उत्तर कन्नड़ में थट्टे हक्कलू नदी में डूबे 8 लोग, 7 महिलाएं शामिल; राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में 25 मई 2025 को एक दर्दनाक हादसे में थट्टे हक्कलू नदी में डूबने से एक ही परिवार के कम से कम आठ सदस्यों की जान चली गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल थीं। मृतक शिराली क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और सभी भटकल के निकट नदी में सीपियां एकत्र करने गए थे।
घटना का क्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार को लगभग एक दर्जन लोग सीपियां इकट्ठा करने के लिए नदी में उतरे। अचानक तेज धारा की चपेट में आने से कई लोगों का संतुलन बिगड़ गया। पुलिस के बयान के अनुसार, कम से कम आठ लोगों की डूबने से मौत हुई, जबकि तीन अन्य तेज बहाव में बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन दलों ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय निवासियों ने भी बचाव कार्य में हाथ बंटाया। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल कर नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
राष्ट्रपति मुर्मु का शोक संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, 'कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में हुई इस दुखद दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि की खबर बेहद दुखद है। मैं अपनों को खोने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।'
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया और मुआवजा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'उत्तरा कन्नड़ जिले के भटकल के पास नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के आठ सदस्यों के पानी में डूबकर जान गंवाने की खबर सुनकर मैं अत्यंत व्यथित हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शाश्वत शांति मिले।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह एक अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। मानवीय आधार पर, राज्य सरकार इस आपदा में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार को ₹5 लाख का मुआवजा प्रदान करेगी।' मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का जायजा लेने के भी निर्देश दिए।
आम जनता और परिवार पर असर
यह हादसा एक ही परिवार के लिए अकल्पनीय त्रासदी बनकर आया है। गौरतलब है कि नदियों और समुद्र तटों के किनारे रोज़ी-रोटी के लिए निर्भर परिवारों में इस तरह की दुर्घटनाएं असामान्य नहीं हैं, लेकिन एक ही परिवार के इतने सदस्यों का एक साथ काल-कवलित होना पूरे क्षेत्र को सदमे में छोड़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने शोकाकुल परिवार के साथ संपर्क बनाए रखा है।
आगे क्या
खोज एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है और लापता लोगों का पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹5 लाख प्रति परिवार की अनुग्रह राशि की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इस घटना के बाद नदियों में सीपी संग्रह जैसी गतिविधियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों पर पुनर्विचार की मांग भी उठ सकती है।