राकेश टिकैत का तंज: बाबा बागेश्वर पर्चे से राम मंदिर चढ़ावा चोरों के नाम बताएं, बेवजह पुलिस परेशान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 30 जून 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और स्मार्ट मीटर नीति पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को कड़े शब्दों में घेरा। टिकैत ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे पर्चे से सब कुछ बता सकते हैं, तो चढ़ावा चोरी में शामिल आरोपियों के नाम भी उजागर करें — ताकि पुलिस को अनावश्यक मेहनत न करनी पड़े।
बाबा बागेश्वर पर टिकैत का तंज
किसान नेता टिकैत ने कहा, बाबा बागेश्वर पर्चा निकालकर वैसे भी सब कुछ बता देते हैं — तो वे राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में शामिल आरोपियों के बारे में क्यों नहीं बताते? उन्होंने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा कि यदि बाबा एक बार सब कुछ बता दें, तो पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और बेवजह पुलिस प्रशासन को परेशान नहीं होना पड़ेगा। टिकैत के अनुसार, पुलिस अपना काम कर रही है और इस मामले को किसी भी प्रकार का राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर टिकैत की राय
टिकैत ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच जारी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उन्होंने माँग की कि रिकवरी की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनके मुताबिक, ट्रस्ट के सभी सदस्य इसमें शामिल नहीं हो सकते — मुख्य गड़बड़ी चंदे की गिनती करने वालों की ओर से हुई है, जो सीसीटीवी फुटेज में दिखते होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कार्रवाई मंदिर परिसर के बाहर होनी चाहिए, क्योंकि वहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
एसआईटी पूरे मामले की जाँच कर रही है। टिकैत ने कहा कि जिसने दान के पैसे चुराए हैं, उसे सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि यदि ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता तो अब तक उसका एनकाउंटर हो जाता। टिकैत ने पलटवार करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति बिक्री का मामला भी सामने आ चुका है, इसलिए इस विषय को अनावश्यक रूप से तूल देना उचित नहीं है।
अयोध्या में राजनेताओं के दौरे पर चेतावनी
अयोध्या में राजनेताओं के बढ़ते दौरों पर टिकैत ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जहाँ आग लगी हो, वहाँ पानी लेकर जाते हैं, पेट्रोल लेकर नहीं — लेकिन मौजूदा समय में ऐसा नहीं लग रहा। उनका आग्रह था कि पहले मामले में शामिल आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाए, उसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर विरोध
टिकैत ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी सरकार को आगाह किया। उनके अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत में आया था और दो-तीन दिन रहा, लेकिन किसान संगठनों के दबाव के चलते अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस डील के तहत अमेरिकी माल शून्य शुल्क पर भारत आएगा, जबकि भारतीय किसानों को अपना माल वहाँ भेजने के लिए 18 प्रतिशत शुल्क चुकाना होगा। यदि यह समझौता होता है, तो BKU अगले ही दिन विरोध प्रदर्शन करेगी।
स्मार्ट मीटर और किसानों की बिजली समस्या
टिकैत ने स्मार्ट मीटर को किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने सरकार से माँग की कि चुनावी घोषणापत्र में स्पष्ट किया जाए कि स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे या नहीं। उनका सुझाव था कि सरकार सोलर सिस्टम पर सब्सिडी दे और हर घर में सोलर पैनल लगाने की दिशा में काम करे। उन्होंने कहा कि महंगाई पहले से बढ़ रही है, किसानों की फसलें बिक नहीं रही हैं, और यदि FTA लागू हुआ तो विदेशी फसलें भी बाज़ार में आ जाएंगी — जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं। टिकैत ने कहा कि समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों मजबूती से मैदान में हैं, लेकिन उनके अनुसार इन्हें वोट कोई नहीं दे रहा — इसीलिए ये दल 'बेईमानी का रास्ता' अपना रहे हैं। आने वाले दिनों में किसान संगठनों का रुख और स्पष्ट होगा।