क्या गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 करोड़ से अधिक के 846.30 किलो नशीले पदार्थों को नष्ट किया?

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क्या गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 करोड़ से अधिक के 846.30 किलो नशीले पदार्थों को नष्ट किया?

सारांश

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 846.30 किलो मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है। यह अभियान 4 करोड़ से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाया गया है, जो नशे के व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस की कार्रवाई ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है।
846.30 किलो नशीले पदार्थों का नष्टकरण एक बड़ी उपलब्धि है।
समाज में नशे के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने जनता से नशे के खिलाफ सहयोग की अपील की है।
इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के व्यापार को समाप्त करना है।

गौतमबुद्धनगर, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभियान चलाया। विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जब्त किए गए कुल 846.3091 किलोग्राम मादक पदार्थों का विधिवत नष्टकरण (डिस्पोजल) अधिकृत एजेंसी द्वारा किया गया। इन नशीले पदार्थों की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 29 लाख 30 हजार 470 रुपये है।

यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार चलाया गया, जिसमें जब्त की गई ड्रग्स को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करना अनिवार्य है। विनष्टीकरण की प्रक्रिया की निगरानी डीसीपी नारकोटिक्स शैव्या गोयल, एसीपी अपराध उमेश यादव और एसीपी लाइन्स राकेश प्रताप सिंह द्वारा की गई। कमिश्नरेट के 7 थानों में दर्ज कुल 149 अभियोगों से संबंधित गांजा, डोडा, चरस, एमडीएमए और डायजापाम टैबलेट्स को नष्ट किया गया।

जानकारी के अनुसार, थाना एक्सप्रेसवे से 6 अभियोगों से 5.510 किलोग्राम गांजा, थाना बादलपुर से 19 अभियोगों से 11.390 किलोग्राम गांजा और 510 ग्राम डोडा, थाना सेक्टर 49 से 72 अभियोगों से 28.810 किलोग्राम गांजा, 2.925 किलोग्राम चरस, 8.27 मिली एमडीएमए और 100 गोलियां डायजापाम, थाना सेक्टर 58 से 1 अभियोग से 761 किलोग्राम गांजा (जो सबसे अधिक है), थाना सेक्टर 142 से 2 अभियोगों से 2.850 किलोग्राम गांजा, थाना ईकोटेक-3 से 4 अभियोगों से 5.698 किलोग्राम गांजा और थाना बीटा-2 से 45 अभियोगों से 27.608 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

इसमें थाना सेक्टर-58 क्षेत्र से जब्त 761 किलोग्राम गांजा अकेले में करोड़ों रुपये का मूल्य था, जो गौतमबुद्धनगर पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य यह है कि मादक पदार्थों के व्यापार और तस्करी पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए और संबंधित अभियोगों में जब्त सामान को सुरक्षित तरीके से समय पर नष्ट किया जाए ताकि अपराधियों पर कानूनी शिकंजा और मजबूत किया जा सके।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और जिले में ड्रग नेटवर्क को समाप्त करने के लिए कठोर और निरंतर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना को बिना हिचक पुलिस के साथ साझा करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के व्यापार के खिलाफ एक सशक्त आवाज है। जब तक हम इस मुद्दे पर सख्ती से कार्रवाई नहीं करते, तब तक नशे की समस्या बढ़ती रहेगी। यह अभियान न केवल पुलिस की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज का भी दायित्व है कि हम नशे के खिलाफ मिलकर खड़े हों।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 20 नवंबर को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू हुआ।
कुल कितने किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया?
कुल 846.3091 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया।
इन नशीले पदार्थों की बाजार में कीमत क्या है?
इनकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 29 लाख 30 हजार 470 रुपये है।
यह अभियान किसके आदेशों के अनुसार चलाया गया?
यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार चलाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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