मुथाठी में कावेरी नदी का कहर: लड़की को बचाने उतरे परिजन एक-एक कर डूबे, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल मुथाठी पर 25 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें बेंगलुरु के बयादरहल्ली इलाके के एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पाँच लोगों की कावेरी नदी की तेज धारा में डूबने से मौत हो गई। इकलौते जीवित बचे रवि ने गुरुवार को घटना का मर्मांतक ब्यौरा दिया — कैसे कुछ ही मिनटों में उनका पूरा परिवार आँखों के सामने बह गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रवि के अनुसार, परिवार कब्बाला में आयोजित एक विवाहोपरांत भोज कार्यक्रम (बीगरा ऊटा) में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। रास्ते में परिवार ने मुथाठी स्थित कब्बालम्मा मंदिर और मुथाठीराया मंदिर के दर्शन किए और फिर नदी किनारे पहुँचे।
रवि ने बताया, 'मंदिर दर्शन के बाद हम नदी किनारे गए और पानी में खेल रहे थे। तभी मेरी बहन विजयम्मा का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गईं। उन्हें बचाने के लिए मेरी पत्नी श्वेता, बेटी चैत्रा और बहन की बेटी प्रियंका नदी में उतर गईं, लेकिन तेज बहाव में वे भी बह गईं।'
परिवार के चालक और करीबी मित्र महेश ने भी तत्काल नदी में छलाँग लगाई, लेकिन वे भी तेज धारा की चपेट में आ गए। रवि ने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल पास खड़े एक बच्चे को सौंपा और खुद भी नदी में कूद पड़े, परंतु धारा में फँस गए। सौभाग्य से वहाँ मौजूद मछुआरों ने उन्हें बाहर निकाल लिया — बाकी पाँचों को नहीं बचाया जा सका।
मृतकों का परिचय
हादसे में जान गँवाने वाले पाँच लोगों में विजयम्मा (50 वर्ष), श्वेता (38 वर्ष), चैत्रा (20 वर्ष), प्रियंका (28 वर्ष) और परिवार के चालक व मित्र महेश शामिल हैं। सभी बेंगलुरु के बयादरहल्ली इलाके के निवासी थे। उपायुक्त के अनुसार हादसा बुधवार शाम करीब 4:30 बजे उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य नदी किनारे फोटो खिंचवा रहे थे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मांड्या के उपायुक्त डॉ. कुमार गुरुवार को मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MIMS) अस्पताल पहुँचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पत्रकारों को बताया, 'परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गँवा बैठे — यह बेहद दुखद घटना है।'
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीम ने अभियान चलाकर सभी पाँच शव कावेरी नदी से निकाले और पोस्टमार्टम के लिए MIMS अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मुथाठी में डूबने की घटनाओं का इतिहास
उपायुक्त डॉ. कुमार ने स्वीकार किया कि मुथाठी क्षेत्र में इस तरह की घटनाएँ पहले भी होती रही हैं। उन्होंने बताया, 'पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्ष चार और उससे पहले पाँच डूबने की घटनाएँ दर्ज की गई थीं। औसतन हर साल पाँच से छह लोग इस स्थान पर डूबने का शिकार होते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब जिला प्रशासन पहले ही पुलिस विभाग के साथ सुरक्षा उपायों पर बैठकें कर चुका है और पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं।
पर्यटन सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे से कुछ समय पहले नदी में खेलते हुए मृतकों का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद पर्यटक नदी में उतरते रहे — जो स्थायी निगरानी और बचाव दल की अनुपस्थिति की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में प्रशासन पर इस खतरनाक स्थल पर ठोस सुरक्षा उपाय लागू करने का दबाव बढ़ने की संभावना है।