24 सितंबर 2026
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बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन आंध्र तट से टकराया, कलिंगपट्टनम-पोलाकी में भारी बारिश

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बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन आंध्र तट से टकराया, कलिंगपट्टनम-पोलाकी में भारी बारिश

सारांश

बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन गुरुवार तड़के आंध्र तट से टकराया — 80 जगहों पर 100 मिमी से ज्यादा बारिश, 9 NDRF-SDRF टीमें तैनात, मुख्यमंत्री नायडू ने कलेक्टरों को 48 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

डीप डिप्रेशन ने 24 सितंबर 2026 की रात 11 बजे से 1 बजे के बीच कलिंगपट्टनम और पोलाकी के बीच आंध्र तट को पार किया।
हवा की अधिकतम गति 55-65 किमी/घंटा , झोंकों में 75 किमी/घंटा ; पिछले 24 घंटों में 80 स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा।
प्रणाली अगले 12 घंटों तक 'सीवियर डिप्रेशन' बनी रहेगी, उसके बाद 24 घंटों में कमजोर होगी।
NDRF की 4 और SDRF की 5 टीमें प्रभावित जिलों में तैनात।
चंद्रबाबू नायडू ने कलेक्टरों को गुरुवार-शुक्रवार हाई अलर्ट पर रहने और जान-माल की सुरक्षा के निर्देश दिए।
7 जिलों में शिक्षण संस्थान बंद; आपात नंबर 112 , 1070 और 18004250101 सक्रिय।

बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 की तड़के कलिंगपट्टनम और पोलाकी के बीच उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के तट से टकराते हुए व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया और सड़क यातायात बाधित हो गया।

लैंडफॉल की स्थिति और हवा की रफ्तार

आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, लैंडफॉल बुधवार रात 11 बजे से गुरुवार तड़के 1 बजे के बीच हुआ और यह प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली। लैंडफॉल कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के निकट दर्ज किया गया।

इस दौरान हवा की अधिकतम गति 55-65 किमी प्रति घंटा रही, जो झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटा तक पहुँची। पिछले 24 घंटों में 80 से अधिक स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई — जो इस मौसम में उत्तरी आंध्र तट पर एकल-घटना वर्षा के लिहाज से उल्लेखनीय है।

मौसम प्रणाली का आगामी रुझान

APSDMA के अनुसार, पिछले छह घंटों में यह दबाव 3 किमी प्रति घंटा की धीमी गति से आगे बढ़ा। अगले 12 घंटों तक यह 'सीवियर डिप्रेशन' (गंभीर दबाव) के रूप में बना रहने की संभावना है, जिसके बाद 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है।

गुरुवार को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, मन्यम और अल्लूरी सीताराम राजू जिलों के अलावा पोलावरम, विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली और काकीनाडा जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

राहत एवं बचाव कार्य

प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए श्रीकाकुलम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चार और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की पाँच टीमें तैनात की हैं। समुद्र में गए मछुआरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।

APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों से लैंडफॉल के बाद 48 घंटों तक सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के खतरे के प्रति आगाह किया। आपात स्थिति में नागरिक टोल-फ्री नंबर 112 और 1070 पर संपर्क कर सकते हैं; राज्य कंट्रोल रूम का नंबर 18004250101 है।

मुख्यमंत्री की हस्तक्षेप और निर्देश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टरों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया कि जब तक बारिश कम न हो जाए, गुरुवार और शुक्रवार तक हाई अलर्ट बनाए रखें और जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

नायडू ने अधिकारियों को जलाशयों और नदियों में पानी के बहाव का आकलन करने और जमीनी स्तर पर समय रहते निर्देश जारी करने को कहा। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रभावित इलाकों में पानी, भोजन, दवा और बिजली की आपूर्ति बाधित न हो।

गौरतलब है कि शिक्षण संस्थानों के लिए श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मन्यम, विशाखापत्तनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और एलुरु जिलों में छुट्टी घोषित की गई है। अगले 48 घंटे आंध्र तट के लिए निर्णायक रहेंगे और प्रशासन की तैयारी की असली परीक्षा तब होगी जब यह प्रणाली भीतरी इलाकों में कमजोर पड़ने लगेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी निचले इलाकों में जलभराव और संचार बाधा की समस्याएँ बार-बार उजागर होती हैं। इस बार NDRF-SDRF की त्वरित तैनाती और मुख्यमंत्री की सीधी टेलीकॉन्फ्रेंस सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब यह प्रणाली कमजोर पड़कर भीतरी जिलों में धीमी गति से बारिश देने लगेगी — जो अक्सर तटीय लैंडफॉल से भी अधिक नुकसानदेह साबित होती है। 80 स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा का आँकड़ा बताता है कि बुनियादी ढाँचे पर दबाव पहले से बन चुका है; जलाशयों और गोदावरी बेसिन की निगरानी अगले 48 घंटों में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश में आया डीप डिप्रेशन क्या है और यह कब तट से टकराया?
बंगाल की खाड़ी में बना यह गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) 24 सितंबर 2026 की रात 11 बजे से तड़के 1 बजे के बीच कलिंगपट्टनम और पोलाकी के बीच उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। लैंडफॉल प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली।
कलिंगपट्टनम लैंडफॉल से कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं, जहाँ निचले इलाकों में जलभराव और सड़क यातायात बाधित होने की खबरें हैं। गुरुवार को मन्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, पोलावरम और काकीनाडा में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
डीप डिप्रेशन अगले 24-48 घंटों में कितना खतरनाक रहेगा?
APSDMA के अनुसार यह प्रणाली अगले 12 घंटों तक 'सीवियर डिप्रेशन' के रूप में बनी रहेगी और उसके बाद के 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होगी। APSDMA के एमडी प्रखर जैन ने लैंडफॉल के बाद 48 घंटों तक सतर्क रहने की अपील की है।
प्रभावित इलाकों में राहत के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
NDRF की 4 और SDRF की 5 टीमें श्रीकाकुलम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली जिलों में तैनात की गई हैं। आपात सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 112, 1070 और 18004250101 सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस आपदा पर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर गुरुवार और शुक्रवार तक हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने जान-माल की सुरक्षा, जलाशयों की निगरानी और प्रभावित इलाकों में पानी, भोजन, दवा व बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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