कर्नाटक बिटकॉइन स्कैम: कैबिनेट सब-कमेटी पुनर्गठन पर विचार करेगी सरकार — गृह मंत्री प्रियांक खड़गे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार, 12 जून को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बिटकॉइन स्कैम मामले की निगरानी के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति के पुनर्गठन की आवश्यकता की समीक्षा करेगी। इस चर्चित मामले की जांच फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नेतृत्व वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
सरकार का रुख
खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'ईडी का एक मामला है, जो हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। पहले एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाई गई थी। अब हम चर्चा करेंगे कि क्या इसे फिर से बनाने की जरूरत है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मामले में ताज़ा गिरफ्तारियाँ और छापेमारी से जांच तेज़ हो गई है।
चार्जशीट में कांग्रेस नेता का नाम
20 मई को बेंगलुरु की अदालत में पेश की गई एसआईटी की चार्जशीट में कर्नाटक यूथ कांग्रेस के नेता मोहम्मद हारिस नलापाद का नाम शामिल है। नलापाद शांतिनगर से कांग्रेस विधायक एनए हारिस के पुत्र हैं। चार्जशीट में नलापाद के साथ-साथ कथित हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी और उनके अकाउंटेंट रॉबिन खंडेलवाल का नाम भी दर्ज है। यह मामला 2017 के यूनोकॉइन बिटकॉइन चोरी से जुड़ा है।
जांच में क्या सामने आया
ईडी के नेतृत्व वाली एसआईटी ने मोहम्मद नलापाद को तीसरा नोटिस जारी किया है। जांच में यह सामने आया है कि बिटकॉइन को भारतीय मुद्रा में गैर-कानूनी रूप से परिवर्तित करने के सिलसिले में नलापाद से जुड़े लेन-देन के ज़रिए करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया था। हाल ही में ईडी अधिकारियों ने शांतिनगर में विधायक एनए हारिस और उनके पुत्र के आवासों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।
बिदादी टाउनशिप और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
गृह मंत्री खड़गे ने विवादास्पद बिदादी टाउनशिप परियोजना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'जब पहले जेडीएस सत्ता में थी, तो यह एक अच्छा प्रोजेक्ट था। अब इसे गलत कैसे कहा जा सकता है?' उन्होंने परियोजना का विरोध कर रहे केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे ऐसा करते हैं तो उसे 'मास्टरस्ट्रोक' कहा जाता है, लेकिन जब कांग्रेस सरकार करती है तो उसे 'किसान-विरोधी' बताया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि स्थानीय जनता परियोजना नहीं चाहती, तो सरकार आगे नहीं बढ़ेगी।
पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक छुट्टी पर रुख
खड़गे ने पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक छुट्टी की माँग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने इस संबंध में अनुरोध किया है और उन्होंने थोड़ा समय माँगा है। उनके अनुसार, 'वे तनाव में हैं। हमें उनके स्वास्थ्य और परिवार की भलाई का ध्यान रखना चाहिए।' गौरतलब है कि खड़गे ने अपने पिछले विभाग में भी इसी मुद्दे को उठाया था। आने वाले दिनों में कैबिनेट उप-समिति के पुनर्गठन पर सरकार का अंतिम निर्णय इस मामले की जांच की दिशा तय करेगा।