पश्चिमी विक्षोभ से राजस्थान में बारिश-आंधी: IMD का 24 जून तक कई जिलों में अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक नए सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव आया है और 21 से 24 जून 2026 के बीच राज्य के कई जिलों में 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी-तूफान और हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान दर्ज किए गए, जिसमें श्रीगंगानगर जिले के श्री विजयनगर में सर्वाधिक 85 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मुख्य घटनाक्रम
जयपुर स्थित मौसम केंद्र ने अगले 48 घंटों में मौसमी गतिविधियों में और तेजी आने का अनुमान लगाया है। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर डिवीजन के कुछ हिस्सों के साथ-साथ शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में गर्मी का प्रकोप जारी था और तापमान कई जिलों में सामान्य से ऊपर बना हुआ था।
प्रभावित क्षेत्र और चेतावनियाँ
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार जोधपुर, उदयपुर और कोटा डिवीजन के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के बड़े हिस्से में वातावरण अस्थिर बना रहेगा। 21 से 24 जून तक बीकानेर, जयपुर और भरतपुर डिवीजन में आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
तापमान का हाल
राज्यभर में तापमान में उल्लेखनीय अंतर देखा गया। श्रीगंगानगर 41.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। फलोदी और जालौर में रात का तापमान सर्वाधिक 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पिलानी (झुंझुनू) और सीकर में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा — जो राज्य में सबसे कम था।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ तेज हवाएं और बिजली कड़कने की संभावना है, पूरी सावधानी बरती जाए। गौरतलब है कि दक्षिणी राजस्थान में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है, जबकि उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा।
क्या होगा आगे
IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 24 जून तक बना रहने की संभावना है। राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह विक्षोभ मानसून-पूर्व गतिविधियों को और तेज कर सकता है, जिससे राजस्थान में जून के अंत तक मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है।