विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन: हरमनप्रीत-मिताली समेत 5 भारतीय बल्लेबाज़ों की सूची
सारांश
मुख्य बातें
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के 9 संस्करणों में भारतीय महिला क्रिकेटरों ने अपनी बल्लेबाज़ी से अमिट छाप छोड़ी है। ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक 6 खिताब जीते हैं, जबकि इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूज़ीलैंड ने 1-1 बार ट्रॉफी उठाई है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाली 5 भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ उल्लेखनीय हैं।
हरमनप्रीत कौर — शीर्ष पर संयुक्त दावेदार
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत ही वर्ल्ड कप से की थी और तब से वे हर संस्करण में टीम की धुरी रही हैं। कौर ने 39 टी20 वर्ल्ड कप मैचों में 25.03 की औसत से 726 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। वे इस सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर हैं और आगामी विश्व कप में 1,000 रन का ऐतिहासिक आँकड़ा छूने की दहलीज़ पर खड़ी हैं।
मिताली राज — औसत में सबसे आगे
दिग्गज बल्लेबाज़ मिताली राज हरमनप्रीत के साथ संयुक्त शीर्ष पर हैं। मिताली ने 24 मुकाबलों में 40.33 की बेहतरीन औसत से 726 रन बनाए, जिसमें 5 अर्धशतक शामिल हैं। उनके बल्ले से वर्ल्ड कप में 1 छक्का और 79 चौके निकले हैं — यह उनकी संयमित किंतु प्रभावशाली बल्लेबाज़ी शैली का प्रमाण है।
स्मृति मंधाना — आक्रामकता की मिसाल
साल 2014 से अब तक स्मृति मंधाना ने 25 टी20 वर्ल्ड कप मैचों में 21.83 की औसत से 524 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 अर्धशतकीय पारियाँ खेलीं और वर्ल्ड कप में 11 छक्के व 65 चौके लगाए — जो उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी की पहचान है।
जेमिमा रोड्रिगेज़ — युवा प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन
दाएँ हाथ की बल्लेबाज़ जेमिमा रोड्रिगेज़ ने 2018 से 2024 के बीच 19 टी20 वर्ल्ड कप मुकाबलों में 23.94 की औसत से 407 रन बनाए हैं। गौरतलब है कि इस दौरान उनके बल्ले से 4 अर्धशतक निकले, जो उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं।
पूनम राउत — शुरुआती दौर की मज़बूत कड़ी
पूनम राउत ने 2009 से 2014 के बीच 15 वर्ल्ड कप मुकाबलों में 31.25 की औसत से 375 रन बनाए, जिसमें 3 अर्धशतकीय पारियाँ शामिल रहीं। भारतीय महिला क्रिकेट के शुरुआती वर्ल्ड कप सफ़र में राउत की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम वैश्विक मंच पर लगातार मज़बूत होती जा रही है और इन खिलाड़ियों का रन-रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।