27 जून 2026
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कर्नाटक स्लीपर सेल नहीं बनेगा: मंत्री प्रियांक खड़गे, दावनगेरे गिरफ्तारी पर NIA जांच जारी

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कर्नाटक स्लीपर सेल नहीं बनेगा: मंत्री प्रियांक खड़गे, दावनगेरे गिरफ्तारी पर NIA जांच जारी

सारांश

दावनगेरे में संदिग्ध आतंकवादी सुहैल की गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने साफ कहा — राज्य स्लीपर सेल नहीं बनेगा। अयोध्या राम मंदिर में विस्फोट की कथित योजना के संकेतों के बीच NIA मामले की जांच संभाल चुकी है।

मुख्य बातें

24 जून 2026 को दावनगेरे के हरिहर तालुका से संदिग्ध आतंकवादी सुहैल को गिरफ्तार किया गया, जो उत्तर प्रदेश का मूल निवासी बताया जा रहा है।
आरोपी के व्हाट्सएप अकाउंट पर अयोध्या राम मंदिर में बम विस्फोट की कथित योजना से जुड़े संकेत मिले हैं।
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा — 'कर्नाटक को आतंकवादियों का स्लीपर सेल नहीं बनने देंगे।' राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ कर चुके हैं; मामला NIA के अधिकार क्षेत्र में है।
मामला हरिहर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज; कर्नाटक पुलिस NIA को पूरा सहयोग दे रही है।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 27 जून 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि दावनगेरे में एक संदिग्ध आतंकवादी की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और कर्नाटक को किसी भी हालत में आतंकवादियों का 'स्लीपर सेल' नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के समन्वय से जांच तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

24 जून 2026 को पुलिस और खुफिया अधिकारियों के संयुक्त अभियान में दावनगेरे जिले के हरिहर तालुका से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। आरोपी की पहचान सुहैल के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश का मूल निवासी बताया जा रहा है। वह हरिहर में पेंटिंग के काम के सिलसिले में आया था और हरिहर ग्रामीण पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र के एक गांव में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में उसके व्हाट्सएप अकाउंट पर संदिग्ध आतंकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिली है।

राम मंदिर विस्फोट की कथित योजना

सूत्रों के अनुसार, आरोपी के ऑडियो क्लिप में अयोध्या के राम मंदिर में बम विस्फोट की योजना पर कथित तौर पर चर्चा के संकेत मिले हैं। मंत्री खड़गे ने इन्हीं सवालों के जवाब में कहा कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी के व्हाट्सएप चैट से सारी जानकारी निकाली गई और NIA अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूछताछ कर चुके हैं। मामला हरिहर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

NIA के साथ समन्वय

खड़गे ने स्पष्ट किया कि यह मामला NIA के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए कर्नाटक पुलिस एजेंसी को पूरा सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा, 'हमें NIA के निर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा क्योंकि यह मामला हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। हम एजेंसी को पूरा सहयोग दे रहे हैं।' राज्य की खुफिया एजेंसियां और पुलिस बल इस तरह के खतरों पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।

प्रवासी कामगारों पर मंत्री का बयान

खड़गे ने यह भी दावा किया कि इस तरह के संदिग्ध अक्सर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से प्रवासी मज़दूरों के रूप में कर्नाटक आते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग न तो स्थानीय कन्नड़ भाषी हैं और न ही कर्नाटक के मूल निवासी। उनकी कथित गैरकानूनी गतिविधियां जांच के दौरान ही उजागर होती हैं।

जनता से अपील

गृह मंत्री ने जनता से आग्रह किया कि इस घटना से गलत निष्कर्ष न निकाले जाएं। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक में कोई स्लीपर सेल सक्रिय नहीं है। जनता को गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।' आगे की जांच जारी है और NIA की निगरानी में मामले की पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ यह सुनिश्चित करना कि प्रवासी मज़दूरों को लेकर कोई सांप्रदायिक ध्रुवीकरण न हो। लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि खुफिया तंत्र इतने समय तक इस संदिग्ध की निगरानी में क्यों चूका। अयोध्या राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील लक्ष्य की कथित साजिश को देखते हुए, NIA की जांच की गति और पारदर्शिता दोनों अहम होंगी। कर्नाटक में पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिक तनाव की पृष्ठभूमि में यह गिरफ्तारी राज्य सरकार पर जवाबदेही का दबाव और बढ़ाती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दावनगेरे में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
24 जून 2026 को कर्नाटक के दावनगेरे जिले के हरिहर तालुका से उत्तर प्रदेश मूल के सुहैल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उस पर पाकिस्तान से संबंध होने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है; उसके व्हाट्सएप अकाउंट पर संदिग्ध सामग्री मिली है।
क्या अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश थी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के ऑडियो क्लिप में अयोध्या के राम मंदिर में बम विस्फोट की योजना पर कथित तौर पर चर्चा के संकेत मिले हैं। यह जांच का विषय है और NIA इसकी पड़ताल कर रही है।
NIA इस मामले में क्या भूमिका निभा रही है?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी गिरफ्तारी के बाद मौके पर पहुंचे और आरोपी से पूछताछ की। गृह मंत्री खड़गे ने स्पष्ट किया कि यह मामला NIA के अधिकार क्षेत्र में है और कर्नाटक पुलिस एजेंसी को पूरा सहयोग दे रही है।
मंत्री खड़गे ने 'स्लीपर सेल' पर क्या कहा?
खड़गे ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक में कोई सक्रिय स्लीपर सेल नहीं है और राज्य को आतंकवादियों का ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि इस घटना से गलत निष्कर्ष न निकाले जाएं।
क्या ऐसे संदिग्ध कर्नाटक के स्थानीय निवासी हैं?
गृह मंत्री खड़गे के अनुसार, ऐसे संदिग्ध आमतौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से प्रवासी मज़दूरों के रूप में कर्नाटक आते हैं और न तो स्थानीय कन्नड़ भाषी होते हैं, न ही राज्य के मूल निवासी।
राष्ट्र प्रेस
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