26 जून 2026
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कावेरी नदी में 5 की मौत: कर्नाटक मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मुथाथी में बैरिकेड और सुरक्षा के आदेश दिए

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कावेरी नदी में 5 की मौत: कर्नाटक मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मुथाथी में बैरिकेड और सुरक्षा के आदेश दिए

सारांश

मांड्या के मुथाथी में कावेरी नदी ने एक ही परिवार से पाँच जानें लीं — और यह इस स्थान पर किसी एक साल की पहली त्रासदी नहीं है। चेतावनी बोर्ड पहले से थे, फिर भी हादसा हुआ। अब मंत्री के आदेश आए हैं — सवाल यह है कि क्या इस बार कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगी।

मुख्य बातें

मुथाथी, मांड्या में कावेरी नदी में 25 जून 2026 की शाम पाँच लोगों की डूबने से मौत हुई।
मृतकों की पहचान विजयम्मा (50) , श्वेता (38) , चैत्रा (20) , प्रियंका (28) और महेश के रूप में हुई — सभी बेंगलुरु के ब्यादराहल्ली के निवासी।
हादसा शाम 4:30 बजे हुआ जब एक व्यक्ति पानी में गिरा और परिवार के सदस्य बचाने की कोशिश में खुद भी डूब गए।
जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बैरिकेड , चेतावनी साइनबोर्ड और प्रवेश प्रतिबंध के आदेश दिए।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस स्थान पर प्रतिवर्ष औसतन 5-6 डूबने की घटनाएँ होती हैं — पिछले वर्ष 4 और उससे पिछले वर्ष 5 घटनाएँ दर्ज।

कर्नाटक के मांड्या जिले में मुथाथी स्थित कावेरी नदी में बुधवार, 25 जून 2026 की शाम हुई दर्दनाक डूबने की घटना में पाँच लोगों की जान चली गई। इस त्रासदी के बाद राज्य के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को जिला प्रशासन को नदी किनारे तत्काल बैरिकेड लगाने और व्यापक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए। मृतक सभी बेंगलुरु के ब्यादराहल्ली क्षेत्र के निवासी थे।

घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी

जिला प्रशासन के अनुसार, यह हादसा बुधवार शाम लगभग 4:30 बजे घटा। पीड़ित कावेरी नदी के किनारे तस्वीरें ले रहे थे, तभी एक व्यक्ति पानी में गिर गया। परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी तेज़ जलधारा की चपेट में आ गए और डूब गए। मांड्या के उपायुक्त कुमार ने इसे 'भावनात्मक लगाव में की गई बचाव कोशिश' का दुखद परिणाम बताया।

मृतकों की पहचान विजयम्मा (50 वर्ष), श्वेता (38 वर्ष), चैत्रा (20 वर्ष), प्रियंका (28 वर्ष) और महेश के रूप में हुई है। उपायुक्त कुमार ने गुरुवार को शवगृह का दौरा कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मंत्री के निर्देश: सुरक्षा के लिए क्या होगा

मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने उपायुक्त कुमार से फोन पर बात कर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने मुथाथी में नदी किनारे बैरिकेड लगाने, पर्यटकों के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करने और खतरनाक स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी साइनबोर्ड लगाने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि निर्धारित और सीमांकित क्षेत्रों को छोड़कर नदी के जल में लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

यह पहली बार नहीं: खतरनाक इतिहास

उपायुक्त कुमार ने स्वीकार किया कि मुथाथी में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष इस स्थान पर चार और उससे पिछले वर्ष पाँच डूबने की घटनाएँ दर्ज की गई थीं। औसतन, इस स्थान पर प्रतिवर्ष पाँच से छह ऐसी घटनाएँ होती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जिला प्रशासन पहले से ही पुलिस विभाग के साथ बैठकें कर चुका था और चेतावनी बोर्ड लगाए जा चुके थे — फिर भी त्रासदी टल नहीं सकी।

आम जनता और पर्यटकों पर असर

कावेरी नदी का मुथाथी क्षेत्र पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। नए प्रतिबंधों के बाद अब यहाँ आने वाले आगंतुकों को केवल निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही जाने की अनुमति होगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट साइनबोर्ड और बैरिकेड लगाए जाने से पर्यटन गतिविधियाँ सीमित होंगी, लेकिन जनसुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

आगे क्या होगा

जिला प्रशासन को मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में तत्काल कार्रवाई करनी होगी। बैरिकेड, साइनबोर्ड और प्रतिबंधित क्षेत्रों की पहचान का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल भौतिक अवरोध पर्याप्त नहीं हैं — मुथाथी जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्थायी जल-सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और जनजागरूकता अभियान भी ज़रूरी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चेतावनी बोर्ड पहले से लगे थे, और फिर भी पाँच जानें गईं। यह सवाल उठता है कि क्या हर बार मंत्री के फोन-निर्देश और बैरिकेड की घोषणा एक रस्म बन चुकी है। स्थायी जल-सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और पर्यटन स्थलों पर संरचनात्मक सुरक्षा ढाँचे की माँग वर्षों से उठती रही है — लेकिन हर त्रासदी के बाद वही चक्र दोहराया जाता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुथाथी कावेरी नदी हादसे में कौन-कौन से लोग मारे गए?
मृतकों की पहचान विजयम्मा (50 वर्ष), श्वेता (38 वर्ष), चैत्रा (20 वर्ष), प्रियंका (28 वर्ष) और महेश के रूप में हुई है। ये सभी बेंगलुरु के ब्यादराहल्ली के निवासी थे।
कावेरी नदी में यह हादसा कैसे हुआ?
25 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे पीड़ित मुथाथी में कावेरी नदी किनारे तस्वीरें ले रहे थे, तभी एक व्यक्ति पानी में गिर गया। परिवार के सदस्यों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी तेज़ जलधारा में बह गए और डूब गए।
मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने क्या-क्या निर्देश दिए हैं?
जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने मुथाथी में नदी किनारे बैरिकेड लगाने, सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करने, चेतावनी साइनबोर्ड लगाने और निर्धारित क्षेत्रों के बाहर नदी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं।
क्या मुथाथी में पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुथाथी में प्रतिवर्ष औसतन 5-6 डूबने की घटनाएँ होती हैं। पिछले वर्ष चार और उससे पिछले वर्ष पाँच ऐसी घटनाएँ दर्ज की गई थीं।
अब इस स्थान पर पर्यटकों के लिए क्या नियम होंगे?
प्रशासन के नए निर्देशों के तहत पर्यटक केवल निर्धारित और सीमांकित सुरक्षित क्षेत्रों में ही जा सकेंगे। खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और स्पष्ट चेतावनी साइनबोर्ड लगाए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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