हरमनप्रीत की कप्तानी के पक्ष में निरंजना नागराजन, बोलीं — मिडिल ऑर्डर में चाहिए पावर हिटर्स
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने 16 जुलाई को स्पष्ट किया कि हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टी20 कप्तानी से नहीं हटाया जाना चाहिए। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत के ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने के बाद हरमनप्रीत की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन नागराजन का मानना है कि असल कमज़ोरी कप्तानी में नहीं, बल्कि मिडिल ऑर्डर में पावर हिटर्स की अनुपस्थिति में है।
विश्व कप विफलता और कप्तानी विवाद
भारतीय महिला टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँचने में नाकाम रही। इस प्रदर्शन के बाद से हरमनप्रीत की कप्तानी बदलने की माँग तेज़ हो गई है। आलोचकों का एक बड़ा तर्क यह भी है कि 2028 के टी20 विश्व कप तक हरमनप्रीत की उम्र 39 वर्ष हो जाएगी, जिससे उनके भविष्य की योजना पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
निरंजना का हरमनप्रीत के पक्ष में तर्क
निरंजना नागराजन ने हरमनप्रीत का बचाव करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि हरमनप्रीत अच्छा काम कर रही हैं। समस्या यही है कि एक हार और सब कुछ सामने आ जाता है। हरमनप्रीत ने वनडे वर्ल्ड कप जीता, तो क्यों न एक टूर्नामेंट के लिए उनका समर्थन किया जाए? उन्हें वह स्पेस दें। आखिरकार वे सभी एक ही दौर से गुजर रहे हैं। हम सभी इंसान हैं और गलतियाँ करते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'पिछले 7-8 वर्षों में वह भारत के लिए एक कप्तान के तौर पर डटी रही हैं। बतौर कप्तान उनका प्रदर्शन कभी खराब नहीं रहा। यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वही डटी रही थीं। कप्तानी का उन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ रहा है। कोच भी उनकी कप्तानी से काफी खुश हैं।'
चयनकर्ताओं पर छोड़ा अंतिम फैसला
नागराजन ने कप्तानी बदलाव को लेकर अपनी राय साफ करते हुए कहा, 'यह तय करना चयनकर्ताओं का काम है कि उन्हें कप्तान बदलना चाहिए या नहीं। हालाँकि मेरी राय में अभी इसकी जरूरत नहीं है। टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है और कर रही है। उनकी कप्तानी में टीम ऐतिहासिक नतीजे दे रही है।'
गौरतलब है कि हरमनप्रीत कौर और हेड कोच अमोल मजूमदार के नेतृत्व में भारत का वनडे और टेस्ट मैचों में प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। हालाँकि टी20 इंटरनेशनल में बार-बार की विफलताएँ टीम की आलोचना का मुख्य कारण बनी हुई हैं।
टीम की असली कमज़ोरी: पावर हिटर्स की दरकार
नागराजन ने इस धारणा को सिरे से नकार दिया कि टीम किसी मानसिक रुकावट (मेंटल ब्लॉक) से जूझ रही है या आधुनिक टी20 क्रिकेट की रफ्तार से पीछे है। उन्होंने कहा, 'नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। मेरे नजरिए से हमें मिडिल ऑर्डर में कुछ और बड़े हिटर्स की जरूरत है। जब आप ग्लोबल स्तर पर टी20 में असर डालना चाहते हैं, तो हमें 7वें और 15वें ओवर के बीच रनों की रफ्तार बढ़ाने वाले पावर हिटर्स चाहिए, ताकि हरमनप्रीत पर दबाव कम हो।'
आगे की राह
भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को लेकर यह बहस अब चयन समिति के दरवाज़े तक पहुँच चुकी है। विशेषज्ञों की राय में अगर 2028 टी20 विश्व कप से पहले मिडिल ऑर्डर को मज़बूत किया जाए और नए पावर हिटर्स को तैयार किया जाए, तो हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।