15 अगस्त 2026
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RSS विरोधी कर्नाटक बिल अदालत में नहीं टिकेगा: पूर्व CM बसवराज बोम्मई का कांग्रेस पर हमला

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RSS विरोधी कर्नाटक बिल अदालत में नहीं टिकेगा: पूर्व CM बसवराज बोम्मई का कांग्रेस पर हमला

सारांश

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने RSS की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लाए जा रहे प्रस्तावित बिल को संविधान-विरोधी बताते हुए कहा कि यह अदालत में नहीं टिकेगा। साथ ही उन्होंने ₹89 करोड़ के वाल्मीकि घोटाले, स्लीपर सेल की वापसी और कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

पूर्व CM बसवराज बोम्मई ने 14 अगस्त 2026 को हावेरी में कहा कि कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेस एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026 न्यायालय में नहीं टिकेगा।
उन्होंने वाल्मीकि विकास निगम में ₹89 करोड़ की अनियमितता का हवाला देते हुए चार्जशीट-सामना कर रहे बी.
नागेंद्र को मंत्रिमंडल में शामिल करने की निंदा की।
खुफिया सूचनाओं के अनुसार दावणगेरे और कलबुर्गी में स्लीपर सेल फिर सक्रिय; NIA ने हस्तक्षेप किया।
बोम्मई ने दावा किया कि पूर्व CM सिद्धारमैया कैबिनेट विस्तार से नाराज हैं और कांग्रेस में अंतर्कलह गहरा रही है।
उत्तराखंड के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान को बोम्मई ने 'अक्षम्य अपराध' बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 14 अगस्त 2026 को हावेरी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कर्नाटक सरकार द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के इरादे से लाया जा रहा कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेस एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026 न्यायालय में नहीं टिक सकेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान प्रत्येक नागरिक को मौलिक और व्यक्तिगत अधिकारों की गारंटी देता है, जिन्हें किसी भी कानून से नहीं छीना जा सकता।

मुख्य घटनाक्रम

बोम्मई ने स्पष्ट किया, 'हर व्यक्ति को इन अधिकारों का उल्लंघन किए बिना कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और त्योहारों की परंपरा लोगों को जोड़ने का माध्यम है। जो लोग इन परंपराओं को बाधित करने के लिए कानून लाने की कोशिश कर रहे हैं, वे संविधान की भावना के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अतीत में भी ऐसे प्रयास न्यायालयों में असफल हो चुके हैं और नया प्रयास भी उसी परिणति को प्राप्त होगा।

आदिवासी कल्याण घोटाले पर आरोप

आदिवासी कल्याण घोटाले पर बोम्मई ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्वयं विधानसभा में स्वीकार किया था कि वाल्मीकि विकास निगम में ₹89 करोड़ की अनियमितता हुई। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें धन के स्रोत और गंतव्य के साक्ष्य मौजूद हैं। इसके बावजूद चार्जशीट का सामना कर रहे बी. नागेंद्र को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को उन्होंने 'अहंकार की पराकाष्ठा' बताया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इसकी कड़ी निंदा की।

सुरक्षा व्यवस्था और स्लीपर सेल पर चिंता

आतंकवाद और सुरक्षा के मसले पर बोम्मई ने दावणगेरे और कलबुर्गी में हाल की गिरफ्तारियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचनाओं से संकेत मिल रहे हैं कि स्लीपर सेल फिर से सक्रिय हो रहे हैं और नई भर्तियाँ भी की जा रही हैं। उनके अनुसार, जब भाजपा सत्ता में थी तब 15 से अधिक आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आलोचकों का कहना है कि अब राजनीतिक दबाव के कारण राज्य पुलिस कड़ी कार्रवाई से बच रही है, जिसके चलते राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को हस्तक्षेप करना पड़ा है।

कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह के दावे

दावणगेरे उपचुनाव और मंत्रिमंडल घटनाक्रम पर बोम्मई ने दावा किया कि मंत्री जमीर अहमद खान कांग्रेस के भीतर हाशिये पर जा रहे हैं और उन्होंने जिला प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कैबिनेट विस्तार और निर्णय प्रक्रिया से नाराज हैं तथा उनके करीबी सहयोगी खुलकर उन्हें किनारे किए जाने की बात कर रहे हैं।

खड़गे के भाषण के बाद 'शुद्धिकरण' की निंदा

बोम्मई ने उत्तराखंड के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, 'किसी वरिष्ठ नेता के भाषण देने के बाद उस स्थान का शुद्धिकरण करना अक्षम्य अपराध है। हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। यह उनका अपमान है। हम ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करते।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक है। आने वाले दिनों में इस बिल और इससे जुड़े राजनीतिक विवाद पर न्यायिक और विधायी दोनों मोर्चों पर घटनाक्रम तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कर्नाटक में भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो कांग्रेस सरकार को संविधान-विरोधी साबित करने पर टिकी है। गौरतलब है कि वाल्मीकि घोटाले में ED की चार्जशीट के बावजूद आरोपित को मंत्रिमंडल में वापस लेना कांग्रेस के लिए गंभीर नैतिक प्रश्न खड़ा करता है, जिसे विपक्ष चुनावी मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। स्लीपर सेल की सक्रियता और NIA के हस्तक्षेप का मुद्दा राज्य सरकार की सुरक्षा नीति पर सवाल उठाता है, लेकिन इस पर स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है। खड़गे के 'शुद्धिकरण' प्रकरण की निंदा करके बोम्मई ने एक ऐसा नैतिक उच्च भूमि ली है जो भाजपा के अपने रिकॉर्ड के संदर्भ में और अधिक जाँच की माँग करती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेस एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026 क्या है?
यह कर्नाटक सरकार द्वारा कथित तौर पर सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग को विनियमित करने के लिए प्रस्तावित विधेयक है, जिसे आलोचक RSS की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास मानते हैं। पूर्व CM बोम्मई समेत विपक्ष का कहना है कि यह बिल संवैधानिक मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और न्यायालय में टिक नहीं पाएगा।
वाल्मीकि विकास निगम घोटाला क्या है और इसमें कितनी राशि शामिल है?
वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में ₹89 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप है, जिसे पूर्व CM सिद्धारमैया ने स्वयं विधानसभा में स्वीकार किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की है और आरोपित बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किए जाने पर विवाद है।
कर्नाटक में स्लीपर सेल की सक्रियता को लेकर क्या कहा गया?
बोम्मई ने दावा किया कि खुफिया सूचनाओं से संकेत मिल रहे हैं कि दावणगेरे और कलबुर्गी में स्लीपर सेल फिर से सक्रिय हो रहे हैं और नई भर्तियाँ भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण राज्य पुलिस कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रही, जिससे NIA को हस्तक्षेप करना पड़ा।
उत्तराखंड में खड़गे के भाषण के बाद 'शुद्धिकरण' विवाद क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के रामलीला मैदान में भाषण देने के बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने उस स्थान का 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान किया। बोम्मई ने इसे 'अक्षम्य अपराध' और एक वरिष्ठ नेता का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की।
कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह को लेकर बोम्मई ने क्या दावा किया?
बोम्मई ने दावा किया कि पूर्व CM सिद्धारमैया कैबिनेट विस्तार और निर्णय प्रक्रिया से नाराज हैं और उनके करीबी सहयोगी खुलकर उन्हें हाशिये पर किए जाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री जमीर अहमद खान ने जिला प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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