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राजस्थान में 102 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी, कई जिलों में बिजली गुल और पेड़ उखड़े

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राजस्थान में 102 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी, कई जिलों में बिजली गुल और पेड़ उखड़े

सारांश

शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ ने राजस्थान को झकझोर दिया — 102 किमी/घंटा की आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से दर्जनों जिले प्रभावित। चोमू में उड़ती टिन की छत से एक बुजुर्ग बाल-बाल बचे। मौसम विभाग का रेड अलर्ट अभी भी जारी है।

मुख्य बातें

30 मई को पश्चिमी विक्षोभ से राजस्थान में भीषण आंधी-बारिश; हवा की रफ्तार 102 किमी प्रति घंटा तक दर्ज।
चूरू, हनुमानगढ़, श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, अलवर, सीकर समेत दर्जनों जिले प्रभावित।
जयपुर के चोमू में 15×27 फीट की टिन छत उड़ी; 65 वर्षीय रामशरण शर्मा बाल-बाल बचे, घटना सीसीटीवी में कैद।
चूरू के रतनगढ़ में बिजली गिरने से छत का हिस्सा ढहा; भीलवाड़ा में जलभराव।
मौसम विभाग ने 10 जिलों में रेड अलर्ट और 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया।

शनिवार, 30 मई को एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान के व्यापक हिस्सों में भीषण धूल भरी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया, जिससे दर्जनों जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। चूरू, हनुमानगढ़, श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और अन्य जिलों में हवा की रफ्तार 102 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई — जो इस मौसम की सबसे तीव्र आंधियों में से एक रही।

मुख्य घटनाक्रम

तूफान प्रणाली हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर के ऊपर से उत्पन्न हुई, जहाँ शुरुआत में हवा की गति लगभग 56 किमी प्रति घंटा थी, जो बाद में तेज होकर 102 किमी प्रति घंटा तक पहुँच गई। अजमेर और जोधपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि जयपुर के ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ ओले भी पड़े। नागौर, डिडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर भी इस आंधी की चपेट में रहे।

मौसम में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में दिन में ही घना अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज हवाओं ने पेड़ उखाड़ दिए और कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

बाल-बाल बचे बुजुर्ग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

जयपुर के निकट चोमू में रामपुरा पुलिया के पास एक दुकान की टिन की छत — लगभग 15 फीट चौड़ी और 27 फीट लंबी — आंधी से उखड़कर सर्विस रोड पर जा गिरी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। 65 वर्षीय रामशरण शर्मा उस वक्त वहाँ मौजूद थे और बाल-बाल बचे।

चूरू जिले के रतनगढ़ में बिजली गिरने से एक मकान की छत पर बने पानी के टैंक को नुकसान पहुँचा और छत की दीवार का एक हिस्सा ढह गया। जैसलमेर के रामदेवरा और आसपास के गाँवों में शाम करीब 6:40 बजे आंधी ने बाजार और सड़कों को सुनसान कर दिया, और बारिश से पहले कई स्थानों पर टिन की छतें उड़ गईं।

कई जिलों में व्यापक नुकसान

भीलवाड़ा में रातभर चली आंधी के बाद हुई बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर जलभराव हो गया। चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में रात करीब 8:10 बजे अचानक आंधी आने से दृश्यता बेहद कम हो गई। पाली जिले में भी भारी व्यवधान रहा — वाहनों को धीमी गति से चलना पड़ा, पैदल यात्रियों को आश्रय लेना पड़ा और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।

शनिवार को सैटेलाइट इमेजरी में भी यह तूफान प्रणाली पूरे राजस्थान में तेजी से आगे बढ़ती हुई स्पष्ट दिखाई दी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पहले से ही भीषण गर्मी की चपेट में था — आंधी ने तापमान में राहत तो दी, लेकिन साथ में नुकसान भी लेकर आई।

मौसम विभाग के अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने फलौदी, जोधपुर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक और दौसा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 80 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, खैरथल-तिजारा, सवाई माधोपुर और करौली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाएँ और बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ध्वस्त दीवारें — यह सवाल उठाती है कि आपदा-प्रतिरोधी निर्माण मानकों पर अमल कहाँ तक हो रहा है। गौरतलब है कि यह तीसरा मौका है जब इस मई में राजस्थान में इस तीव्रता की आंधी आई है। बिना मज़बूत पूर्व-चेतावनी तंत्र और नागरिक तैयारी के, ये अलर्ट कागजी खानापूरी बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में 30 मई को आई आंधी कितनी तेज थी?
30 मई को पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के कई जिलों में हवा की रफ्तार 102 किमी प्रति घंटा तक पहुँच गई। यह तूफान हनुमानगढ़ और श्री गंगानगर से शुरू होकर तेजी से पूरे राज्य में फैल गया।
राजस्थान आंधी से कौन-कौन से जिले प्रभावित हुए?
चूरू, हनुमानगढ़, श्री गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, डिडवाना-कुचामन, अलवर, सीकर, अजमेर, जोधपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और पाली सहित दर्जनों जिले इस आंधी की चपेट में आए। जयपुर के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई।
चोमू में सीसीटीवी में क्या घटना कैद हुई?
जयपुर के पास चोमू में रामपुरा पुलिया के किनारे एक दुकान की लगभग 15 फीट चौड़ी और 27 फीट लंबी टिन की छत आंधी से उखड़कर सर्विस रोड पर जा गिरी। 65 वर्षीय रामशरण शर्मा वहाँ मौजूद थे और बाल-बाल बचे — यह पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई।
मौसम विभाग ने किन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने फलौदी, जोधपुर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, टोंक और दौसा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसमें 80 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान आंधी में किस तरह का नुकसान हुआ?
तेज हवाओं से कई जिलों में पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। चूरू के रतनगढ़ में बिजली गिरने से छत की दीवार का हिस्सा ढह गया, भीलवाड़ा में जलभराव हुआ और जैसलमेर में टिन की छतें उड़ गईं। मौसम में बदलाव से गर्मी से राहत मिली लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुँचा।
राष्ट्र प्रेस
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