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महिला आरक्षण बिल पर नसीम सिद्दीकी का भाजपा पर गंभीर आरोप

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महिला आरक्षण बिल पर नसीम सिद्दीकी का भाजपा पर गंभीर आरोप

सारांश

एनसीपी नेता नसीम सिद्दीकी ने महिला आरक्षण बिल के गिरने पर भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल भ्रम फैला रही है और महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रही है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल पर भाजपा की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए।
नसीम सिद्दीकी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
महिला आरक्षण लागू करने के लिए जनगणना की आवश्यकता है।
भाजपा को महिलाओं के मुद्दों पर गंभीरता से सोचना चाहिए।
महिलाओं को सशक्त बनाना जरूरी है।

मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) के प्रमुख नेता नसीम सिद्दीकी ने महिला आरक्षण बिल के संसद में गिरने पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश में भ्रम उत्पन्न कर रही है और नागरिकों को धोखा देने की कोशिश कर रही है।

मुंबई में सिद्दीकी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह बिल कभी पास नहीं हो सकता था। भाजपा देश में भ्रम फैला रही है। महिला आरक्षण बिल 2023 में सभी पार्टियों ने समर्थन किया था। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिना किसी चर्चा के पास हो गया था, लेकिन इसमें यह स्पष्ट था कि इसे लागू करने के लिए पहले जनगणना और परिसीमन होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि देश में जनगणना 2024 से शुरू हुई थी, जो अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई है। अनुमान है कि यह 2028 तक पूरी होगी। इसके बावजूद, केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर लोगों को धोखा देना चाहती थी और नए परिसीमन के लिए नए प्रतिबंध भी लगाना चाहती थी।

सिद्दीकी ने यह भी कहा कि 2011 के बाद कोई जनगणना नहीं हुई थी। अब जब नई जनगणना चल रही है, तो सरकार को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इसके पीछे भाजपा का छिपा हुआ एजेंडा है।

उन्होंने यह बताया कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि महिलाओं को बांधने, उन्हें गुलाम बनाने और उनकी शक्ति को सीमित करने का मामला है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को लेकर एक साजिश रच रही है। इसमें महिलाओं के हित का कोई सवाल नहीं है।

सिद्दीकी ने याद दिलाया कि देश में पहली बार शरद पवार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य किया था। भाजपा महिलाओं को गुमराह और कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इसमें कोई विपक्ष-विरोधी बात नहीं है। हम देशभक्त हैं, हम भारतीय हैं, इसलिए भाजपा का यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा।

भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर सिद्दीकी ने कहा कि बिल पास न होने के बावजूद भाजपा पूरे देश में विरोध कर रही है और कांग्रेस व विपक्ष के खिलाफ शोर मचा रही है। उन्होंने कहा कि कल का दिन 'काला दिन' बताया जा रहा है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या वास्तव में यह काला दिन था। यह भाजपा के लिए काला दिन हो सकता है, क्योंकि उनके बुरे दिन आने वाले हैं।

सिद्दीकी ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास 21 राज्यों में सरकार है। उन्होंने कितनी महिलाओं को मुख्यमंत्री बनाया? उनके मंत्रिमंडल में कितनी महिलाएं हैं? उन्होंने कितनी महिलाओं को राज्यपाल बनाया है? कितने स्थानों पर महिलाओं को टिकट दिया गया है? भाजपा को पहले इन सवालों पर विचार करना चाहिए कि क्या वे महिलाओं के हितैषी हैं या विरोधी।

उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सदन में उठाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' और बालाकोट एयर स्ट्राइक के मुद्दे का भी जिक्र किया और कहा कि पुलवामा, पठानकोट और अन्य आतंकी हमलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य करने पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में विकल्प के रूप में मराठी पढ़ाई जानी चाहिए, इसे अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। न्यूनतम पासिंग मार्क्स रखे जा सकते हैं, लेकिन भाषा के नाम पर किसी प्रकार की सख्ती नहीं होनी चाहिए। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यह पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह विषय देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और एक व्यापक विमर्श की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है।
नसीम सिद्दीकी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
सिद्दीकी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं और महिलाओं के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
महिला आरक्षण कब लागू होगा?
महिला आरक्षण लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की आवश्यकता है, जो फिलहाल अधूरी है।
कौन सी पार्टी ने पहले महिला आरक्षण का समर्थन किया?
शरद पवार ने पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन किया था।
क्या भाजपा महिला समर्थक है?
सिद्दीकी के अनुसार, भाजपा महिलाओं के अधिकारों का समर्थन नहीं कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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