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PM मोदी का जकार्ता में ऐलान: भारत की विकास यात्रा곧 1.4 अरब लोगों की बढ़ती उम्मीदों का प्रतीक

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PM मोदी का जकार्ता में ऐलान: भारत की विकास यात्रा곧 1.4 अरब लोगों की बढ़ती उम्मीदों का प्रतीक

सारांश

जकार्ता में भारतीय प्रवासियों से मुखातिब होते हुए PM मोदी ने भारत की विकास गाथा को 1.4 अरब नागरिकों की आकांक्षाओं से जोड़ा। 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म' के मंत्र के साथ उन्होंने वैश्विक संकटों में भी भारत की आर्थिक दृढ़ता को रेखांकित किया और इंडोनेशिया के साथ सांस्कृतिक व सामरिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई को जकार्ता में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने भारत की विकास यात्रा को 1.4 अरब लोगों की आगे बढ़ती उम्मीदों के रूप में परिभाषित किया।
' रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म ' को भारत की प्रगति का मूल मंत्र बताया।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कोविड महामारी और पश्चिम एशिया संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों में भी भारत की अर्थव्यवस्था की निरंतरता को रेखांकित किया।
भारत को आसियान क्षेत्र में विकास का मज़बूत सहयोगी बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई को जकार्ता में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत निरंतर सुधार, बेहतर प्रदर्शन और तीव्र विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने भारत की विकास गाथा को 1.4 अरब नागरिकों की आगे बढ़ती आकांक्षाओं के रूप में परिभाषित किया।

मुख्य संबोधन: विकास की परिभाषा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मुझे भारत के विकास की रफ्तार और पैमाने को एक लाइन में बताना हो, तो मैं कहूंगा, 1.4 अरब लोगों की उम्मीदें आगे बढ़ रही हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि आज गाँवों से लेकर शहरों तक, हर भारतीय के भीतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने का आत्मविश्वास जागा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रगति किसी संयोग का परिणाम नहीं है। 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' — इसी त्रिसूत्री मंत्र के बल पर भारत ने लगातार सुधारों की श्रृंखला बनाई है और देश आज बदलाव की नई इबारत लिख रहा है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की विशेष उपस्थिति

इस अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उनकी उपस्थिति दोनों देशों के लोगों के बीच सुदृढ़ होते संबंधों की प्रतीक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति सुबियांतो के संबोधन में भारत के प्रति उनका स्नेह स्पष्ट दिखा।

भारत-इंडोनेशिया: सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्ते

मोदी ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'चाहे महानदी में केले के तने से बनी छोटी नावें तैराने की परंपरा हो, वायांग कुलित के ज़रिए महाभारत का मंचन हो या देवी श्री की पूजा — हर परंपरा भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक रिश्तों को उजागर करती है।' उन्होंने कहा कि इस संबंध का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही समृद्ध है।

प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रवासियों को दोनों देशों के बीच मित्रता की 'जीवंत कड़ी' बताते हुए इंडोनेशिया के विकास में उनके योगदान की सराहना की।

वैश्विक संकटों में भारत की आर्थिक दृढ़ता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे वैश्विक झटकों के दौरान भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति नहीं खोई। उन्होंने कहा, 'जब पश्चिम एशिया में बड़ा संकट सामने आया, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी।' उन्होंने भारत को वैश्विक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत, इंडोनेशिया और पूरे आसियान क्षेत्र में विकास और समृद्धि का मज़बूत सहयोगी बनने के लिए प्रतिबद्ध है। 'हमारे पास न रुकने का समय है और न ही ठहरने का मौका' — यह कहकर उन्होंने दोनों देशों की साझा विकास-आकांक्षाओं को रेखांकित किया।

प्रवासी समुदाय के प्रति आभार

जकार्ता में मिले उत्साहपूर्ण स्वागत पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'जकार्ता में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था। मैं भारतीय प्रवासियों के प्यार और स्नेह से बहुत प्रभावित हूं।' यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह पूछ सकते हैं कि क्या यह विकास समावेशी है — बेरोज़गारी दर और ग्रामीण आय के आँकड़े अभी भी मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की उपस्थिति भारत-आसियान संबंधों को नई गर्माहट देती है, लेकिन व्यापार घाटे और निवेश प्रवाह के ठोस आँकड़े ही बताएंगे कि यह साझेदारी कितनी गहरी हो रही है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदाय को क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने 7 जुलाई को जकार्ता में कहा कि भारत की विकास यात्रा 1.4 अरब लोगों की आगे बढ़ती उम्मीदों का प्रतीक है। उन्होंने 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' को देश की प्रगति का मूल मंत्र बताया।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस कार्यक्रम में क्यों शामिल हुए?
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जकार्ता में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। उनकी उपस्थिति भारत और इंडोनेशिया के लोगों के बीच मज़बूत होते संबंधों और दोनों देशों की साझा विकास-आकांक्षाओं को दर्शाती है।
मोदी ने भारत-इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने वायांग कुलित के ज़रिए महाभारत के मंचन, देवी श्री की पूजा और महानदी की नाव-परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्ते उतने ही पुराने और समृद्ध हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को इस मित्रता की 'जीवंत कड़ी' बताया।
वैश्विक संकटों में भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार नहीं खोई। उन्होंने भारत को वैश्विक विकास यात्रा में एक अहम स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया।
आसियान क्षेत्र में भारत की भूमिका को लेकर PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि भारत इंडोनेशिया और पूरे आसियान क्षेत्र में विकास और खुशहाली लाने के लिए एक मज़बूत सहयोगी की भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत और इंडोनेशिया दोनों को विकास के लिए समान रूप से उत्सुक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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