नेपाल में भीषण बाढ़: रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में 7 की मौत, दर्जनों लापता — रेस्क्यू जारी
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, नुवाकोट में चार और धाडिंग में तीन शव बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बागमती प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी ने शवों के मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'हमने इलाज के लिए दो घायलों को काठमांडू भेजा है।' नेपाली सेना के प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका था।
उत्तरी रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के निकट एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के 4 जवान बाढ़ की चपेट में आने के बाद से लापता हैं। एपीएफ के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया, 'बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है,' और साथ ही कहा कि अधिकारी अभी यह पता लगा रहे हैं कि लापता जवान सीधे बाढ़ से प्रभावित हुए या नहीं।
स्थानीय मीडिया में आई अपुष्ट खबरों के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। इसके अतिरिक्त, 32 पुलिस जवान भी अभी तक संपर्क में नहीं आए हैं।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
बाढ़ ने नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घरों को बहा दिया और दो पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया। तटीय बस्तियों में स्थिति गंभीर बनी हुई है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
बचाव अभियान
नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और नेपाल पुलिस को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। खोज और बचाव अभियान में 14 हेलिकॉप्टर भी शामिल किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन के दौरान नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष भारी तबाही मचाती हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित जिलों के संघीय सांसदों के साथ बैठक की। इससे पहले, उन्होंने 'आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद' की उच्च-स्तरीय बैठक बुलाकर बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री शाह ने प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और संबंधित निकायों को निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा विस्थापित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि रसुवा जिला नेपाल-चीन सीमा से सटा संवेदनशील क्षेत्र है, जहाँ बाढ़ के कारण सीमा चौकियों और आवाजाही पर असर पड़ सकता है। बचाव दल लापता जवानों और नागरिकों की तलाश में जुटे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।