राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: 4 डिवीजन में 11–14 जून तक आंधी-बारिश और 50-60 किमी/घंटा हवाओं की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में 11 जून 2025 से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना बन रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 11 जून से 14 जून के बीच बीकानेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर डिवीजन के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। जयपुर और अलवर समेत 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम प्रणाली और अलर्ट की स्थिति
IMD ने राजस्थान के ऊपर एक मजबूत मौसम प्रणाली बनने का अनुमान लगाया है। इसके प्रभाव से बीकानेर, जयपुर और भरतपुर डिवीजन में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मौसम प्रणाली का असर 14 जून तक पूरे राज्य में बना रहेगा। कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट एक साथ जारी किए गए हैं।
पिछले 24 घंटों में भीषण गर्मी का रिकॉर्ड
पूर्वानुमान के बावजूद, पिछले 24 घंटों में राजस्थान में मौसम गर्म और शुष्क रहा। बुधवार को राज्य में सर्वाधिक तापमान श्री गंगानगर में 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख जिलों में तापमान इस प्रकार रहा: चूरू 44.7°C, फलोदी 43.8°C, जैसलमेर 43°C, बीकानेर 42.4°C, बाड़मेर 42.3°C और अलवर 42.2°C। जयपुर में अधिकतम तापमान 42.1°C और न्यूनतम 30°C से ऊपर बना रहा।
प्रमुख शहरों में गर्मी का हाल
अजमेर में अधिकतम तापमान 39.7°C और न्यूनतम 27.8°C दर्ज किया गया; सुबह नमी का स्तर 71% और शाम को 33% रहा। उदयपुर में अधिकतम तापमान 39.3°C और न्यूनतम 26.5°C रहा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि अगले दो दिनों में बारिश होने की संभावना है।
कोटा में अधिकतम तापमान 41.1°C और न्यूनतम 30.4°C दर्ज हुआ; दिनभर गर्म हवाएं (लू) चलती रहीं और उमस के कारण दोपहर में सड़कें सूनी रहीं। अलवर में हल्की बारिश से मिली राहत के बाद तापमान फिर 43°C के करीब पहुंच गया। जोधपुर में अधिकतम तापमान 40.8°C — सामान्य से 0.4°C अधिक — और न्यूनतम 30.3°C — सामान्य से लगभग 2°C अधिक — रहा।
आम जनता पर असर
साफ आसमान, तेज धूप और लगातार उमस के कारण पूरे राज्य में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जयपुर और अलवर में अधिकतम तापमान 40 से 46°C के बीच रहा। कोटा में दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही न्यूनतम रही। यह ऐसे समय में आया है जब जून की शुरुआत में ही राज्य के अधिकांश हिस्से लू की चपेट में हैं।
आगे क्या होगा
गुरुवार से आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं की संभावना के साथ राजस्थान के लोगों को भीषण गर्मी के लंबे दौर से जरूरी राहत मिलने के आसार हैं। IMD ने स्पष्ट किया है कि यह मौसम प्रणाली 14 जून तक सक्रिय रहेगी, जिसके बाद मौसम का रुख स्पष्ट होगा। गौरतलब है कि राजस्थान में प्री-मानसून मौसम प्रणालियाँ अक्सर अल्पकालिक राहत देती हैं, लेकिन मानसून के आगमन तक गर्मी का दौर फिर लौट सकता है।