24 अगस्त 2026
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मराठी भाषा विवाद: वारिस पठान बोले — ऑटो चालकों को सीखने का समय दो, जुर्माना नहीं

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मराठी भाषा विवाद: वारिस पठान बोले — ऑटो चालकों को सीखने का समय दो, जुर्माना नहीं

सारांश

महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्यता के विवाद के बीच AIMIM नेता वारिस पठान ने गरीब ऑटो चालकों की पैरवी की — माँग है कि भाषा सीखने का समय दिया जाए, न कि तत्काल जुर्माना। बिहार समेत कई राज्यों के नेताओं ने चालान और लाइसेंस रद्द होने की शिकायतें दर्ज कराई हैं।

मुख्य बातें

AIMIM नेता वारिस पठान ने 24 अगस्त को मुंबई में कहा कि ऑटो चालकों को मराठी भाषा सीखने का पर्याप्त समय दिया जाए।
पठान ने परिवहन मंत्री से हस्तक्षेप की माँग की — जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील।
बिहार सहित अन्य राज्यों के नेताओं ने चालकों के चालान और कार्रवाई की शिकायतें दर्ज कराई हैं।
पठान ने गणेश जुलूस में अंडे फेंकने की घटना की कड़ी निंदा की; बताया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
अमरावती में नवजात बच्चे की मौत पर संवेदना जताते हुए अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की माँग की।

महाराष्ट्र में मराठी भाषा अनिवार्यता को लेकर जारी विवाद के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने 24 अगस्त को मुंबई में कहा कि मराठी भाषा का सम्मान करते हुए भी सरकार को ऑटो-रिक्शा चालकों को यह भाषा सीखने का पर्याप्त समय देना चाहिए। पठान ने परिवहन मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की माँग करते हुए चेतावनी दी कि अचानक लागू किए गए भाषा नियम गरीब चालकों की आजीविका पर गहरी चोट कर सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

वारिस पठान ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष, बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक देश है, जहाँ विभिन्न राज्यों के लोग रोज़गार की तलाश में मुंबई आते हैं। उनके अनुसार, बिहार सहित अन्य राज्यों के नेताओं के फोन आ रहे हैं, जिनमें चालकों के चालान काटे जाने और लाइसेंस रद्द किए जाने की शिकायतें हैं।

पठान ने तर्क दिया कि जो व्यक्ति परिवार का पेट पालने के लिए ऑटो चलाता है, उस पर अचानक मराठी भाषा का दबाव डालना और जुर्माना लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा, 'गरीब आदमी अगर जुर्माना भरेगा तो वह क्या खाएगा।'

सरकार से क्या माँग

पठान ने परिवहन मंत्री से अपील की कि नियमों का पालन और लोगों की आजीविका — दोनों के बीच संतुलन बनाया जाए। उनका सुझाव है कि यदि मराठी सीखना अनिवार्य किया जा रहा है, तो चालकों को एक निश्चित समय-सीमा दी जाए और उस दौरान दंडात्मक कार्रवाई स्थगित रखी जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में चालकों के ऑटो न चलाने से आम जनता को भी परेशानी हो रही है, जो इस विवाद का एक अनदेखा पहलू है।

गणेश जुलूस में अंडे फेंकने की घटना पर निंदा

पठान ने महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमा के आगमन जुलूस के दौरान कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'यह शर्मनाक हरकत है और किसी को भी माहौल खराब करने का अधिकार नहीं है।' पठान ने बताया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन से बात की है और एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने माँग की कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।

अमरावती घटना पर संवेदना

अमरावती में हुई एक अलग घटना — जिसमें एक नवजात बच्चे की मौत हुई — पर पठान ने गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने की माँग की और कहा कि इस तरह के मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।

आगे क्या

यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में भाषा, पहचान और प्रवासी अधिकारों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। पठान की माँग पर परिवहन मंत्रालय की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है, और यह देखना होगा कि सरकार नियम-पालन और समावेशिता के बीच कोई रास्ता निकालती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह महाराष्ट्र में प्रवासी श्रमिकों की राजनीतिक उपेक्षा का सवाल है। मराठी अनिवार्यता के नियम नए नहीं हैं, लेकिन उनका अचानक और दंडात्मक क्रियान्वयन उन चालकों पर सबसे भारी पड़ता है जो पहले से ही आर्थिक हाशिये पर हैं। विरोधाभास यह है कि जिस 'सपनों के शहर' की छवि मुंबई को देश भर से श्रमिक खींचती है, वही शहर अब उनसे भाषाई अनुपालन की तत्काल माँग कर रहा है — बिना संक्रमण-काल के। असली परीक्षा यह है कि सरकार नियम-पालन और समावेशिता के बीच कोई व्यावहारिक रास्ता निकालती है, या यह विवाद चुनावी ध्रुवीकरण का नया औज़ार बन जाता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने मराठी भाषा विवाद पर क्या कहा?
AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि वे मराठी भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन ऑटो-रिक्शा चालकों को यह भाषा सीखने का पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने अचानक जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई को गरीब चालकों के लिए अनुचित बताया।
महाराष्ट्र में मराठी भाषा विवाद क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता से जुड़े नियम लागू किए हैं। नियमों का पालन न करने पर चालान काटे जा रहे हैं और लाइसेंस रद्द किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे अन्य राज्यों के प्रवासी चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
क्या गणेश जुलूस में अंडे फेंकने की घटना पर कोई कार्रवाई हुई?
वारिस पठान के अनुसार, उन्होंने पुलिस प्रशासन से बात की और पुलिस ने एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी। पठान ने माँग की कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
ऑटो चालकों पर मराठी नियम का सबसे ज़्यादा असर किस पर पड़ रहा है?
बिहार और अन्य राज्यों से आए प्रवासी ऑटो-रिक्शा चालक सबसे अधिक प्रभावित हैं। पठान के अनुसार, बिहार के नेताओं के फोन आ रहे हैं जिनमें चालान और कार्रवाई की शिकायतें हैं। बड़ी संख्या में चालकों के ऑटो न चलाने से आम यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
अमरावती में नवजात बच्चे की मौत पर पठान ने क्या कहा?
वारिस पठान ने अमरावती में नवजात बच्चे की मौत को बेहद दुखद बताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक सावधानियाँ और पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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