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कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व पार्टी संभालने में विफल: BJP सांसद कमलजीत सहरावत का हमला

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कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व पार्टी संभालने में विफल: BJP सांसद कमलजीत सहरावत का हमला

सारांश

BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कर्नाटक संकट को कांग्रेस की राष्ट्रीय विफलता का प्रमाण बताया और राहुल गांधी पर अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगाया। साथ ही BJP ने हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर संगठन को नई दिशा देने का संकेत दिया।

मुख्य बातें

BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने 29 मई 2026 को कर्नाटक के CM सिद्दारमैया के इस्तीफे पर कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया।
सहरावत ने राहुल गांधी पर कांग्रेस में अस्थिरता बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया को उच्च कमान का निर्देश मानने पर मजबूर किया गया — जो कर्नाटक की जनता के साथ विश्वासघात है।
BJP ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया।
सहरावत ने मल्होत्रा को जमीनी स्तर से उठे, 7 सांसदों वाली दिल्ली BJP को और मजबूत करने में सक्षम नेता बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कमलजीत सहरावत ने 29 मई 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व अपनी पार्टी को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उनके अनुसार, कर्नाटक की घटना कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का सबसे ताज़ा उदाहरण है।

कर्नाटक संकट पर BJP का रुख

सहरावत ने कहा, "कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी साफ तौर पर दिख रही है। जहां भी उनकी सरकार बनती है, वहां आंतरिक कलह से जनता के हितों का नुकसान होता है। राहुल गांधी भी इस अस्थिरता को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाते हैं। कर्नाटक की जनता ने विकास के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन पार्टी की गुटबाजी ने उस विश्वास को धूमिल कर दिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "सिद्दारमैया के बयान से साफ है कि उन्हें उच्च कमान का निर्देश मानना पड़ा। यह कर्नाटक की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है। अंदरूनी गुटबाजी के कारण जनहित पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला होते हुए भी जनता इसका मूल्यांकन जरूर करेगी।

विपक्षी गुटबाजी से विकास प्रभावित

सहरावत ने कहा कि विपक्षी दलों की आंतरिक खींचतान न केवल उनकी पार्टी को कमज़ोर कर रही है, बल्कि जहां-जहां उनकी सरकारें हैं, वहाँ विकास कार्यों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता इसका जवाब देने के लिए तैयार है और कई राज्यों में दे भी चुकी है।

हर्ष मल्होत्रा की दिल्ली BJP अध्यक्ष पद पर नियुक्ति

BJP ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। इस नियुक्ति पर सहरावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "हमारे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में दिल्ली में BJP की सरकार बनी। दिल्ली में 7 सांसद, नगर निगम और जनता का आशीर्वाद है।"

उन्होंने कहा कि हर्ष मल्होत्रा सांसद होने के साथ-साथ पहले महामंत्री के रूप में संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। "वे जमीनी स्तर से उठकर आए नेता हैं, जो कार्यकर्ताओं और दिल्लीवासियों की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी।"

आगे क्या

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया और दिल्ली में BJP के नए संगठनात्मक ढाँचे पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम आने वाले राज्य चुनावों में दोनों दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी गौरतलब है कि BJP के भीतर भी राज्य स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन असामान्य नहीं रहे — दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा की नियुक्ति इसी का संकेत है। जनता का असली मूल्यांकन अगले चुनावों में होगा, न कि प्रेस बयानों में।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
सहरावत ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व अपनी पार्टी संभालने में पूरी तरह विफल है और आंतरिक गुटबाजी के कारण जनहित नजरअंदाज हो रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सिद्दारमैया के इस्तीफे पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
BJP का कहना है कि सिद्दारमैया को कांग्रेस की उच्च कमान के निर्देश पर इस्तीफा देना पड़ा, जो कर्नाटक की जनता के साथ विश्वासघात है। सहरावत के अनुसार, यह कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का सीधा परिणाम है।
हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली BJP का अध्यक्ष क्यों बनाया गया?
BJP ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। सांसद कमलजीत सहरावत के अनुसार, मल्होत्रा जमीनी स्तर से उठे नेता हैं जो पहले महामंत्री रह चुके हैं और कार्यकर्ताओं व दिल्लीवासियों की भावनाओं को समझते हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस की गुटबाजी का जनता पर क्या असर पड़ा?
BJP के अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस की आंतरिक खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हुए और जनता के हितों की अनदेखी हुई। कर्नाटक की जनता ने विकास के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन गुटबाजी ने वह विश्वास धूमिल किया।
दिल्ली में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौन थे?
दिल्ली में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा थे, जिनके नेतृत्व में दिल्ली में BJP की सरकार बनी। अब उनकी जगह हर्ष मल्होत्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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