15 अक्टूबर 2026
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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश: भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की, जांच की मांग

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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश: भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की, जांच की मांग

सारांश

अमेरिका के इलिनोइस में एक हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश — जिसे आरोपी की राइफल जाम होने और एक सहकर्मी की सतर्कता से रोका गया — ने भारत की विदेश नीति को एक्शन में ला दिया। विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा करते हुए जाँच और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए ठोस कदमों की माँग की।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 15 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के इलिनोइस के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित साजिश की कड़ी निंदा की।
19 वर्षीय आरोपी — जिसने खुद को 'व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी' बताया — को हमले से पहले ही गिरफ्तार किया गया; राइफल जाम होने से बड़ा हादसा टला।
आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध हथियार रखने के आरोप; बुधवार को स्थानीय अदालत में पेशी हुई।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पूर्ण और निष्पक्ष जाँच तथा भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस नीति की माँग की।
मंत्रालय ने इसे अमेरिका में बढ़ती नस्लीय नफरत और भारत-विरोधी भावना का संकेत बताया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने 15 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के इलिनोइस राज्य के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की कड़े शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में हिंदू-विरोधी और नस्लभेदी सोच साफ झलकती है, जो अमेरिका में भारतीय मूल के समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न करती है।

क्या है पूरा मामला

कथित तौर पर 19 वर्षीय एक आरोपी ने ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाई थी। अधिकारियों के अनुसार, हमले से ठीक पहले उसकी राइफल जाम हो गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आरोपी के एक सहकर्मी ने समय रहते माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद यह जानकारी पैलेटाइन पुलिस तक पहुँची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। सहकर्मी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

आरोपी ने अपने सहकर्मी को एक तस्वीर भेजी थी जिसमें वह टैक्टिकल वेस्ट पहने नजर आ रहा था, साथ ही आठ पन्नों का एक दस्तावेज भी भेजा था। आरोपी ने खुद को 'व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी' बताया। उसे बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह खबरें 'बेहद चिंताजनक' हैं। उन्होंने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों — संदिग्ध की गिरफ्तारी, हिरासत और उस पर लगाए गए आरोपों — की जानकारी लेने की पुष्टि की।

जायसवाल ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जाँच करेंगे, दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।'

भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चिंता

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लीय नफरत और भारत-विरोधी भावना को लेकर उठ रही चिंताओं को और गहरा करती है। विदेश मंत्रालय ने ऐसे मामलों में अधिक सतर्कता, नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी या हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश की गई हो। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के विभिन्न राज्यों में हिंदू मंदिरों पर तोड़फोड़ और नफरत से प्रेरित घटनाएँ सामने आई हैं, जिन पर भारत सरकार पहले भी आपत्ति जता चुकी है।

आगे क्या होगा

अमेरिकी अदालत में बुधवार को हुई पेशी के बाद मामले की अगली सुनवाई होनी है। भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों के साथ राजनयिक स्तर पर संपर्क बनाए रखेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा का मुद्दा और अधिक प्राथमिकता पाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत इसे केवल बयानबाजी तक सीमित रखेगा या राजनयिक दबाव के जरिये अमेरिकी सरकार से संस्थागत सुरक्षा प्रतिबद्धताएँ हासिल करेगा। पिछले कुछ वर्षों में हिंदू मंदिरों पर तोड़फोड़ और नफरत से प्रेरित घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में प्रवासी सुरक्षा को औपचारिक एजेंडे पर लाने की जरूरत अब पहले से कहीं अधिक स्पष्ट है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर क्या साजिश रची गई थी?
इलिनोइस के ऑरोरा में एक 19 वर्षीय आरोपी ने हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाई थी। हमले से ठीक पहले उसकी राइफल जाम हो गई और एक सहकर्मी की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'बेहद चिंताजनक' बताते हुए अमेरिकी अधिकारियों से पूर्ण और निष्पक्ष जाँच, दोषियों को सजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की। मंत्रालय ने इसे अमेरिका में बढ़ती नस्लीय नफरत और भारत-विरोधी भावना से जोड़ा।
आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं?
19 वर्षीय आरोपी, जिसने खुद को 'व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नियो-नाजी' बताया, पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। उसे बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
हमले की साजिश का पर्दाफाश कैसे हुआ?
आरोपी के एक सहकर्मी — जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई — ने माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को सूचित किया। आरोपी ने उसे टैक्टिकल वेस्ट पहने अपनी तस्वीर और आठ पन्नों का एक दस्तावेज भी भेजा था। यह जानकारी आगे पैलेटाइन पुलिस को दी गई, जिसके बाद गिरफ्तारी हुई।
क्या अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के विभिन्न राज्यों में हिंदू मंदिरों पर तोड़फोड़ और नफरत से प्रेरित घटनाएँ सामने आई हैं। भारत सरकार इन मामलों पर पहले भी अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष चिंता जता चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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