अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, आरोपी एलेक्जेंड्रोस पैपोरेकिस गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश उस समय नाकाम हो गई जब आरोपी की राइफल ट्रिगर दबाने पर जाम हो गई। 19 वर्षीय आरोपी एलेक्जेंड्रोस पैपोरेकिस को रविवार, 13 अक्टूबर को पैलेटाइन स्थित उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
हमले का पूरा घटनाक्रम
अभियोजकों के अनुसार, पैपोरेकिस ने शनिवार को शिकागो से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में गोलीबारी करने की कोशिश की। हमले की नीयत से वह मंदिर पहुँचा, लेकिन ट्रिगर दबाते ही उसकी राइफल जाम हो गई और वह मौके से भाग गया।
उसी रात उसने अपने एक सहकर्मी को टेक्स्ट मैसेज कर फोन करने को कहा। बातचीत में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की थी, लेकिन राइफल नहीं चली। उस सहकर्मी ने — जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है — तत्काल माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को सूचित किया, जिसने यह जानकारी पैलेटाइन पुलिस को पहुँचाई।
गिरफ्तारी और घर की तलाशी में क्या मिला
पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी में एक राइफल, भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों कारतूस और बॉडी आर्मर बरामद किए गए। बरामद बॉडी आर्मर पर श्वेत श्रेष्ठतावादी चरमपंथ से जुड़े चिन्ह और डिज़ाइन पाए गए। नॉर्ड ने कहा, "इस कथित खतरे की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता।"
आरोपी ने अपने सहकर्मी को एक फोटो भी भेजी थी जिसमें वह टैक्टिकल वेस्ट पहने नजर आ रहा था, और साथ में आठ पन्नों का एक दस्तावेज भी भेजा था।
मेनिफेस्टो और आरोपों की गंभीरता
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, उस कथित 'मेनिफेस्टो' में भारतीय मूल के लोगों और हिंदू मंदिरों के खिलाफ नस्लभेदी और घृणास्पद टिप्पणियाँ भरी हुई थीं। अभियोजकों ने बताया कि उसने लिखित रूप में कहा था कि वह अधिक से अधिक अल्पसंख्यकों की हत्या करने के बाद मरना चाहता है। पैपोरेकिस ने खुद को 'व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो नाजी' बताया।
अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी पिछले दो वर्षों से इस हमले की योजना बना रहा था। बुधवार को उसे रोलिंग मीडोज की काउंटी अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने उसे 30 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि ऑरोरा में एक पूजा स्थल को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी खबरों की जानकारी उसे है। दूतावास ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से समय रहते की गई कार्रवाई की सराहना की और कहा कि वह भारतीय समुदाय के संपर्क में है तथा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
गौरतलब है कि ऑरोरा में तीन हिंदू मंदिर हैं। स्थानीय पुलिस ने इलाके के सभी मंदिरों को इस खतरे की जानकारी दे दी है।
आगे की कार्रवाई
आरोपी पैपोरेकिस की अगली अदालती सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। यह घटना अमेरिका में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा प्रेरित हमलों की बढ़ती आशंकाओं के बीच सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सूचना देने वाले सहकर्मी की सतर्कता ने संभावित रूप से एक बड़ी त्रासदी को टाला।