16 जुलाई 2026
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हरमनप्रीत की कप्तानी के पक्ष में निरंजना नागराजन, बोलीं — मिडिल ऑर्डर में चाहिए पावर हिटर्स

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हरमनप्रीत की कप्तानी के पक्ष में निरंजना नागराजन, बोलीं — मिडिल ऑर्डर में चाहिए पावर हिटर्स

सारांश

टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद हरमनप्रीत की कप्तानी पर उठे सवालों के बीच पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने उनका खुलकर बचाव किया। नागराजन का कहना है कि समस्या नेतृत्व में नहीं, मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की कमी में है।

मुख्य बातें

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने हरमनप्रीत कौर की टी20 कप्तानी बरकरार रखने का समर्थन किया।
भारतीय महिला टीम महिला टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई — यह लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल से चूकना है।
नागराजन के अनुसार टीम की असली कमज़ोरी मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की अनुपस्थिति है, न कि कप्तानी।
2028 टी20 विश्व कप तक हरमनप्रीत की उम्र 39 वर्ष होगी, जिसे लेकर कप्तानी बदलाव की माँग उठ रही है।
हेड कोच अमोल मजूमदार की अगुआई में वनडे और टेस्ट में भारत का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने 16 जुलाई को स्पष्ट किया कि हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टी20 कप्तानी से नहीं हटाया जाना चाहिए। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत के ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने के बाद हरमनप्रीत की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन नागराजन का मानना है कि असल कमज़ोरी कप्तानी में नहीं, बल्कि मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की अनुपस्थिति में है।

विश्व कप विफलता और कप्तानी विवाद

भारतीय महिला टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँचने में नाकाम रही। इस प्रदर्शन के बाद से हरमनप्रीत की कप्तानी बदलने की माँग तेज़ हो गई है। आलोचकों का एक बड़ा तर्क यह भी है कि 2028 के टी20 विश्व कप तक हरमनप्रीत की उम्र 39 वर्ष हो जाएगी, जिससे उनके भविष्य की योजना पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

निरंजना का हरमनप्रीत के पक्ष में तर्क

निरंजना नागराजन ने हरमनप्रीत का बचाव करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि हरमनप्रीत अच्छा काम कर रही हैं। समस्या यही है कि एक हार और सब कुछ सामने आ जाता है। हरमनप्रीत ने वनडे वर्ल्ड कप जीता, तो क्यों न एक टूर्नामेंट के लिए उनका समर्थन किया जाए? उन्हें वह स्पेस दें। आखिरकार वे सभी एक ही दौर से गुजर रहे हैं। हम सभी इंसान हैं और गलतियाँ करते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'पिछले 7-8 वर्षों में वह भारत के लिए एक कप्तान के तौर पर डटी रही हैं। बतौर कप्तान उनका प्रदर्शन कभी खराब नहीं रहा। यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वही डटी रही थीं। कप्तानी का उन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ रहा है। कोच भी उनकी कप्तानी से काफी खुश हैं।'

चयनकर्ताओं पर छोड़ा अंतिम फैसला

नागराजन ने कप्तानी बदलाव को लेकर अपनी राय साफ करते हुए कहा, 'यह तय करना चयनकर्ताओं का काम है कि उन्हें कप्तान बदलना चाहिए या नहीं। हालाँकि मेरी राय में अभी इसकी जरूरत नहीं है। टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है और कर रही है। उनकी कप्तानी में टीम ऐतिहासिक नतीजे दे रही है।'

गौरतलब है कि हरमनप्रीत कौर और हेड कोच अमोल मजूमदार के नेतृत्व में भारत का वनडे और टेस्ट मैचों में प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। हालाँकि टी20 इंटरनेशनल में बार-बार की विफलताएँ टीम की आलोचना का मुख्य कारण बनी हुई हैं।

टीम की असली कमज़ोरी: पावर हिटर्स की दरकार

नागराजन ने इस धारणा को सिरे से नकार दिया कि टीम किसी मानसिक रुकावट (मेंटल ब्लॉक) से जूझ रही है या आधुनिक टी20 क्रिकेट की रफ्तार से पीछे है। उन्होंने कहा, 'नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। मेरे नजरिए से हमें मिडिल ऑर्डर में कुछ और बड़े हिटर्स की जरूरत है। जब आप ग्लोबल स्तर पर टी20 में असर डालना चाहते हैं, तो हमें 7वें और 15वें ओवर के बीच रनों की रफ्तार बढ़ाने वाले पावर हिटर्स चाहिए, ताकि हरमनप्रीत पर दबाव कम हो।'

आगे की राह

भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को लेकर यह बहस अब चयन समिति के दरवाज़े तक पहुँच चुकी है। विशेषज्ञों की राय में अगर 2028 टी20 विश्व कप से पहले मिडिल ऑर्डर को मज़बूत किया जाए और नए पावर हिटर्स को तैयार किया जाए, तो हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को टाल देता है — क्या भारतीय महिला क्रिकेट बोर्ड ने पिछले दो विश्व कप चक्रों में पावर हिटर्स तैयार करने की दिशा में कोई ठोस काम किया? हरमनप्रीत की व्यक्तिगत प्रतिभा और नेतृत्व निर्विवाद है, लेकिन टी20 में लगातार विफलता सिस्टम की खामियों की ओर इशारा करती है। असली बहस कप्तान बदलने की नहीं, बल्कि घरेलू ढाँचे में टी20 विशेषज्ञ बल्लेबाज़ों को पहचानने और निखारने की होनी चाहिए।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निरंजना नागराजन ने हरमनप्रीत की कप्तानी के बारे में क्या कहा?
निरंजना नागराजन ने कहा कि हरमनप्रीत कौर को टी20 कप्तान बने रहना चाहिए क्योंकि पिछले 7-8 वर्षों में उनका नेतृत्व प्रदर्शन खराब नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम की विफलता का कारण कप्तानी नहीं, बल्कि मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की कमी है।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत क्यों बाहर हुआ?
भारतीय महिला टीम महिला टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज में ही हारकर बाहर हो गई, जो लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल तक न पहुँच पाने की विफलता है। विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ओवरों में रन-रेट बढ़ाने में असमर्थता एक प्रमुख कारण रही।
क्या हरमनप्रीत कौर की कप्तानी बदली जाएगी?
अभी तक चयनकर्ताओं की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय नहीं आया है। निरंजना नागराजन समेत कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि फिलहाल कप्तानी बदलने की जरूरत नहीं है, हालाँकि 2028 विश्व कप तक हरमनप्रीत की उम्र 39 वर्ष होने के कारण यह बहस जारी रहने की संभावना है।
भारतीय महिला टी20 टीम की सबसे बड़ी कमज़ोरी क्या है?
निरंजना नागराजन के अनुसार टीम की सबसे बड़ी कमज़ोरी मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की अनुपस्थिति है। उनका कहना है कि 7वें से 15वें ओवर के बीच रन-रेट बढ़ाने वाले बल्लेबाज़ों की ज़रूरत है ताकि हरमनप्रीत पर दबाव कम हो सके।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है?
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने वनडे विश्व कप जीता है और वनडे व टेस्ट प्रारूप में अच्छे परिणाम दिए हैं। हालाँकि टी20 इंटरनेशनल में लगातार विफलताएँ उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े करती रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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