इलिनोइस हिंदू मंदिर हमले की साजिश पर DNC नेताओं की कड़ी निंदा, बोले — धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (DNC) के एशियन अमेरिकन और इंटरफेथ समूहों के नेताओं ने इलिनोइस के ऑरोरा स्थित एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की साजिश की कड़े शब्दों में निंदा की है। नेताओं ने 22 अक्टूबर 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में इसे धार्मिक स्वतंत्रता और हर अमेरिकी नागरिक के निर्भय जीवन के मौलिक अधिकार पर सीधा हमला बताया।
बयान में क्या कहा गया
नेताओं ने अपने सदस्यों को भेजे संयुक्त संदेश में लिखा, 'हम इस नियोजित हमले से बहुत परेशान हैं। यह सिर्फ एक मंदिर या एक समुदाय के लिए खतरा नहीं, यह धार्मिक स्वतंत्रता और हर अमेरिकी के बिना डर के जीने और पूजा करने के मौलिक अधिकार पर हमला है।'
इस बयान पर DNC एशियन अमेरिकन एंड पैसिफिक आइलैंडर कॉकस की अध्यक्ष बेल लेओंग-होंग और इंटरफेथ काउंसिल के सह-अध्यक्ष इंदिरा दुग्गिराला, जॉनी रोबक, रीम सुबेई और सिंडी बास ने हस्ताक्षर किए।
मूल साजिश का संदर्भ
20 अक्टूबर को सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने एफबीआई (FBI) निदेशक से ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की जाँच संभावित संघीय हेट क्राइम (घृणा-अपराध) के रूप में करने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को जारी DNC का यह बयान पहले रिपोर्ट की गई उस साजिश पर प्रतिक्रिया था — इसमें किसी नई गिरफ्तारी, नए खतरे या आपराधिक जाँच में किसी नए विकास की घोषणा नहीं की गई।
विजयादशमी से जोड़ा संदेश
नेताओं ने अपनी अपील को विजयादशमी (दशहरा) के पर्व से जोड़ा, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'जब हम विजयादशमी मना रहे हैं, तो आइए हम एक समुदाय के रूप में घृणित बयानबाज़ी, विदेशी लोगों से डर, श्वेत वर्चस्व और सभी प्रकार के पूर्वाग्रहों से लड़ने के लिए फिर से प्रतिबद्ध हों।'
नेताओं ने इलिनोइस और पूरे देश में हिंदू तथा दक्षिण एशियाई अमेरिकी समुदायों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
चुनावी अपील भी जुड़ी
इस बयान में एक स्पष्ट चुनावी आह्वान भी था। DNC नेताओं ने कॉकस और काउंसिल के सदस्यों से ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह किया जो अमेरिकी नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हों। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे हम चुनाव के दिन के करीब आ रहे हैं, हमें नफ़रत को खारिज करने वाले और हर अमेरिकी के अधिकारों की रक्षा करने वाले नेताओं को चुनने के लिए दृढ़ रहना चाहिए।'
आगे क्या होगा
FBI की जाँच अभी जारी है और यह देखा जाना बाकी है कि क्या इस मामले को औपचारिक रूप से संघीय हेट क्राइम के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। नेताओं ने साफ कहा कि मंदिर, मस्जिद, आराधनालय, चर्च, गुरुद्वारा या किसी भी पूजा स्थल में प्रवेश करने की स्वतंत्रता बिना भय के हर धार्मिक समुदाय को मिलनी चाहिए। यह घटना अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बहस को एक बार फिर सतह पर ले आई है।