नीट पेपर लीक पर 'मन की बात' में चुप्पी क्यों? कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने PM मोदी से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 17 जुलाई को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अब तक मुलाकात क्यों नहीं की, जबकि वांगचुक नीट पेपर लीक घोटाले के विरोध में पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सपकाल ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने अपने 'मन की बात' संबोधन में इस राष्ट्रीय शिक्षा संकट पर एक शब्द भी क्यों नहीं कहा।
नीट विवाद और वांगचुक की भूख हड़ताल
सपकाल ने याद दिलाया कि सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक को लेकर वही चिंताएँ व्यक्त की हैं जो कांग्रेस पार्टी लंबे समय से उठाती आ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उदासीनता स्पष्ट है — एक तरफ वांगचुक 20 दिनों से अनशन पर हैं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक मंच से कोई बात नहीं की।
सपकाल ने पत्रकारों को यह भी याद दिलाया कि जब वांगचुक ने इससे पहले लद्दाख के संवैधानिक सुरक्षा उपायों की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, तब भाजपा सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया था। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री ने मन की बात संबोधन में नीट मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा। दोष हटाने के लिए कांग्रेस को वांगचुक से जोड़ने की कोशिश करना बहुत भ्रामक है।'
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी माँग को व्यापक जनसमर्थन देने के लिए 'छात्रों की गूंज' नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। सपकाल ने कहा कि यह अभियान देशभर के उन छात्रों की आवाज़ है जिनका भविष्य नीट पेपर लीक जैसे घोटालों से प्रभावित हुआ है।
अयोध्या मंदिर चोरी और राम रक्षा आंदोलन पर हमला
शिवसेना (यूबीटी) द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को आगामी राम रक्षा आंदोलन में आमंत्रित किए जाने के सवाल पर सपकाल ने सत्ताधारी गठबंधन की धार्मिक साख पर सीधा प्रहार किया।
उन्होंने कहा, 'भाजपा और RSS 'राम नाम जपना, पराया माल अपना' की नीति अपनाते हैं। अयोध्या के राम मंदिर में हुई भारी चोरी में मोदी सरकार द्वारा सीधे नियुक्त किए गए लोग शामिल हैं। भाजपा और RSS इस मामले पर दोषी जैसी चुप्पी साधे हुए हैं।' सपकाल ने इस मामले की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (SIT) को भाजपा सरकार की कठपुतली बताते हुए खारिज किया और दावा किया कि यह असली दोषियों तक कभी नहीं पहुँचेगी।
उन्होंने चुनौती दी कि यदि मुख्यमंत्री और मोहन भागवत में साहस है तो उन्हें उद्धव ठाकरे के राम रक्षा कार्यक्रम का निमंत्रण स्वीकार करना चाहिए।
NCP-SP की अंदरूनी कलह पर सपकाल का रुख
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) में आंतरिक मतभेदों की अफवाहों पर सपकाल ने कहा कि जयंत पाटिल और सांसद सुप्रिया सुले सहित NCP-SP के शीर्ष नेता पहले ही अपनी पार्टी का स्पष्ट और मज़बूत रुख सामने रख चुके हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह अफवाहों की बजाय नेताओं के आधिकारिक बयानों पर भरोसा करे।
नीट पेपर लीक विवाद और अयोध्या मंदिर चोरी मामले पर विपक्ष का दबाव आगामी दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं।