राम मंदिर हमले की साजिश: एनआईए ने सहारनपुर के मोहम्मद सुहैल को दावणगेरे से गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 25 जून 2026 को अयोध्या राम मंदिर पर हमले की कथित साजिश से जुड़े सहारनपुर निवासी मोहम्मद सुहैल को कर्नाटक के दावणगेरे क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एनआईए ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर की।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुहैल लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। उसके कुछ संदिग्ध संगठनों और व्यक्तियों से संपर्क होने की जानकारी एजेंसियों को पहले से थी। इन्हीं इनपुट के आधार पर एनआईए और यूपी एटीएस ने संयुक्त अभियान चलाया और उसे दबोचा।
बताया जा रहा है कि सुहैल दावणगेरे में अपनी असली पहचान छिपाकर पेंटर के रूप में काम कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी से पहले उसकी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही थी।
डिजिटल साक्ष्य और हथियारों वाली तस्वीरें
जांच के दौरान एजेंसियों को आरोपी के पास से और उसके डिजिटल उपकरणों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, सुहैल की कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें वह कथित तौर पर हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश की सुरक्षा एजेंसियाँ धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की संभावित साजिशों के प्रति विशेष रूप से सतर्क हैं। गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से यह देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।
कथित पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
प्रारंभिक जांच में आरोपी के कथित पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सुहैल के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या वह किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था। अधिकारियों के अनुसार, वह कई संदिग्ध ऑनलाइन ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जुड़ा हुआ था।
हालांकि एजेंसियों ने अभी तक इस कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले में विस्तृत जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश में नेटवर्क की तलाश
उत्तर प्रदेश में भी सुहैल के संपर्कों और गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियाँ सहारनपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में उसके संभावित सहयोगियों, नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
आगे की जांच
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे षड्यंत्र की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। एनआईए की आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि फोरेंसिक जांच और पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं।