शिकागो उपनगर में बालाजी मंदिर पर हमले की साजिश के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई
सारांश
मुख्य बातें
शिकागो के उपनगर नेपरविले में पुलिस ने पड़ोसी शहर ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पर कथित हमले की साजिश नाकाम होने के दो सप्ताह से अधिक समय बाद क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मज़बूत कर दिया है। पुलिस ने गश्त बढ़ाने के साथ-साथ पूजा-स्थलों को मुफ़्त सुरक्षा मूल्यांकन की सुविधा देने का भी ऐलान किया है। यह क्षेत्र बड़ी संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकियों का निवास-स्थान है।
सुरक्षा संवाद कार्यक्रम में क्या हुआ
नेपरविले के पुलिस प्रमुख जेसन एरेस ने वेस्ली यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित 'हेट क्राइम्स पर संवाद' कार्यक्रम में सुरक्षा उपायों का विस्तृत ब्यौरा दिया। इस कार्यक्रम में सात अलग-अलग धार्मिक समुदायों के 50 से अधिक लोग शामिल हुए। यह आयोजन 'यूनाइटेड फॉर पीस' और 'नेपरविले इंटरफेथ लीडर्स एसोसिएशन' ने संयुक्त रूप से किया।
एरेस ने कहा, 'हमारे पास एक टीम है जो आपके पूजा स्थलों का दौरा करेगी और वहां सुरक्षा का जायजा लेगी। हम आपकी जगह को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की मुफ्त सेवाएं देंगे — जैसे कि यह देखना कि कैमरे कहां लगे हैं या कहां लगाने की जरूरत है, झाड़ियों की छंटाई करना, या रोशनी की व्यवस्था करना। हम अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद करेंगे।' उन्होंने धार्मिक नेताओं से पुलिस विभाग के 'सिविलियन रिस्पॉन्स टू एक्टिव शूटर इवेंट्स' नामक मुफ्त कोर्स में भाग लेने का भी आग्रह किया।
हमले की कथित साजिश का विवरण
अभियोजकों के अनुसार, पैलेटाइन के 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस — जो कथित तौर पर खुद को नव-नाजी मानता है — ने 11 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के पहले दिन ऑरोरा स्थित बालाजी मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई। आरोप है कि उसने श्वेत वर्चस्व का समर्थन करने वाला आठ पन्नों का दस्तावेज़ भी तैयार किया था, जिसमें हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के विरुद्ध हिंसा की योजना का उल्लेख था।
पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से छोटी बैरल वाली राइफल रखने के राज्य-स्तरीय आरोप लगाए गए हैं। अदालत में उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। अब तक कोई संघीय आरोप तय नहीं किए गए हैं; हालांकि न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग ने संकेत दिया है कि वे इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं।
राजनीतिक और सामुदायिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में अमेरिकी कांग्रेस के 105 सदस्यों के एक समूह ने एफबीआई निदेशक काश पटेल से 29 अक्टूबर 2026 तक यह स्पष्ट करने की माँग की है कि क्या वे इस साजिश की जाँच एक 'संघीय हेट क्राइम' के रूप में कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हमले की कोशिश के समय राजा कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ मंदिर में ही उपस्थित थे।
'यूनाइटेड फॉर पीस' की बोर्ड सदस्य शालिनी गुप्ता ने कहा, 'हमलावर कई समुदायों के प्रति नफरत रखता था — जिसमें यहूदी समुदाय, अफ्रीकी अमेरिकी, भारतीय और अन्य समूह शामिल हैं।' नेपरविले के मेयर स्कॉट वेहरली ने कहा, 'ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में मौजूद हमारे निवासियों पर एक ऐसे व्यक्ति ने हमला करने की कोशिश की, जो नफरत से भरा हुआ था — और जिसके विचारों को हमारा समुदाय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता।' ऑरोरा के मेयर जॉन लैश भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
नेपरविले निवासी सैली जोशी ने कहा, 'अपने घर के इतने करीब ऐसा कुछ होते देखना बहुत डरावना था; यह वही मंदिर है जहां मेरा परिवार भी जाता है।' 'कांग्रेगेशन बेथ शालोम' के रब्बी डेविड एबर ने बताया कि अमेरिका भर के यहूदी प्रार्थना स्थलों में पहले से ही इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह घटना ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में हेट क्राइम की घटनाओं को लेकर अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों में चिंता लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि नेपरविले और ऑरोरा में भारतीय-अमेरिकी आबादी काफी बड़ी है, और यह मंदिर समुदाय की सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। मेयर वेहरली ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी अंतर-सामुदायिक बातचीत केवल दुखद घटनाओं के बाद नहीं, बल्कि निरंतर जारी रहनी चाहिए। संघीय जाँच की दिशा और 30 अक्टूबर की अदालती पेशी इस मामले में आगे की कार्यवाही तय करेगी।