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कोलकाता गोदाम हादसा: 9 मौतें, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया गहरा शोक

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कोलकाता गोदाम हादसा: 9 मौतें, राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जताया गहरा शोक

सारांश

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत धंसने से 9 लोगों की जान गई। राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने शोक जताया। PMO ने ₹2 लाख और राज्य ने ₹10 लाख मुआवज़े का ऐलान किया। NDRF और सेना का बचाव अभियान जारी है।

मुख्य बातें

कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से 9 लोगों की मौत , कई घायल और कुछ अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी.
राधाकृष्णन ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया।
PMO ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख की राज्य सहायता का ऐलान किया।
हादसे के 30 मिनट के भीतर बचाव अभियान शुरू; NDRF और भारतीय सेना रात भर राहत कार्य में जुटी रही।

कोलकाता के तारातला इलाके में 25 जून 2025 को निर्माणाधीन गोदाम की छत धंसने से हुए दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है। इस त्रासदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का शोक संदेश

राष्ट्रपति भवन की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि कोलकाता में गोदाम की छत गिरने से हुई मौतों का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी इस हादसे पर दुख जताया और कहा कि वे इस घटना में हुई मौतों से बेहद व्यथित हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

मुआवज़े की घोषणाएँ

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहले ही कर चुका है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को विधानसभा में बयान देते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया।

बचाव अभियान का ब्यौरा

मुख्यमंत्री अधिकारी ने विधानसभा में बताया कि बुधवार दोपहर हादसा होने के 30 मिनट के भीतर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक राहत कार्य कोलकाता पुलिस, राज्य अग्निशमन सेवा और स्थानीय निवासियों ने मिलकर शुरू किया। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और भारतीय सेना के जवान भी अभियान में शामिल हुए।

बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा और गुरुवार को भी राहत अभियान चलता रहा। अधिकारियों के अनुसार अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और मंत्रियों का दौरा

राज्य सरकार की ओर से खेल मंत्री इंद्रनील खान और नगर मामलों एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शुरुआती चरण में उनके घटनास्थल पर पहुंचने से बचाव अभियान में बाधा आ सकती थी, इसलिए उन्होंने पहले प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का प्रबंधन किया और बाद में घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।

आगे क्या होगा

मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान प्राथमिकता के आधार पर जारी है। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब शहरी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। मुआवज़े की दोहरी घोषणाओं — केंद्र और राज्य दोनों की ओर से — के बाद अब ध्यान जाँच और जवाबदेही पर केंद्रित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि निर्माणाधीन इमारत में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कैसे हुई। शहरी निर्माण स्थलों पर लापरवाही के ऐसे हादसे भारत में बार-बार सामने आते हैं, फिर भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया प्रायः मुआवज़े की घोषणाओं के बाद धीमी पड़ जाती है। तारातला हादसे में जाँच की दिशा और दोषियों पर कार्रवाई ही यह तय करेगी कि यह त्रासदी महज एक आँकड़ा बनकर रह जाती है या व्यवस्था में बदलाव का कारण बनती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता तारातला गोदाम हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई अन्य घायल हैं और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है।
मृतकों के परिजनों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
PMO ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
प्रारंभिक बचाव कार्य कोलकाता पुलिस, राज्य अग्निशमन सेवा और स्थानीय निवासियों ने शुरू किया। बाद में NDRF और भारतीय सेना के जवान भी अभियान में शामिल हुए और बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस हादसे पर क्या कहा?
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी संदेश में राष्ट्रपति मुर्मु ने कोलकाता में गोदाम की छत गिरने से हुई मौतों को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
हादसे के बाद राज्य सरकार ने कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दी?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार हादसा होने के 30 मिनट के भीतर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था। खेल मंत्री इंद्रनील खान और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे, इसके बाद अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौके पर आए।
राष्ट्र प्रेस
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