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रियासी पुलिस ने 8 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए, 21 NDPS मामलों में बड़ी कार्रवाई

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रियासी पुलिस ने 8 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए, 21 NDPS मामलों में बड़ी कार्रवाई

सारांश

रियासी पुलिस ने विशेष पखवाड़ा अभियान में 21 NDPS मामलों से जुड़े 8 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, गांजा व अफीम और लगभग 7,000 कैप्सूल नष्ट किए। NDPS धारा 52A के तहत सांबा के अनमोल हेल्थकेयर में नियंत्रित भस्मीकरण से यह कार्रवाई पूरी हुई।

मुख्य बातें

रियासी पुलिस ने 19 मई 2026 को विशेष पखवाड़ा अभियान के तहत 8 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए।
नष्ट किए गए पदार्थों में हेरोइन, गांजा और अफीम के साथ-साथ लगभग 7,000 कैप्सूल शामिल थे।
यह कार्रवाई 21 NDPS मामलों से संबंधित जब्त सामग्री के विरुद्ध NDPS अधिनियम की धारा 52A के तहत की गई।
निपटान सांबा जिले के अनमोल हेल्थकेयर में नियंत्रित भस्मीकरण प्रक्रिया द्वारा हुआ।
अभियान गृह मंत्रालय के निर्देशों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के दिशानिर्देशों के अनुरूप संचालित किया गया।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने 19 मई 2026 को जब्त नशीले पदार्थों के विरुद्ध विशेष पखवाड़ा अभियान के तहत 8 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित मादक पदार्थ नष्ट किए। रियासी जिला औषधि निपटान समिति (डीडीसी) ने NDPS अधिनियम की धारा 52A के अंतर्गत 21 NDPS मामलों से जुड़े जब्त पदार्थों का विधिसम्मत निपटान सुनिश्चित किया।

मुख्य घटनाक्रम

यह संपूर्ण कार्रवाई रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की अध्यक्षता वाली जिला औषधि निपटान समिति के निर्देश पर की गई। निपटान प्रक्रिया सांबा जिले स्थित अनमोल हेल्थकेयर में नियंत्रित भस्मीकरण (controlled incineration) के माध्यम से संपन्न हुई, जो पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा के अनुरूप मानक प्रक्रिया है।

अभियान के दौरान हेरोइन, गांजा और अफीम सहित 8 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों के साथ-साथ लगभग 7,000 कैप्सूल भी नष्ट किए गए। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के प्रोटोकॉल के अनुपालन में की गई।

समिति की भूमिका

रियासी जिले की ड्रग डिस्पोजल कमेटी में डिप्टी एसपी मुख्यालय रियासी, डिप्टी एसपी डीएआर डीपीएल रियासी, डिप्टी एसपी एएनटीएफ और डिप्टी एसपी सीआईडी सीआई शामिल रहे। इन अधिकारियों ने अभियान के सफल क्रियान्वयन में निर्णायक भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि इस प्रकार की संस्थागत निपटान प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि जब्त नशीले पदार्थ किसी भी स्थिति में पुनः बाज़ार में न पहुँच सकें — जो कि न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक गंभीर जोखिम हो सकता है।

आम जनता पर असर

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की तस्करी और उपयोग को लेकर प्रशासन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। रियासी जैसे सीमावर्ती जिलों में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला तोड़ना कानून-व्यवस्था और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों के लिहाज़ से अहम माना जाता है।

जिला पुलिस के अनुसार, निरंतर प्रवर्तन कार्रवाइयों और जन जागरूकता पहलों के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण का अभियान जारी रहेगा।

क्या होगा आगे

रियासी पुलिस ने संकेत दिया है कि इस प्रकार के विशेष पखवाड़ा अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएँगे। NDPS अधिनियम के तहत लंबित मामलों में जब्त पदार्थों का समयबद्ध निपटान न्यायिक प्रक्रिया को भी सुचारु बनाता है और भंडारण से जुड़े जोखिमों को कम करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन 21 मामलों में तस्करी की आपूर्ति श्रृंखला कहाँ तक तोड़ी गई। मादक पदार्थ नष्ट करना अंतिम पड़ाव है — यदि स्रोत और वितरण नेटवर्क बरकरार रहे, तो यह कार्रवाई प्रतीकात्मक बनकर रह जाती है। जम्मू-कश्मीर में सीमापार तस्करी के संदर्भ में, ऐसे अभियानों की नियमितता और पारदर्शिता दोनों ज़रूरी हैं।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियासी पुलिस ने किस कानून के तहत मादक पदार्थ नष्ट किए?
रियासी पुलिस ने NDPS अधिनियम की धारा 52A के तहत यह कार्रवाई की, जो जब्त नशीले पदार्थों के विधिसम्मत निपटान का प्रावधान करती है। यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के दिशानिर्देशों के अनुसार संपन्न हुई।
इस अभियान में कितने और कौन-से मादक पदार्थ नष्ट किए गए?
अभियान में हेरोइन, गांजा और अफीम सहित 8 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ और लगभग 7,000 कैप्सूल नष्ट किए गए। ये सभी पदार्थ 21 NDPS मामलों में जब्त किए गए थे।
मादक पदार्थों का निपटान कहाँ और कैसे किया गया?
निपटान सांबा जिले के अनमोल हेल्थकेयर में नियंत्रित भस्मीकरण (controlled incineration) प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। यह प्रक्रिया पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
रियासी जिला औषधि निपटान समिति में कौन-कौन शामिल थे?
समिति में डिप्टी एसपी मुख्यालय रियासी, डिप्टी एसपी डीएआर डीपीएल रियासी, डिप्टी एसपी एएनटीएफ और डिप्टी एसपी सीआईडी सीआई शामिल थे। समिति की अध्यक्षता रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने की।
जम्मू-कश्मीर में इस तरह के अभियान क्यों चलाए जाते हैं?
जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर समस्या है, इसलिए जब्त पदार्थों का समयबद्ध और सुरक्षित निपटान ज़रूरी है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि ये पदार्थ पुनः बाज़ार में न पहुँचें और न्यायिक प्रक्रिया भी सुचारु रहे।
राष्ट्र प्रेस
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