सिद्दारमैया के इस्तीफे पर BJP का वार: 'कांग्रेस में हाईएस्ट बिड वाला बनता है सीएम'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पद से इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 मई 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की नियुक्ति किसी पारदर्शी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि 'बोली लगाने' जैसी व्यवस्था से होती है।
BJP का 'हाईएस्ट बिड' वाला आरोप
BJP नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सत्ता वितरण में एक तरह की 'टेंडरिंग व्यवस्था' चल रही है। उनके अनुसार, जिस नेता की 'हाईएस्ट बिड' होती है, उसे मुख्यमंत्री बना दिया जाता है और जो पीछे रह जाता है, उसे हटा दिया जाता है। वल्लभ ने कहा कि सिद्दारमैया की बिड कमज़ोर पड़ी, इसलिए उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
वल्लभ ने आगे कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसा मॉडल पेश किया है जिसमें नेतृत्व चयन किसी लोकतांत्रिक या पारदर्शी राजनीतिक प्रक्रिया के बजाय 'बोली' जैसी व्यवस्था से संचालित होता दिखता है।
राहुल गांधी और इंडिया अलायंस पर सवाल
वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को इंडिया अलायंस का सबसे बड़ा नेता बताती है, लेकिन पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि इंडिया अलायंस वास्तव में अस्तित्व में है या नहीं। उन्होंने तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में विपक्षी दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़े, जिससे गठबंधन की वास्तविकता पर ही सवाल उठता है।
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया अलायंस की एकजुटता को लेकर पहले से ही कई राज्यों में दरारें सामने आती रही हैं।
BJP प्रवक्ता का प्रशासनिक अस्थिरता पर आरोप
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से राज्य में जारी राजनीतिक खींचतान का सीधा असर प्रशासन पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, सरकार के भीतर की अस्थिरता का नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में नागरिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं और प्रशासनिक कामकाज धीमा पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व आंतरिक मतभेदों में उलझा हुआ है, जिससे राज्य के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
कर्नाटक की राजनीति: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर सत्ता-साझेदारी को लेकर तनाव लंबे समय से चला आ रहा था। सिद्दारमैया और उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। सिद्दारमैया के इस्तीफे ने इस आंतरिक संघर्ष को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर ला दिया है।
आगे क्या होगा
कर्नाटक में अब नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बढ़ेगा। BJP इस राजनीतिक उठापटक को अपने लिए अवसर के रूप में देख रही है और आने वाले दिनों में और तीखे हमलों की संभावना है।