कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व पार्टी संभालने में विफल: BJP सांसद कमलजीत सहरावत का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कमलजीत सहरावत ने 29 मई 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व अपनी पार्टी को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उनके अनुसार, कर्नाटक की घटना कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी का सबसे ताज़ा उदाहरण है।
कर्नाटक संकट पर BJP का रुख
सहरावत ने कहा, "कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी साफ तौर पर दिख रही है। जहां भी उनकी सरकार बनती है, वहां आंतरिक कलह से जनता के हितों का नुकसान होता है। राहुल गांधी भी इस अस्थिरता को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाते हैं। कर्नाटक की जनता ने विकास के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन पार्टी की गुटबाजी ने उस विश्वास को धूमिल कर दिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "सिद्दारमैया के बयान से साफ है कि उन्हें उच्च कमान का निर्देश मानना पड़ा। यह कर्नाटक की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है। अंदरूनी गुटबाजी के कारण जनहित पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला होते हुए भी जनता इसका मूल्यांकन जरूर करेगी।
विपक्षी गुटबाजी से विकास प्रभावित
सहरावत ने कहा कि विपक्षी दलों की आंतरिक खींचतान न केवल उनकी पार्टी को कमज़ोर कर रही है, बल्कि जहां-जहां उनकी सरकारें हैं, वहाँ विकास कार्यों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता इसका जवाब देने के लिए तैयार है और कई राज्यों में दे भी चुकी है।
हर्ष मल्होत्रा की दिल्ली BJP अध्यक्ष पद पर नियुक्ति
BJP ने केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। इस नियुक्ति पर सहरावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "हमारे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में दिल्ली में BJP की सरकार बनी। दिल्ली में 7 सांसद, नगर निगम और जनता का आशीर्वाद है।"
उन्होंने कहा कि हर्ष मल्होत्रा सांसद होने के साथ-साथ पहले महामंत्री के रूप में संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। "वे जमीनी स्तर से उठकर आए नेता हैं, जो कार्यकर्ताओं और दिल्लीवासियों की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी।"
आगे क्या
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया और दिल्ली में BJP के नए संगठनात्मक ढाँचे पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम आने वाले राज्य चुनावों में दोनों दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।