राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निरुपम ने भाजपा का बचाव किया, राहुल गांधी की 'गायब' राजनीति पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 29 जून 2026 को अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की चोरी से जुड़े विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का खुलकर बचाव किया और स्पष्ट किया कि इस मामले के लिए किसी राजनीतिक दल या सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराना राजनीतिक अपरिपक्वता है। साथ ही, उन्होंने नई दिल्ली में लगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित 'गुमशुदा' पोस्टरों को लेकर तीखी टिप्पणी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।
राम मंदिर चंदा विवाद पर निरुपम का रुख
निरुपम ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण दशकों के आंदोलन और करोड़ों हिंदुओं की आस्था का परिणाम है। दुनिया भर के हिंदू श्रद्धालु वहाँ पहुँचकर दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यह जानकारी सामने आना कि मंदिर परिसर में कार्यरत कुछ लोग चढ़ावे में हेराफेरी कर रहे हैं, अत्यंत दुखद और निंदनीय है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। निरुपम ने माँग की कि जिन लोगों के तार इस मामले से जुड़े हैं, उनकी भी गहन जाँच हो और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर पलटवार
निरुपम ने यह भी स्वीकार किया कि प्रत्येक हिंदू को यह अधिकार है कि उसके मंदिर में चढ़ाए गए दान के साथ कोई खिलवाड़ न हो। हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने BJP पर जो 'बेहद निम्न स्तर' की टिप्पणी की है, वह निंदनीय है। उनके अनुसार, इस घटना के लिए किसी राजनीतिक पार्टी को दोषी ठहराना उचित नहीं, बल्कि ध्यान दोषी व्यक्तियों पर केंद्रित रहना चाहिए।
राहुल गांधी की 'गायब' राजनीति पर निशाना
दिल्ली में लगे राहुल गांधी के कथित 'गुमशुदा' पोस्टरों का संदर्भ देते हुए निरुपम ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की राजनीति में निरंतरता का अभाव स्पष्ट रूप से दिखता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अचानक राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो जाते हैं और फिर किसी एक मुद्दे पर सक्रिय होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करते हैं।
निरुपम के अनुसार, 2026 के नए भारत में वही नेता टिकेगा जो चौबीसों घंटे जनता के बीच रहकर काम करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता अपनी सुविधा के अनुसार राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेता है, तो जनता उसे स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से आग्रह किया कि वह राहुल गांधी की इस प्रवृत्ति को सुधारने की दिशा में प्रयास करे।
मोदी को सेशेल्स सम्मान — देश के लिए गर्व
निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने की सराहना की। उन्होंने बताया कि अब तक दुनिया के 32 देशों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को इस प्रकार के सर्वोच्च सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें बड़े और छोटे दोनों प्रकार के राष्ट्र शामिल हैं।
निरुपम के अनुसार, यह सम्मान वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और ताकत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मोदी जिस प्रकार विभिन्न देशों के नेताओं के साथ भारत के संबंध मजबूत कर रहे हैं और वैश्विक समस्याओं के समाधान में संकटमोचक की भूमिका निभा रहे हैं, उससे पूरे भारत का मान बढ़ रहा है। उन्होंने सेशेल्स सरकार को इस सम्मान के लिए धन्यवाद दिया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और SIT जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है।