बोम्मई का दावा: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार दो साल राजनीतिक अस्थिरता में बिताएगी, ईंधन टैक्स पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बसवराज बोम्मई ने मंगलवार, 9 जून को गदग में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार आने वाले दो वर्षों तक राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक गिरावट की दिशा में बढ़ती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रहे आपसी मतभेद जन-कल्याण और शासन को सीधे प्रभावित कर रहे हैं।
अंदरूनी कलह और सत्ता संघर्ष
बोम्मई ने कहा कि भले ही ऊपर से कांग्रेस में सत्ता का हस्तांतरण सहज दिखता हो, लेकिन पार्टी के भीतर तनाव 'धधकते अंगारों की तरह' अभी भी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कैबिनेट विभागों के बंटवारे को लेकर उभरी उलझन इसी अंदरूनी संघर्ष की झलक है।
उनके अनुसार, कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अथवा उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर में से किसी के भी नेतृत्व को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद के लिए दिख रहा दबाव इस बात का संकेत है कि कांग्रेस विधायकों को खुद भरोसा नहीं कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापस आ पाएगी।
शिवकुमार पर टिप्पणी
बोम्मई ने कहा, 'कई चुनौतियाँ हैं। जब सरकार राजनीतिक रूप से स्थिर होती है, तभी वह अच्छा कामकाज कर सकती है। अब यह देखना होगा कि सीएम डीके शिवकुमार इन मुद्दों को कैसे संभालते हैं।' उन्होंने कहा कि शिवकुमार, जिन्हें 'ट्रबल-शूटर' के रूप में जाना जाता है, उन्हें अब बिना किसी बाहरी सहयोग के अंदरूनी संकटों से निपटना होगा।
कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर बोम्मई ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया 'खाली नहीं बैठे हैं'। उन्होंने बताया कि कैबिनेट गठन के पहले चरण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्य सिद्दारमैया और पार्टी आलाकमान का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखा था। उन्होंने कहा कि अगले फेरबदल में यदि शिवकुमार के समर्थकों को जगह मिलती है, तो यह सरकार में उनके वास्तविक प्रभाव का पैमाना होगा।
सुरजेवाला और देवेगौड़ा विवाद पर पलटवार
कांग्रेस के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के उस आरोप पर — कि BJP ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को राज्यसभा सीट न देकर उनका अपमान किया — बोम्मई ने पलटवार करते हुए कहा कि सुरजेवाला को 'कर्नाटक की राजनीति की बहुत कम समझ है' और उन पर 'चुनिंदा याददाश्त' का आरोप लगाया।
बोम्मई ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने पहले देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री पद से हटाया था और एचडी कुमारस्वामी के साथ दो बार सरकार बनाई और गिराई भी। उन्होंने कहा कि BJP नेतृत्व सही समय पर देवेगौड़ा को उचित सम्मान देने पर विचार कर रहा है।
ईंधन कीमतों पर सरकार को घेरा
ईंधन की कीमतों पर बोम्मई ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की हालिया बढ़ोतरी वैश्विक तेल बाज़ार की दिक्कतों से उपजी है और स्थिति दो हफ्तों में सामान्य हो जाएगी। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह जनता को राहत देने के लिए ईंधन पर कर कम करे।
उन्होंने कहा, 'जब मैं मुख्यमंत्री था, तो मैंने ईंधन की कीमतों में ₹7 प्रति लीटर की कटौती की थी। राज्य सरकार को भी ऐसा ही करना चाहिए।' बोम्मई ने दावा किया कि कर्नाटक में देश में ईंधन पर सबसे अधिक कर वसूला जाता है और मौजूदा सरकार ने टैक्स घटाने के बजाय उन्हें बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अपनी वित्तीय सीमाओं को समझते हुए जनहित में कर कम करने चाहिए।
आने वाले महीनों में कर्नाटक की राजनीति किस दिशा में जाती है, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि सीएम शिवकुमार पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को कितनी कुशलता से साधते हैं।