26 अगस्त 2026
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नेपाल में भीषण बाढ़: रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में 7 की मौत, दर्जनों लापता — रेस्क्यू जारी

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नेपाल में भीषण बाढ़: रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में 7 की मौत, दर्जनों लापता — रेस्क्यू जारी

सारांश

नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में अचानक आई भीषण बाढ़ ने 7 जानें ले लीं और दर्जनों को लापता कर दिया — इनमें नेपाल-चीन सीमा पर तैनात एपीएफ के 4 जवान भी शामिल हैं। 14 हेलिकॉप्टर और तीनों सुरक्षा बलों के साथ बचाव अभियान जारी है।

मुख्य बातें

नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ में 7 लोगों की मौत की पुष्टि।
नुवाकोट में 4 और धाडिंग में 3 शव बरामद; 2 घायलों को काठमांडू भेजा गया।
नेपाल-चीन सीमा पर तैनात एपीएफ के 4 जवान लापता; रसुवा कस्टम्स के 14 कर्मचारी और 32 पुलिस जवान भी संपर्क से बाहर (अपुष्ट)।
बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया; 14 हेलिकॉप्टर अभियान में तैनात।
नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास 60 घर बहे, 2 पुल क्षतिग्रस्त।
प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा परिषद की बैठक बुलाई और प्रभावित जिलों के सांसदों से स्थिति की समीक्षा की।

नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में 26 अगस्त 2026 को अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, नुवाकोट में चार और धाडिंग में तीन शव बरामद किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बागमती प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी ने शवों के मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'हमने इलाज के लिए दो घायलों को काठमांडू भेजा है।' नेपाली सेना के प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका था।

उत्तरी रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के निकट एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के 4 जवान बाढ़ की चपेट में आने के बाद से लापता हैं। एपीएफ के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया, 'बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है,' और साथ ही कहा कि अधिकारी अभी यह पता लगा रहे हैं कि लापता जवान सीधे बाढ़ से प्रभावित हुए या नहीं।

स्थानीय मीडिया में आई अपुष्ट खबरों के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। इसके अतिरिक्त, 32 पुलिस जवान भी अभी तक संपर्क में नहीं आए हैं।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान

बाढ़ ने नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घरों को बहा दिया और दो पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया। तटीय बस्तियों में स्थिति गंभीर बनी हुई है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

बचाव अभियान

नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और नेपाल पुलिस को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। खोज और बचाव अभियान में 14 हेलिकॉप्टर भी शामिल किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन के दौरान नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष भारी तबाही मचाती हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित जिलों के संघीय सांसदों के साथ बैठक की। इससे पहले, उन्होंने 'आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद' की उच्च-स्तरीय बैठक बुलाकर बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री शाह ने प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और संबंधित निकायों को निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा विस्थापित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि रसुवा जिला नेपाल-चीन सीमा से सटा संवेदनशील क्षेत्र है, जहाँ बाढ़ के कारण सीमा चौकियों और आवाजाही पर असर पड़ सकता है। बचाव दल लापता जवानों और नागरिकों की तलाश में जुटे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी तटीय बस्तियों की भेद्यता और सीमावर्ती चौकियों की तैयारी पर सवाल बने रहते हैं। रसुवा में एपीएफ जवानों का लापता होना और कस्टम्स कर्मचारियों से संपर्क टूटना यह दर्शाता है कि संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में आपदा-पूर्व चेतावनी तंत्र अभी भी पर्याप्त नहीं है। सरकार की उच्च-स्तरीय बैठकें और निर्देश स्वागतयोग्य हैं, लेकिन असली जवाबदेही इसमें है कि 60 घर बहने और दो पुल टूटने के बाद भी क्यों निचले इलाकों की बस्तियाँ पहले से नहीं खाली कराई गईं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में बाढ़ से कितने लोगों की मौत हुई और कहाँ?
नेपाल पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को आई बाढ़ में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है — नुवाकोट में 4 और धाडिंग में 3 शव मिले हैं। 2 घायलों को इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है।
नेपाल बाढ़ में कितने लोग लापता हैं?
अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारी और 32 पुलिस जवान संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा, नेपाल-चीन सीमा पर तैनात एपीएफ के 4 जवान भी बाढ़ के बाद से लापता हैं।
नेपाल बाढ़ में बचाव अभियान कैसे चल रहा है?
नेपाली सेना , एपीएफ और नेपाल पुलिस को तैनात किया गया है और 14 हेलिकॉप्टर खोज व बचाव अभियान में लगाए गए हैं। बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका था।
नेपाल सरकार ने बाढ़ पर क्या कदम उठाए हैं?
प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने 'आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद' की आपात बैठक बुलाई और प्रभावित जिलों — रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन — के सांसदों से स्थिति की समीक्षा की। निचले तटीय इलाकों को खाली कराने और विस्थापितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल बाढ़ में बुनियादी ढाँचे को कितना नुकसान हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार, नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घर बाढ़ में बह गए और 2 पुल क्षतिग्रस्त हो गए। तटीय बस्तियों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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