लामिन यामल की फ्रांस को चुनौती: 'डरना चाहिए तो उन्हें, हमने पहले भी हराया है'
सारांश
मुख्य बातें
लामिन यामल ने 11 जुलाई 2026 को लॉस एंजिल्स में स्पेन की फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल बर्थ पक्की होने के बाद फ्रांस को खुली चुनौती दी — कहा कि अगर किसी को डरना चाहिए तो वह स्पेन नहीं, फ्रांस है। बेल्जियम को 2-1 से हराकर स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के आखिरी चार में जगह बनाई है, और अब उसकी भिड़ंत सेमीफाइनल में फ्रांस से होगी।
यामल का आत्मविश्वास: 'हम वही खेलेंगे जो हमेशा खेलते हैं'
18 वर्षीय यामल ने बेल्जियम के खिलाफ 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीतने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम इस मैच को लेकर बहुत उत्साहित हैं। मुझे लगता है कि इस समय टूर्नामेंट की दो सबसे मजबूत टीमें आमने-सामने होंगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पेन अपनी आक्रामक शैली में कोई बदलाव नहीं करेगा। 'हम उसी अंदाज में खेलेंगे, जैसा हमेशा खेलते आए हैं। हमें भरोसा है कि हमारा खेल हमें जीत दिला सकता है।'
यूरो 2024 की यादें और फ्रांस पर मनोवैज्ञानिक बढ़त
यामल ने यूरो 2024 के सेमीफाइनल का हवाला दिया, जिसमें स्पेन ने फ्रांस को 2-1 से हराया था। उस मैच में तब महज 16 साल के यामल ने लंबी दूरी का गोल दागकर दुनिया का ध्यान खींचा था, और बाद में डैनी ओल्मो के विजयी गोल से स्पेन यूरोपीय चैंपियन बना था। यामल के अनुसार, उस जीत ने पूरी टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है। 'पिछली सफलताएं टीम को बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती हैं।'
व्यक्तिगत गोल नहीं, टीम की जीत है प्राथमिकता
इस वर्ल्ड कप में यामल अब तक केवल एक गोल कर पाए हैं, लेकिन उन्होंने इसे कोई चिंता का विषय नहीं माना। 'मैंने यूरो में भी सिर्फ एक गोल किया था, लेकिन हमने ट्रॉफी जीती थी। अगर टीम लगातार जीतती रहे तो मैं खुश हूं। मेरे लिए टीम सबसे पहले है।' जब उनसे फ्रांस के खिलाफ यादगार गोल की संभावना पर पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'उम्मीद है कि ऐसा फिर होगा।'
यामल बनाम एम्बाप्पे: सेमीफाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण
सेमीफाइनल में एक और दिलचस्प द्वंद्व होगा — यामल और फ्रांस के कप्तान काइलियन एम्बाप्पे के बीच। एम्बाप्पे इस वर्ल्ड कप में असाधारण फॉर्म में हैं: पाँच मैचों में आठ गोल और तीन असिस्ट के साथ वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। हालाँकि, यामल ने साफ कहा कि एम्बाप्पे का नाम स्पेन की रणनीति नहीं बदलेगा। 'हमें किसी से डर नहीं लगता। हम यहां सिर्फ सेमीफाइनल खेलने नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप जीतने आए हैं।'
आगे क्या
स्पेन और फ्रांस के बीच यह सेमीफाइनल मुकाबला दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नज़रें टिकाए रखेगा। यामल की आक्रामक गेंदबाज़ी और एम्बाप्पे की गोलस्कोरिंग मशीनरी के बीच यह टकराव तय करेगा कि फाइनल में कौन पहुँचेगा। यामल के शब्दों में, 'हम फ्रांस का सम्मान करते हैं, लेकिन उनसे डरते नहीं।'