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राम मंदिर चंदा मामले में निष्पक्ष SIT जांच हो: अजय राय, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा

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राम मंदिर चंदा मामले में निष्पक्ष SIT जांच हो: अजय राय, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा

सारांश

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर चंदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का स्वागत करते हुए निष्पक्ष SIT जांच की माँग की। साथ ही दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को 'युवा विरोधी' रवैया बताया और मानसून सत्र में इन मुद्दों पर संसदीय बहस की माँग की।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 21 जुलाई को राम मंदिर चंदा मामले में निष्पक्ष SIT जांच की माँग की।
सर्वोच्च न्यायालय ने मौजूदा SIT को और मज़बूत करने का सुझाव दिया है, जिसे राय ने सकारात्मक कदम बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक को राय ने तब तक अर्थहीन बताया जब तक दोषियों पर कार्रवाई न हो।
दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और एफआईआर को कांग्रेस ने 'युवा विरोधी' नीति करार दिया।
कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का विस्तार प्रयागराज , पटना सहित पूरे देश में किया जाएगा।
राय ने मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा, पेपर लीक और युवा मुद्दों पर संसदीय चर्चा की माँग की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 21 जुलाई को अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी का स्वागत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चंदे और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच से जानबूझकर बचना चाहती है और दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के ज़रिए युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।

SIT की निष्पक्षता पर सवाल

राम मंदिर चंदा मामले में एसआईटी को और सशक्त बनाने के सर्वोच्च न्यायालय के सुझाव पर अजय राय ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही मौजूदा एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाती रही है। उनके अनुसार, यह एसआईटी सरकारी दबाव में गठित की गई है, इसलिए इससे स्वतंत्र जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।

राय ने कहा कि कांग्रेस की मांग रही है कि जांच ऐसे ईमानदार अधिकारियों से कराई जाए जो किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त हों। उन्होंने कहा, 'अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद उम्मीद है कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।'

ट्रस्ट बैठक पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक पर अजय राय ने कहा कि केवल बैठकें करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। जब तक कथित अनियमितताओं के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक इन बैठकों का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने माँग की कि ट्रस्ट से जुड़े सभी प्रमुख पदाधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की पारदर्शी जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा

दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और दर्ज एफआईआर को लेकर अजय राय ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 'छात्र और नौजवान विरोधी' है तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और यह लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने की कोशिश है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर छात्र आंदोलन तेज़ हो रहे हैं। गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाते रहे हैं।

मानसून सत्र में चर्चा की माँग

संसद के मानसून सत्र को लेकर अजय राय ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और वहाँ राम मंदिर चंदा-चढ़ावा मामले, पेपर लीक, युवाओं के मुद्दों और अन्य जनहित के विषयों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों पर बहस से इसलिए बच रही है क्योंकि सत्ता पक्ष के लोग भी इन मामलों में आरोपों के घेरे में हैं।

कांग्रेस का स्वतंत्र छात्र आंदोलन

सीजेपी से दूरी बनाए रखने के सवाल पर अजय राय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का छात्र हितों को लेकर अपना स्वतंत्र और स्पष्ट रुख है। उन्होंने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कोटा और देहरादून के बाद अब प्रयागराज, पटना सहित पूरे देश में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस सड़कों पर छात्र अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि SIT की निष्पक्षता पर सवाल उठाना और सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का स्वागत करना एक साथ करना तभी विश्वसनीय लगता है जब पार्टी न्यायिक प्रक्रिया को वास्तव में स्वीकार करे, न कि केवल राजनीतिक अवसर के रूप में। छात्र आंदोलन से सीजेपी जैसे संगठनों से दूरी बनाए रखना कांग्रेस की 'स्वतंत्र रुख' की दावेदारी को जटिल बनाता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम ज़मीनी स्तर पर युवाओं को जोड़ पाते हैं या महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा मामले में अजय राय की क्या माँग है?
अजय राय ने माँग की है कि राम मंदिर चंदा और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की जांच ऐसे निष्पक्ष अधिकारियों से कराई जाए जो किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त हों। उनके अनुसार मौजूदा SIT सरकारी दबाव में गठित है और इसलिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर SIT पर क्या कहा?
सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर चंदा मामले में मौजूदा SIT को और सशक्त बनाने का सुझाव दिया है। कांग्रेस ने इस सुझाव को सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि इससे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और दर्ज एफआईआर की कड़ी निंदा की है। अजय राय ने इसे केंद्र सरकार की 'युवा विरोधी' नीति करार दिया और कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
कांग्रेस मानसून सत्र में कौन से मुद्दे उठाना चाहती है?
कांग्रेस ने माँग की है कि संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा-चढ़ावा मामला, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो। अजय राय का आरोप है कि सरकार इन विषयों पर बहस से इसलिए बच रही है क्योंकि सत्ता पक्ष के लोग भी इन आरोपों के घेरे में हैं।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है और इसका विस्तार कहाँ होगा?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस का एक कार्यक्रम है जिसके तहत छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जागरूकता फैलाई जाती है। कोटा और देहरादून के बाद अब इसे प्रयागराज, पटना सहित पूरे देश में आयोजित किए जाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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