरोप लगाया है। हालाँकि सऊदी अरब की ओर से इन हमलों पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है और इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
यमन की वर्तमान सरकार कहाँ से काम कर रही है?
यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार फिलहाल दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है। सना पर हूतियों का नियंत्रण होने के कारण सरकार को 2015 में राजधानी छोड़नी पड़ी थी।
राष्ट्र प्रेस
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