3 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के 8 मछुआरे लापता, चंद्रबाबू नायडू ने तलाश तेज करने के दिए आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के 8 मछुआरे लापता, चंद्रबाबू नायडू ने तलाश तेज करने के दिए आदेश

सारांश

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के आठ मछुआरे 3 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में लापता हैं — 15 दिन से अधिक बीत चुके हैं और कोई सुराग नहीं। CM चंद्रबाबू नायडू ने तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन को समन्वित खोज अभियान तेज करने का आदेश दिया है।

मुख्य बातें

अंबेडकर कोनसीमा जिले के 8 मछुआरे 3 अगस्त 2026 से बंगाल की खाड़ी में लापता हैं।
मछुआरे ओडालारेवु जेट्टी से निकले थे और 12 अगस्त तक वापस लौटने वाले थे।
परिवारों से आखिरी संपर्क 3 अगस्त को सुबह 11 बजे हुआ था; तब से कोई संपर्क नहीं।
भारतीय तटरक्षक बल के पोत समुद्र में खोज अभियान चला रहे हैं; काकीनाडा , विशाखापत्तनम और पारादीप की नौकाओं को भी अलर्ट किया गया।
CM चंद्रबाबू नायडू ने 18 अगस्त को समीक्षा बैठक कर सभी संसाधन झोंकने का निर्देश दिया।
पिछले महीने विशाखापत्तनम में नाव पलटने से 6 मछुआरों की मौत हुई थी; परिवारों को ₹10-10 लाख अनुग्रह राशि दी गई थी।

आंध्र प्रदेश के बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के आठ मछुआरे 3 अगस्त 2026 से बंगाल की खाड़ी में लापता हैं, और उनकी तलाश में भारतीय तटरक्षक बल के पोत समुद्र में सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार, 18 अगस्त को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर खोज अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया।

घटनाक्रम: कब और कहाँ से निकले थे मछुआरे

अल्लावरम मंडल के ओडालारेवु, डुम्मलापेटा और वसलाटिप्पा गाँवों के ये आठ मछुआरे 3 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे ओडालारेवु जेट्टी से नाव लेकर समुद्र में निकले थे। परिवार के सदस्यों से उनकी आखिरी बातचीत उसी दिन सुबह करीब 11 बजे फोन पर हुई थी। अधिकारियों के अनुमान के अनुसार नाव उस दिन शाम करीब 6 बजे मछली पकड़ने के क्षेत्र में पहुँची होगी।

मछुआरों को 12 अगस्त तक वापस लौटना था, परंतु निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी नाव और उसके सवार मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला। नाव में मोबाइल फोन के अलावा वीएचएफ सेट भी मौजूद था, फिर भी किसी भी माध्यम से संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

तलाश अभियान: कौन-कौन सी एजेंसियाँ जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल को अलर्ट किया और विशेष खोज अभियान शुरू किया गया। तटरक्षक बल के कमांडेंट को सूचित किया गया है और तटरक्षक पोत समुद्र में लापता नाव की तलाश कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त काकीनाडा, भैरवापलेम, विशाखापत्तनम और पारादीप की मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी अलर्ट किया गया है, ताकि लापता नाव के बारे में कोई सूचना मिल सके।

मुख्यमंत्री की समीक्षा और निर्देश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 18 अगस्त को अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की। उन्होंने खोज अभियान को और तेज करने तथा मछुआरों और नाव का पता चलने तक अभियान जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया और कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाए।

नायडू ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और खोज अभियान की प्रगति से उन्हें अवगत कराते रहने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

पृष्ठभूमि: पिछले महीने भी हुई थी दुखद घटना

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में समुद्री दुर्घटनाओं की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। पिछले महीने विशाखापत्तनम में गंगावरम तट से करीब 10 समुद्री मील दूर एक मछली पकड़ने वाली नाव पलट जाने से छह मछुआरों की मौत हो गई थी।

वह नाव सात मछुआरों को लेकर 1 जुलाई को समुद्र में गई थी और 4 जुलाई को तट पर लौटते समय पलट गई थी। एक मछुआरे को एक मालवाहक जहाज के चालक दल ने बचाया था और 6 जुलाई को तट पर लाया गया था। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने चार दिन तक व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाया, परंतु शेष मछुआरों का पता नहीं चल सका और 8 जुलाई को अभियान बंद कर दिया गया। राज्य सरकार ने मृत छह मछुआरों के परिवारों को ₹10-10 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की थी।

आगे क्या होगा

फिलहाल खोज अभियान जारी है और तटरक्षक पोत समुद्र में लापता नाव की तलाश कर रहे हैं। गौरतलब है कि लापता होने के बाद से अब तक 15 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, जिससे परिवारों की चिंता और गहरी हो गई है। मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 3 अगस्त के बाद संपर्क क्यों टूटा — और क्या तटीय निगरानी तंत्र में कोई चूक हुई। मछुआरों की सुरक्षा के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग और समुद्री मौसम चेतावनी प्रणाली को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठते हैं।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल की खाड़ी में कौन से मछुआरे लापता हैं और कब से?
आंध्र प्रदेश के बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के अल्लावरम मंडल के ओडालारेवु, डुम्मलापेटा और वसलाटिप्पा गाँवों के आठ मछुआरे 3 अगस्त 2026 से लापता हैं। वे ओडालारेवु जेट्टी से निकले थे और 12 अगस्त तक वापस आने वाले थे।
लापता मछुआरों की तलाश के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
भारतीय तटरक्षक बल के पोत समुद्र में खोज अभियान चला रहे हैं और तटरक्षक कमांडेंट को सूचित किया गया है। काकीनाडा, भैरवापलेम, विशाखापत्तनम और पारादीप की मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी अलर्ट किया गया है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने इस मामले में क्या कहा?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 18 अगस्त को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और खोज अभियान तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और सभी उपलब्ध संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।
आंध्र प्रदेश में इससे पहले भी मछुआरों के साथ ऐसी घटना हुई थी?
हाँ, पिछले महीने विशाखापत्तनम में गंगावरम तट से करीब 10 समुद्री मील दूर एक नाव पलटने से छह मछुआरों की मौत हो गई थी। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने चार दिन तक खोज अभियान चलाया था और राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹10-10 लाख की अनुग्रह राशि दी थी।
लापता मछुआरों के परिवारों को क्या सहायता मिल रही है?
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और खोज अभियान की प्रगति की जानकारी देते रहें। सरकार ने परिवारों को आश्वस्त किया है कि वह उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले