पुतिन ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाई, कहा — विश्व में सही मायनों में मिल रहा सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई संदेश भेजा। पुतिन ने कहा कि भारत आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और दुनिया भर में सही मायनों में उसे गहरा सम्मान प्राप्त हो रहा है।
पुतिन का बधाई संदेश
अपने औपचारिक संदेश में पुतिन ने लिखा, 'भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल से बधाई स्वीकार करें। आपका देश आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में शानदार सफलता हासिल कर रहा है और दुनिया भर में इसका बहुत सम्मान किया जा रहा है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रूस और भारत के बीच संबंध 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' की भावना से आगे बढ़ रहे हैं।
पुतिन ने यह भी कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र (UN), शंघाई सहयोग संगठन (SCO), ब्रिक्स और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के संयुक्त प्रयास द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करेंगे तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता में योगदान देंगे।
रूसी राजदूत की शुभकामनाएं
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भी 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, 'प्यारे दोस्तों, स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। भारत ने जो विकास का रास्ता बनाया है, उसे देखते हुए इसमें कोई शक नहीं कि आपके सभी सपने पूरे होंगे।' अलीपोव ने यह भी कहा कि भारत की प्रगति के इस सफर में रूस का समर्थन आज भी उतना ही दृढ़ है जितना सौ वर्ष पहले था।
अंतरिक्ष से भारत को बधाई
इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र डुब्रोव, एना किकिना और एंड्री फेड्याव ने भारत के लोगों को बधाई दी। डुब्रोव ने कहा, 'आज भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आठ दशक पहले, भारत गुलामी से आजाद हुआ और आत्मनिर्भरता और खुशहाली के रास्ते पर चल पड़ा।' उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि इस वर्ष सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गगारिन की ऐतिहासिक उड़ान की 65वीं वर्षगांठ भी है।
किकिना ने भारत-रूस के अंतरिक्ष सहयोग की ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए कहा कि यह साझेदारी 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट के प्रक्षेपण से शुरू हुई और 1984 में पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की सफल उड़ान के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुंची। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपना प्रमुख अंतरिक्ष यान गगनयान तैयार कर रहा है और भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को ज्वज्दनी गोरोडोक स्थित यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
भारत-रूस संबंधों का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बधाई संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और रूस के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार विस्तृत हो रहा है। दोनों देश SCO और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर साझा हितों को आगे बढ़ाते रहे हैं। फेड्याव ने ISS से कहा, 'हम भारत के दोस्ताना लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस पर दिल से बधाई देते हुए बहुत खुश हैं। आने वाली पीढ़ियों को बाहरी अंतरिक्ष की खोज में नई जीत हासिल करने के लिए प्रेरणा मिले।' यह संदेश भारत-रूस की दीर्घकालिक मित्रता और उभरते अंतरिक्ष सहयोग दोनों को एक साथ रेखांकित करता है।