कैप्टन स्मित मच्छार के स्वस्थ होने की दुआ: दिल्ली आर्य समाज मंदिर में विशेष हवन-यज्ञ, देशभर में प्रार्थनाएं
सारांश
मुख्य बातें
फ्लाईदुबई के बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित आर्य समाज मंदिर में विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। 30 सितंबर को 33 हज़ार फीट की ऊँचाई पर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले इस साहसी पायलट के लिए देशभर में प्रार्थनाओं का सिलसिला जारी है।
दिल्ली में हवन-यज्ञ का आयोजन
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने ईस्ट ऑफ कैलाश के आर्य समाज मंदिर में विशेष हवन-यज्ञ संपन्न कराया। इस यज्ञ में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), आर्य समाज और अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कैप्टन मच्छार की असाधारण बहादुरी को सराहते हुए उनके दीर्घायु और शीघ्र स्वास्थ्य-लाभ के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
प्रयागराज में गंगा आरती
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दशाश्वमेध घाट पर भी कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ विशेष गंगा आरती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की गई। स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में इस आयोजन में भाग लिया और पायलट की वीरता को नमन किया।
कॉकपिट में जानलेवा हमला और बहादुरी
कैप्टन मच्छार फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट हैं। 30 सितंबर 2026 को उड़ान के दौरान उनके सह-पायलट ने अचानक कॉकपिट में उन पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। इस हमले के कारण विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14 हज़ार फीट नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने और अत्यधिक रक्तस्राव के बावजूद कैप्टन मच्छार ने साहस नहीं छोड़ा। उन्होंने हमले का मुकाबला किया और क्रू की मदद से कॉकपिट को सुरक्षित किया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में सफलतापूर्वक इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे सभी 174 यात्री सुरक्षित बच गए।
कैप्टन मच्छार का अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार के पास वाणिज्यिक उड्डयन का 13 वर्ष से अधिक का अनुभव है और वे 9,750 घंटे से अधिक की उड़ान भर चुके हैं। उनकी इस असाधारण वीरता ने उन्हें राष्ट्रीय नायक का दर्जा दिला दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतने अधिक रक्तस्राव और दबाव की स्थिति में विमान को सुरक्षित उतारना अत्यंत दुर्लभ उपलब्धि है।
देशभर में प्रार्थनाओं का सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब कैप्टन मच्छार की बहादुरी की कहानी सोशल मीडिया और राष्ट्रीय चर्चा में छाई हुई है। दिल्ली और प्रयागराज के बाद देश के अन्य हिस्सों से भी उनके स्वास्थ्य-लाभ के लिए प्रार्थना-सभाओं की खबरें आ रही हैं। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के साथ ही उनकी वीरता को और अधिक राष्ट्रीय सम्मान मिलने की संभावना है।