15 जुलाई 2026
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राजस्थान में आंधी-तूफान का कहर: 10 जिलों में रेड अलर्ट, हवाओं की रफ्तार 100 km/h तक

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राजस्थान में आंधी-तूफान का कहर: 10 जिलों में रेड अलर्ट, हवाओं की रफ्तार 100 km/h तक

सारांश

पश्चिमी विक्षोभ ने 30 मई को राजस्थान के दर्जनभर जिलों को झकझोर दिया — श्रीगंगानगर में 56 km/h की हवाएं, जयपुर में दिन में अंधेरा, और मौसम विभाग का 100 km/h रफ्तार का रेड अलर्ट। भीषण गर्मी के बीच यह तूफान राहत और खतरा दोनों लेकर आया।

मुख्य बातें

30 मई 2026 को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से राजस्थान के कई जिलों में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और बारिश।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हवाओं की रफ्तार 56 km/h तक; राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने 90–100 km/h की चेतावनी जारी की।
मौसम विभाग ने शाम 4:30 बजे 10 जिलों के लिए रेड अलर्ट और 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
शाम 6 बजे अपडेटेड रेड अलर्ट में फलोदी, जोधपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक और दौसा भी शामिल।
कई स्थानों पर पेड़ उखड़े, बिजली आपूर्ति बाधित; उदयपुर समेत कई जिलों में सुबह बारिश दर्ज।
प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।

राजस्थान में 30 मई 2026 को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने कहर बरपाया — चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जयपुर सहित दर्जनभर जिलों में तेज धूलभरी आंधी, तूफानी हवाएं और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग और राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की चेतावनी दी।

मुख्य घटनाक्रम

मौसम प्रणाली का सबसे पहला और तीव्र असर हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में दर्ज हुआ, जहाँ हवाओं की रफ्तार 56 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँची। श्रीगंगानगर में सुबह करीब 11 बजे आए तूफान ने पूरे शहर को धूल की मोटी चादर में ढक दिया। जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में शाम के समय करीब 10 मिनट तक तेज धूलभरी आंधी चली।

चूरू, बीकानेर, नागौर और डीडवाना-कुचामन में भी इसी तरह के हालात देखे गए। सीकर जिले के फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्रों में धूल के घने गुबार छा गए। कुछ ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली। उदयपुर समेत कई जिलों में सुबह बारिश भी दर्ज की गई।

रेड और ऑरेंज अलर्ट की स्थिति

मौसम विभाग ने शनिवार शाम 4:30 बजे अगले तीन घंटों के लिए श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, झुंझुनूं, जयपुर और फलोदी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया। दौसा, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, डीग, भरतपुर और करौली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।

शाम करीब 6 बजे जारी नए पूर्वानुमान में फलोदी, जोधपुर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक और दौसा जिलों में भारी बारिश और तेज मौसम गतिविधियों को लेकर रेड अलर्ट बढ़ाया गया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने की संभावना जताई गई। बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, खैरथल-तिजारा, सवाई माधोपुर और करौली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रहा।

आम जनता पर असर

तेज आंधी और धूल के कारण कई जिलों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालाँकि, मौसम के इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और लू से कुछ राहत भी मिली।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच गंभीर तूफानी गतिविधियों की चेतावनी जारी करते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। डीडवाना-कुचामन, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर और सीकर समेत कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान पहले से ही भीषण गर्मी की चपेट में था। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम विभाग के अनुसार आने वाले घंटों में तूफानी गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। प्रभावित जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार एक साथ इतने जिलों में रेड अलर्ट और 90–100 km/h की हवाओं की चेतावनी मौसम की बढ़ती अनिश्चितता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि राजस्थान आपदा प्रबंधन तंत्र ने समय पर अलर्ट जारी किए, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की कमज़ोरी और पेड़ों के उखड़ने की पुनरावृत्ति यह सवाल उठाती है कि बुनियादी ढाँचे को मौसमी चरम घटनाओं के अनुकूल बनाने में प्रगति कितनी हुई है। जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता पर दीर्घकालिक नीतिगत ध्यान अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में 30 मई को किन जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ?
मौसम विभाग ने शाम 4:30 बजे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर, झुंझुनूं, जयपुर और फलोदी के लिए रेड अलर्ट जारी किया। शाम 6 बजे के अपडेट में फलोदी, जोधपुर, नागौर, सीकर, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक और दौसा के लिए भी रेड अलर्ट बढ़ाया गया।
राजस्थान में आंधी-तूफान का क्या कारण है?
30 मई को सक्रिय हुए एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और बारिश का दौर शुरू हुआ। यह मौसमी प्रणाली हर साल मई-जून में उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करती है।
हवाओं की रफ्तार कितनी थी और क्या नुकसान हुआ?
हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में हवाओं की रफ्तार 56 km/h तक दर्ज की गई, जबकि राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने 90–100 km/h तक पहुँचने की चेतावनी दी। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
आम लोगों को प्रशासन ने क्या सलाह दी है?
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। डीडवाना-कुचामन, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, नागौर और सीकर समेत कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या इस तूफान से राजस्थान में गर्मी से राहत मिली?
हाँ, मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ से आई आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी और लू से कुछ राहत दी है। हालाँकि, तेज हवाओं और तूफान से जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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