नवरात्रि पर अमेरिका में हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की साजिश नाकाम, इलिनोइस में 'नव-नाजी' गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के इलिनोइस राज्य में नवरात्रि के पावन अवसर पर एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने के आरोप में एक युवक को बुधवार, 15 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी खुद को 'व्हाइट सुप्रेमेसिस्ट नव-नाजी' बताता था और उसकी योजना का निशाना शिकागो से लगभग 70 किलोमीटर दूर ऑरोरा स्थित एक हिंदू मंदिर था। इस घटना के सामने आते ही प्रमुख हिंदू और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है।
हमले की साजिश और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शनिवार को ऑरोरा स्थित हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी का प्रयास किया था, लेकिन उसकी राइफल जाम हो जाने के कारण हमला नाकाम रहा और वह मौके से भाग निकला। आरोपी के एक सहकर्मी द्वारा सूचना दिए जाने के बाद अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया। यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि धार्मिक स्थलों पर नफरत-प्रेरित हमलों का खतरा कितना वास्तविक है।
हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया
हिंदू मंदिर एम्पावरमेंट काउंसिल (HMEC) ने मंदिरों और भक्तों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना अधिकारियों को देने का आग्रह किया। संगठन ने कहा, 'जब हम प्रार्थना, उत्सव और सेवा के लिए एक साथ आते हैं, तो हमें नफरत के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर श्रद्धालु अपने पूजा स्थल पर बिना डर, शांति और स्वतंत्रता के साथ पूजा कर सके।'
कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने निर्वाचित प्रतिनिधियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से हिंदू पूजा स्थलों के विरुद्ध बढ़ते खतरों को गंभीरता से लेने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंदूफोबिया की स्पष्ट रूप से निंदा करने की माँग की।
बढ़ती हिंदू-विरोधी घटनाओं का संदर्भ
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हिंदू-विरोधी घृणा अपराधों की संख्या 2024 में 25 से बढ़कर पिछले वर्ष 32 हो गई। यह विफल साजिश 3 अक्टूबर को ओहायो के रिचमंड हाइट्स में स्थित स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर पर हुए हमले के महज कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। उस घटना में मंदिर पर ईंटें फेंकी गई थीं जबकि अंदर पुजारी और श्रद्धालु प्रार्थना सभा में शामिल थे।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका भर में हिंदू और भारतीय-अमेरिकी समुदाय नवरात्रि के उत्सव में डूबे हुए हैं और मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
विशेषज्ञ एवं सामुदायिक चिंताएँ
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज ने इस घटना को लेकर कहा कि 'यह घटना इस बात की गंभीर याद दिलाती है कि भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत सिर्फ इंटरनेट या राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं है। यह वास्तविक दुनिया में हमारे समुदाय और पूजा स्थलों के लिए खतरा बन सकती है।' गौरतलब है कि यह घटना सिर्फ एक अलग-थलग मामला नहीं, बल्कि एक उभरते हुए रुझान का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसे FBI के आँकड़े भी रेखांकित करते हैं।
आगे क्या होगा
CoHNA और अन्य संगठनों ने मंदिरों तथा सामुदायिक संगठनों से भी अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी देने का आग्रह किया है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की जाँच संघीय एजेंसियाँ कर रही हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका के विभिन्न राज्यों में मंदिरों की सुरक्षा को लेकर और माँगें उठने की संभावना है।