रामनाथपुरम में ड्यूटी पर महिला हेड कांस्टेबल एम. कनागी की मौत, सीएम विजय ने ₹30 लाख सहायता का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में 28 सितंबर 2026 को ड्यूटी के दौरान महिला हेड कांस्टेबल एम. कनागी (34) की मृत्यु हो गई। पार्थिबनूर पुलिस स्टेशन में तैनात कनागी परमकुडी सरकारी अस्पताल के आउटपोस्ट पुलिस स्टेशन पर ड्यूटी कर रही थीं, जब एक भागते संदिग्ध का पीछा करते हुए वह अचानक गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उनके निधन पर गहरी संवेदना जताते हुए परिवार को ₹30 लाख की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
28 सितंबर को परमकुडी सरकारी अस्पताल में दो समूहों के बीच दोबारा विवाद भड़क उठा। ये दोनों पक्ष पहले हुई एक झड़प में घायल होकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। स्थिति बिगड़ते देख हेड कांस्टेबल कनागी ने हस्तक्षेप कर झगड़ा शांत करने का प्रयास किया।
इसी दौरान एक व्यक्ति मौके से भागने लगा। कनागी ने उसका पीछा किया, लेकिन पीछा करते वक्त वह अचानक गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। उन्हें तत्काल परमकुडी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्होंने दम तोड़ दिया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हेड कांस्टेबल एम. कनागी के निधन को तमिलनाडु पुलिस विभाग और उनके परिवार के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। उन्होंने दिवंगत कांस्टेबल के परिजनों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि दिवंगत कनागी के परिवार को राहत के रूप में ₹30 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान की जाए। यह सहायता राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।
आम जनता और पुलिस विभाग पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अस्पतालों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। रामनाथपुरम जिले के पुलिस महकमे में इस घटना ने शोक की लहर दौड़ा दी है।
गौरतलब है कि अस्पताल परिसरों में तैनात पुलिसकर्मी अक्सर दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान सबसे पहले हस्तक्षेप करते हैं, जिससे उनके लिए जोखिम बढ़ जाता है। कनागी का मामला इस जोखिम को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, कनागी के निधन की परिस्थितियों की जाँच जारी है। भागते संदिग्ध की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹30 लाख की सहायता राशि परिवार को शीघ्र सौंपे जाने की उम्मीद है।